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बजट 2020: बड़ी बातें

भारत का केंद्रीय बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने पेश किया। ऐतिहासिकता के लिहाज़ से ये अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण था। निर्मला सीतारमन ने 2 घंटे 41 मिनट तक बजट 2020 देश के सामने रखा।


आइए जानते हैं बजट में सरकार ने किस क्षेत्र को क्या दिया -


इनकम टैक्स


भारत में अब आम आदमी को अपना आयकर देने के लिए दो विकल्प हैं। पुरानी व्यवस्था में विभिन्न मदों में निवेश के जरिए इनकम टैक्स छूट मिलती थी। नई व्यवस्था में निवेश पर छूट ना देकर टैक्स दरों में रियायत दी गई है। ऐसे लोग जो कमाई का ज्यादा हिस्सा निवेश नहीं कर पाते थे उन्हें नया टैक्स स्लैब पसंद आ सकता है। नई और पुरानी दोनों ही व्यवस्था के तहत 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।

नए विकल्प के तहत 5 से 7.5 लाख रुपये तक की आय पर 10%, 7.5 से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15%, 10 से 12.50 लाख रुपये तक की आय पर 20% और 12.5 लाख से 15 लाख रुपये तक की आय पर 25% टैक्स देना होगा। नए टैक्स स्लैब में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी।

हाउजिंग लोन के ब्याज भुगतान पर मिलने वाली 3.5 लाख रुपये तक के टैक्स छूट को 31 मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है। मोदी सरकार ने जुलाई 2014 के बजट में होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट सीमा को 1.5 लाख से बढ़ा कर 2 लाख कर दिया था जिसे 2019 के बजट में बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया गया था।


शिक्षा


बजट में शिक्षा के लिए 99300 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए और 3000 करोड़ स्किल डिवेलपमेंट के लिए आवंटित किए गए हैं। मार्च 2021 तक 150 उच्च शिक्षण संस्थान शुरू किए जाएंगे जहां कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। 2030 तक भारत में सबसे बड़ी वर्किंग ऐज पॉपुलेशन होगी। जल्द ही भारत में नई शिक्षा नीति भी घोषित की जाएगी। प्रतिभाशाली शिक्षकों को बढ़ावा दिया जाएगा। 150 संस्थान डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकार एक कार्यक्रम के तहत सभी शहरी निकायों में नए इंजीनियरों को एक साल के लिए इंटर्नशिप करवाएगी।शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डिग्री लेवल ऑनलाइन स्कीम शुरू होगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने और डाक्टरों की कमी को दूर करने के लिए हर जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज बनेगा। नए भारत की पुलिसिंग को आधुनिक करने के लिए नैशनल पुलिस यूनिवर्सिटी और अपराध जांच को बेहतर बनाने के लिए नैशनल फारेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का भी प्रस्ताव है।


स्वास्थ्य


बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 6,400 करोड़ रुपये इसी में जोड़े गए हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल में हैं और इसे बढ़ाने की योजना है। मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर इनमें 12 बीमारियां और जोड़ दी गई हैं। इसमें पांच नए वैक्सीन जोड़ दिए गए हैं। हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन पर काम चल रहा है, जिसे 3.6 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।इस वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत अभियान के लिए 12,300 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों पर फोकस रहेगा।2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य के लिए "टीबी हारेगा, देश जीतेगा" कैम्पेन जारी है। जन औषधि केंद्रों को 2024 तक हर जिले में शुरू किया जाएगा।


रक्षा


बजट 2020 में रक्षा बजट 3.37 लाख करोड़ हो गया है। बीते साल तक यह 3.18 लाख करोड़ रुपये था यानी इस बार छ प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। रक्षा क्षेत्र में दी जाने वाली पेंशन का बजट 1.33 लाख करोड़ रुपये है। पिछले साल 1.17 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे। हथियारों की खरीद और आधुनिकीकरण के लिए 1,10,734 करोड़ दिए गए हैं।


गांव और किसान


किसानों तथा ग्रामीण भारत के लिए 2.83 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रवाधान किया गया है, जबकि अगले साल 15 लाख करोड़ रुपये का कृषि ऋण देने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री आवास बीमा योजना के तहत 6.11 करोड़ किसानों का बीमा कराया है और उनकी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार सस्टेनेबल क्रॉपिंग पैटर्न पर काम कर रहे हैं और केंद्र का दलहन पर खास फोकस है। इसके अलावा, पीएम कुसुम स्कीम के जरिए 20 लाख किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाए जाएंगे। पानी की किल्लत से जूझ रहे 100 जिलों पर फोकस किया जाएगा। 15 लाख अन्य किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंप दिए जाएंगे। सोलर पावर जनरेशन भी बढ़ाई जाएगी।भारतीय रेलवे अब किसान रेल की स्थापना करेगी जिसे पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। एक्सप्रेस और मालगाड़ियों में रेफ्रिजिरेटेड कोच लगाए जाएंगे ताकि दूध, मछली और मीट के उत्पादों का ट्रांसपोर्टेशन किया जा सके। नागरिक उड्डयन मंत्रालय कृषि उड़ान की शुरुआत करेगा। इससे नॉर्थईस्ट-आदिवासी इलाकों से कृषि उपज को बढ़ावा मिलेगा। देश में 162 मीट्रिक टन कोल्ड स्टोरेज की क्षमता है। ब्लॉक-तालुका स्तर पर वेयरहाउस को बढ़ावा दिया जाएगा। फूड कॉर्पोरेशन और सेंट्रल वेयरहाउस कॉर्पोरेशन अपनी जमीन पर भी कोल्ड स्टोरेज बनाएंगे।


