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अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही राज्यमंत्री ने किये बाबा बर्फानी के दर्शन


चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए उपराज्यपाल की जमकर प्रशंसा


प्रदेश की तरक्की व खुशहाली की महादेव से प्रार्थना

जम्मू-कश्मीर/मेरठ, 2 जुलाई 2022 : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष /राज्यमंत्री पंडित सुनील भारद्वाज भराला जम्मू-कश्मीर में बाबा अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही महादेव जी के दर्शन करने के लिए अमरनाथ पहुंचे।



राज्यमंत्री पंडित सुनील भारद्वाज भराला ने कहा की भगवान शंकर जी की वार्षिक बाबा अमरनाथ यात्रा प्रारंभ होते ही महादेव जी का बुलावा आया और वो सीधे महादेव जी के दर्शन करने के लिए अमरनाथ पहुँचे है जहां दुर्गम रास्तों से घोड़े के जरिये यात्रा की तथा लम्बी दूरी पैदल तय कर यात्रा करने के बाद देवों के देव महादेव जी के बाबा अमरनाथ गुफा में बर्फ़ से बनी भगवान शंकर जी दर्शन करने के साथ ही गुफा के प्रागण में ही बैठकर पूजा करने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ।



श्री भराला ने कहा कि ऐसा अद्भुत नज़ारा देख करके बहुत ही सुंदर अनुभूति कर रहा हूँ कामना भी की है महादेव जी उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के कल्याण के लिए योजनाओं का अच्छे से क्रियान्वयन हो व सुख शांति से उत्तरप्रदेश तेजी के साथ बुलंदियों को छुए और अधिकारी इसी संकल्प के साथ मजबूती से कार्य करे साथ ही सरकार की सभी योजनाओं का लाभ हर एक नागरिक तक पहुंचाने का काम करें साथ ही श्री भराला ने कहा कि देशभर से तीर्थयात्री बाबा जी के दर्शन के लिए आ रहे हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि अमरनाथ गुफा में दर्शन करने के बाद हर तीर्थयात्री खुश होकर वापस लौटेगा और उम्मीद है कि सभी की प्रार्थना स्वीकार की जाएगी।



श्री भराला ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस तरह से बाबा अमरनाथ में श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के साथ-साथ सभी को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा रही है उसके लिए आदरणीय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जी का वह दिल से आभार व्यक्त करते हैं साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के प्रति उपराज्यपाल का प्यार दर्शाता है कि मनोज सिन्हा जी की लोकप्रियता इसी के कारण दिन प्रतिदिन तेजी के साथ बढ़ती ही जा रही है।



आपको बतादे के 43 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा पहलगाम में पारंपरिक नुनवान आधार शिविर और छोटे मार्ग बालटाल शिविर से शुरू हुई। कोरोना महामारी के चलते दो साल तक यात्रा नहीं हो पाई थी, तीर्थयात्रा के लिए भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। बालटाल और पहलगाम मार्गों पर सुरक्षा कड़ी की गई है। इसके अलावा ड्रोन और आरएफआईडी चिप्स की मदद से तीर्थयात्रियों के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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