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अयोध्या में भूमिपूजन से पहले 4 अगस्त 2020 को संघ प्रमुख के अलावा कौन कौन पहुंचा, क्या क्या हुआ



उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन कार्यक्रम शुरू हो चुका है। सुबह 8 बजे से राम अर्चना के साथ हनुमान गढ़ी में पूजा आरंभ हो गई है। बुधवार 5 अगस्त को भूमि पूजन का कार्यक्रम है। पीएम मोदी को रामलला के दर्शन भी करेंगे और 'पारिजात' वृक्ष का रोपण भी करेंगे। PM अयोध्या में 3 घंटे तक रहेंगे। RSS प्रमुख मोहन भागवत और बाबा रामदेव भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। अयोध्या में हो रहे पूजन का सभी अपडेट..

अयोध्या नगरी दीपोत्सव के लिए तैयार हुई। सिर्फ राम की पैड़ी नहीं बल्कि पूरा शहर दीपों से जगमगाएगा। हनुमान गढ़ी जाने वाला रास्ता फूलों से सजाया गया।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अयोध्या पहुंचे। कल वे अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।



5 अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास में शामिल होने के लिए राम मंदिर की भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे। इसके अलावा श्री कांची कामकोटि पीठ (कांची मठ) के शंकराचार्य भी आए हैं।



अयोध्या: 5 अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास में शामिल होने के लिए संत अयोध्या पहुंचे। सभी संतों ने हनुमान गढ़ी मंदिर और सरयू नदी की पूजा की।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत थोड़ी देर पहले लखनऊ से अयोध्या के लिए निकल गए। बुधवार को वे अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।



25 हजार से भी अधिक लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाले मोहम्मद शरीफ को मिला राम जन्मभूमिपूजन कार्यक्रम का निमंत्रण। कहा- स्वास्थ्य ठीक रहा, तो जरूर जाऊंगा।



योग गुरु स्वामी रामदेव अयोध्या पहुंचे। कल राम मंदिर भूमि पूजन में लेंगे हिस्सा।

अयोध्या में शुरू हुआ मेहमानों का आना।अयोध्या एयरपोर्ट पर लैंड हो रहे हेलीकॉप्टर।

बाबा रामदेव,स्वामी अवधेशानंद,चिदानंद मुनि,सुधीर दहिया,राजू स्वामी एक हेलीकॉप्टर से पहुंचे अयोध्या एयरपोर्ट।



ब्रह्मानंद स्वामी,सुरेश पटेल व रितेश डांडिया दूसरे हेलीकॉप्टर से पहुंचे अयोध्या एयरपोर्ट।कल राम मंदिर भूमि पूजन में होंगे शामिल।



अयोध्या में राम मंदिर के 'भूमि पूजन' के मौके पर शहर को लगभग 400 क्विंटल फूलों से सजाया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित मौके के लिए देश के कई शहरों और विदेश से भी फूल मंगाए गए हैं। बेंगलुरु के ग्रामीण इलाकों में उगाए जाने वाले नीले 'अपराजिता' (विष्णुकांता) के फूलों को लाया जा चुका है। इसके अलावा नारंगी और लाल रंग के डबल-टोंड गेंदा के फूल कोलकाता से लाए जा रहे हैं, जबकि ऑर्किड फूल थाईलैंड से आयात किए जा रहे हैं। भूमि पूजन स्थल और आसपास के मंदिरों को सजाने के लिए लगभग 600 किलोग्राम लाल और गुलाबी गुलाब, 240 किलोग्राम गेरबेरा और 300 किलोग्राम कार्नेशन भी यहां लाए जा रहे हैं। राम मनोहर लोहिया फैजाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा इस पवित्र शहर में 50 से अधिक स्थानों पर 'रंगोली' बनाने के लिए भी फूलों का उपयोग किया जाएगा।



5 अगस्त को सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर पीएम मोदी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। एक घंटे बाद यानी 10 बजकर 35 मिनट पर वह लखनऊ पहुंचेंगे। यहां से 5 मिनट बाद यानी 10 बजकर 40 मिनट पर वह अयोध्या के लिए प्रस्थान करेंगे। साढ़े 11 बजे पीएम मोदी अयोध्या पहुंचे और साढ़े 12 बजे भूमि पूजन में शामिल होंगे।



रामार्चा पूजा 4 चरण में संपन्न होती है। पहले में- भगवान राम को छोड़ अन्य सभी देवताओं की पूजा होती है। दूसरे में- अयोध्या के साथ नल, नील, सुग्रीव की पूजा। तीसरे में- राजा दशरथ और उनकी पत्नियां एवम् भगवान राम के तीनों भाई और उनकी पत्नियों के साथ ही हनुमान भी पूजे जाते हैं। चौथे चरण में- भगवान राम की पूजा होती है।

