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राजस्थान में मौसम खराब, सीट बदली-नहीं उतरा पायलट का विमान , जादूगर का हुआ आसमान



14 अगस्त को जब जयपुर समेत राजस्थान के तमाम शहर आसमान से बरसते पानी का कहर झेल रहे थे ठीक उसी समय अशोक गहलोत की सरकार विश्वास मत जीतने के बाद आसमान पर छा गई।


सरकार की ओर से विधानसभा में विश्‍वास प्रस्‍ताव पेश किया गया, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से जोरदार बहस हुई। सीएम गहलोत के सदन में अपनी बात रखने के बाद विश्वास प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इसी के साथ स्पीकर सीपी जोशी ने 21 अगस्त सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

प्रदेश सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने विश्वास प्रस्‍ताव को सदन में पेश किया। जिसके बाद इस प्रस्ताव पर विधानसभा में जमकर बहस हुई। दोनों पक्षों की ओर से बात रखे जाने के बाद गहलोत सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास मत हासिल कर लिया। पायलट के मानने और पार्टी में वापसी के बाद गहलोत सरकार का पक्ष पहले से मजबूत नजर आ रहा था। ऐसा इसलिए भी क्योंकि नंबर गेम में सत्ताधारी खेमे में 122 विधायकों का आंकड़ा है।



सत्ताधारी खेमे में 122 तो विपक्ष में 75 विधायक


इनमें 107 विधायक कांग्रेस के हैं। जिनमें बीएसपी के भी 6 विधायक शामिल हैं, जिन्होंने कांग्रेस में विलय किया था। इनके अलावा 5 सहयोगी पार्टियों से हैं और निर्दलीय विधायक भी सरकार के पक्ष में हैं। दूसरी ओर अगर बीजेपी की बात करें तो उनके पक्ष में कुल 75 विधायक हैं। इनमें 72 विधायक बीजेपी के हैं, इसके अलावा 3 विधायक सहयोगी आरएलपी के हैं।


सीट बदलने के मुद्दे पर क्या बोले सचिन पायलट


विधानसभा में सीट बदलने के मुद्दे पर सचिन पायलट ने कहा, 'पहले मैं सरकार का हिस्सा था लेकिन अब मैं सरकार में नहीं हूं। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि कोई कहां बैठता है, लेकिन लोगों के दिल और दिमाग में क्या है। जहां तक बैठने के पैटर्न पर विचार किया जाता है, यह स्पीकर और पार्टी की ओर से तय किया जाता है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।

टीम स्टेट टुडे



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