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अखिलेश यादव ने जेब में रखी 'बोतल', योगी बोले 'स्वीडिश ब्रैंड' रखकर कर रहे नौटंकी



लखनऊ, 27 दिसंबर 2021 : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सोमवार को राजधानी के गोमतीनगर स्थि​त जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में जेपीएनआईसी की दुर्दशा देखकर दुख भी होता है तथा भाजपा की विकास विरोधी सोच पर क्षोभ भी। ये परम आदरणीय जय प्रकाश जी का अपमान भी है और स्वतंत्रता व लोकतंत्र के रक्षकों के प्रति कुंठित भाजपाई सोच का प्रमाण भी। भाजपा स्वतंत्रता व लोकतंत्र की विरोधी है।


इस दौरान उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से इसकी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में अखिलेश यादव अपनी सरकार में निर्माणाधीन जेपीएनआईसी को देखते नजर आ रहे हैं। दरअसल ये प्रोजेक्ट बजट जारी नहीं होने की वजह से अभी भी अधूरा है। तस्वीरों में अखिलेश यादव हाथ में कुल्हड़ पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक तस्वीर में उनकी काली जैकेट की दाहिनी जेब से 'बोतल' झांक रही है। ये तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और इसे लेकर भाजपा ने अखिलेश यादव पर तंज कसा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतापगढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए 'बोतल' के लिए सपा अध्यक्ष की चुटकी ले ली।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इत्र कारोबारी पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौत स्थित ठिकानों पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की रेड में करोड़ों की नकदी, सोना आदि बरामद होने को लेकर सपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 'देखा आपने समाजवादी पार्टी के नेताओं के घरों की दीवारों से भी देवी लक्ष्मी अब निकलने लग गई हैं। नोटों की गड्डियां अनगिनत, गिने नहीं जा रहे हैं। तीन दिन से गिने जा रहे हैं। गिनते-गिनते सभी अधिकारी जब थक गए हैं तो समाजवादी पार्टी के बबुआ अपनी जेब में बोतल लेकर के फिर रहे हैं। अब उनको जनता के सामने जब अपना असली चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है तो स्वीडन में बनी बोतल को अपनी जेब में रख करके एक नई नौटंकी करते दिखाई पड़ रहे हैं।'


मुख्यमंत्री ने कहा, 'जब दीवारों से पैसा निकल रहा है, तब आपको समझ आ रहा होगा कि आखिर बबुआ नोटबंदी का विरोध क्यों कर रहा था। नोटबंदी का विरोध इसलिए करते थे कि काली कमाई सामने आ जाएगी।' मुख्यमंत्री योगी ने कहा, 'जब मंच पर चाचा-भतीजे के बीच मारपीट होती थी, तब प्रदेश की जनता का क्या हाल कर रखा होगा, आप समझ सकते हैं।

पहले एक हैंडपम्प के लिए सिफारिश लगती थी। हैंडपम्प के लिए पिछली सरकारों के नेताओं के पास लोग मजबूर होते थे, 120 गांवों में हम लोग आज पेयजल की सुविधा दे रहे हैं।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस के समय आज घोषणा होती थी, 10 साल बाद शिलान्यास, बनने में 20 साल लगते थे और तब भी बनता था, तो अधूरा रह जाता था। हमारे लिए अधूरे के लिए कोई जगह नहीं है। हमने पूजा की तो पूरे चांद की पूजा की। पूर्णिमा के चांद की पूजा की। मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास पहले साल किया, तो दूसरे साल उसको तैयार कर जनता को समर्पित कर दिया। जो लोग पिछले पांच साल से सत्ता से बाहर हैं, आज उनके यहां घरों की दीवारों से किस तरीके से नोट पकड़े जा रहे हैं, ये देखने को मिल रहा है। पिछली सरकारों में दलालों के माध्यम से पैसा पहुंच जाता था और फिर पैसा इस तरीके से दीवारों में चुनवा दिया जाता था। आज उस पैसे को इनकम टैक्स निकाल रहा है। अब गरीब का पैसा गरीब के घर बनाने में खर्च होगा।''

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