भूमि पूजन से एक दिन पहले मंगलवार सुबह को ‘रामार्चा’ पूजा शुरू हुई। रामार्चा पूजा जिसमें राम कथा और राम धुन का पाठ शामिल है, की अगुवाई वाराणसी और अयोध्या के 11 पुजारी कर रहे हैं। राम जन्मभूमि परिसर में छह से सात घंटे तक पूजा जारी रहेगी। हनुमान गढ़ी मंदिर में भगवान हनुमान के ‘पताका’ (ध्वज) की विशेष पूजा भी की जा रही है।



नेपाल के जानकी मंदिर के महंत राम तपेश्वर दास अब भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं आ पाएंगे। कोरोना की वजह से उन्हें बॉर्डर क्रॉस नहीं करने दिया गया।

बाबा रामदेव अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर बनने का श्रय रामभक्तों को जाता है।



राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम के लिए आमंत्रित संत गणों में दशनामी सन्यासी परंपरा, रामानंद वैष्णव परंपरा, रामानुज परंपरा, नाथ परंपरा, निम्बार्क, माधवाचार्य, वल्लभाचार्य, रामसनेही, उदासीन, निर्मले संत, कबीर पंथी, चिन्मय मिशन, रामकृष्ण मिशन, लिंगायत, वाल्मीकि संत, रविदासी संत, आर्य समाज, सिख परंपरा, बौद्घ, जैन, संत कैवल्य ज्ञान, संत पंथ, इस्कान, स्वामी नारायण, वारकरी, एकनाथ, बंजारा संत, वनवासी संत, आदिवासी गौड़, गुरू परंपरा, भारत सेवाश्रम संघ, आचार्य समाज, संत समिति, सिंधी संत, अखाड़ा परिषद के पदाधिकारी समेत नेपाल के विभिन्न इलाकों सहित जनकपुर के भी संत उपस्थित रहेंगे।


अयोध्या के मणिराम दास छावनी में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया।

हनुमानगढ़ी मंदिर में पीएम मोदी का दर्शन कार्यक्रम 7 मिनट का होगा। इसमें से 3 मिनट तक पुजारी वैदिक मंत्रोच्चारण करेंगे। हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत राजू दास ने इस बात की जानकारी दी।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमानगढ़ी मंदिर में जाएंगे। अयोध्या में पीएम के कार्यक्रम का यह पहला पड़ाव होगा। इस दौरान वह हनुमानगढ़ी में प्रार्थना करेंगे। उनके स्वास्थ्य के साथ ही Covid-19 पर नियंत्रण के लिए मंत्रोच्चारण किया जाएगा।



पीएम मोदी 5 अगस्त को दिन में 11 से 11:15 के बीच अयोध्या पहुंचेंगे। वह यहां करीब 3 घंटे रुकेंगे। दोपहर करीब 2 बजे पीएम अयोध्या से रवाना हो जाएंगे।



अयोध्या में आज रात से जनपद की सीमाएं होंगी सील, किया गया रूट डायवर्जन। जनपद में नहीं मिल पाएगा वाहनों को प्रवेश। 5 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक प्रभावी रहेगा रुट डायवर्जन।


निमंत्रण पत्र पर एक सिक्योरिटी कोड है

ये कोड सिर्फ एक बार काम करेगा

कोई व्यक्ति अंदर गया और किसी काम से वापस आ गया तो वापस वो अंदर नहीं जा सकता

परिसर में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कैमरा की अनुमति नहीं है

कार्ड पर सिर्फ एक व्यक्ति को अंदर जाने को मिला

नम्बर और नाम क्रॉस चेक होगा



पुलिस चाहेगी तो अपना पहचान पत्र भी दिखाना होगा

ये कार्ड नॉन ट्रांसेफरेबल है

किसी प्रकार का वाहन पास नही जारी है

सभी वाहन रंगमहल बैरियर 2, तक जा सकेंगे

पीएम के आगमन के 2 घण्टे पहले सबको पहुंचना होगा



10.30 तक ही सभी को अंदर आ जाना होगा।

उसके बाद किसी को अंदर कार्यक्रम स्थल पर जाने की अनुमति नहीं होगा।

पीएम का कार्यक्रम लगभग 2 बजे तक चलेगा।


अयोध्या से शिल्पी / सुमित की रिपोर्ट

टीम स्टेट टुडे



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