रेलवे


केंद्रीय बजट में रेलवे को 70,000 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता आवंटित की गई है तथा वर्ष के दौरान रेलवे के लिए कुल 1.61 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। पीपीपी मॉडल के आधार पर 150 और ट्रेनें चलेंगी, निजी क्षेत्र की मदद से 4 स्टेशनों का री-डेवलपमेंट किया जाएगा। पर्यटन स्थलों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तेजस जैसी ट्रेनों की शुरुआत होगी। फिलहाल आईआरसीटी 2 तेजस ट्रेनों का संचालन कर रहा है। रेलवे की खाली जमीन और ट्रैक के आसपास ज्यादा क्षमता वाले सोलर पैनल लगेंगे। पीपीपी मोड पर किसान रेल चलाई जाएगी। दूध, मीट और मछली के उत्पादों का रेफ्रिजरेटेड कोचों के जरिए ट्रांसपोर्टेशन होगा। रेलवे के पास अभी ऐसी 9 वैन हैं। मुंबई से अहमदाबाद के बीच 508 किमी दूरी में हाईस्पीड ट्रेन (बुलेट ट्रेन) प्रोजेक्ट को 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।


इन्फ्रास्ट्रक्चर


इन्फास्ट्रक्चर पर अगले पांच साल में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। हाउसिंग, स्वच्छ पानी, हेल्थकेयर, शिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, वेयरहाउसिंग, सिंचाई जैसे क्षेत्रों में निवेश किए जाएंगे। सिंगल विंडो ई-लॉजिस्टिक मार्केट बनेगा। देशभर में राजमार्गों का जाल फैलाने के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। 2,500 किलोमीटर एक्सप्रेस हाईवे, 9,000 किलोमीटर इकनॉमिक कॉरिडोर, 2000 किलोमीटर स्ट्रेटिजिक हाईवे बनेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि 6,000 किलोमीटर हाइवे 2024 से बनेंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे, चेन्नै-बेंगलुरु एक्सप्रेस जल्द बनकर तैयार होगा। नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी जल्द ही जारी होगी। सिंगल विंडो ई-लॉजिस्टिक मार्केट के जरिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस किया जाएगा। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) के तहत 103 लाख करोड़ के 6500 प्रोजेक्ट लॉन्च किए गए हैं। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर होगा, साथ ही रोजगार भी बढ़ेंगे।5 नई स्मार्ट सिटीज पीपीपी के जरिए बनेंगी। यह ऐसी सिटीज होंगी, जहां निवेश को बढ़ावा मिले। इसके लिए 6450 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।नेशनल स्किल डेवलपमेंट एजेंसी इन्फ्रास्ट्रक्चर आधारित स्किल पर बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत यंग इंजीनियर, मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स और इकोनॉमिस्ट को मौका मिलेगा।


पर्यटन


बजट में संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी घोषणाएं की गई। वित्त मंत्री ने कारोबारी वर्ष 2020-21 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2,500 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान रखा है। सरकार पांच पुरातात्विक स्थलों का कायाकल्प करेगी। ये पुरातात्विक स्थान राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (यूपी), शिवसागर (असम), धोलावीरा (गुजरात) और आदिचेल्लनूर (तमिलनाडु) होंगे। इन सभी जगहों पर म्यूजियम बनेंगे, जिससे यहां टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। सरकार संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक डीम्ड यूनिवर्सिटी भी खोलेगी।


कॉर्पोरेट


बजट के बड़े ऐलानों में डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्मा भी रहा। केंद्र के इस कदम से कंपनियों ने राहत की सांस ली है। सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर 25,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अब सीधे डिविडेंड हासिल करने वाले पर टैक्स लगेगा।


दूरसंचार


केंद्र सरकार गांव-गांव ब्रॉडबैंड पहुंचाने की योजना भारत नेट (भारत ब्रॉडबैंक नेटवर्क लिमिटेड) का आगे और विस्तार करने वाली है। अगले वित्त वर्ष में इसके लिए 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


सामाजिक क्षेत्र


28600 करोड़ रुपए सिर्फ महिलाओं पर आधारित विशिष्ट कार्यक्रमों पर खर्च किए जाएंगे। पोषण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।पिछड़े वर्ग और अनुसूचित जाति के विकास के लिए 85 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। 53700 करोड़ रुपए अनुसूचित जनजाति के विकास पर खर्च होंगे। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेरिटेज एंड कंजर्वेशन बनेगा। 5 आर्कियोलॉजी साइट्स को आइकॉनिक साइट्स बनाया जाएगा। इसमें राखीगढ़ी (हरियाणा), हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश), शिवसागर (असम), धौलावीरा (गुजरात), आदिचेन्नलूर (तमिलनाडु) शामिल हैं। कोलकाता में नेशनल म्यूजियम का पुनरुद्धार होगा। रांची में ट्राइबल म्यूजियम बनेगा।


महिला


शादी की उम्र: 1978 में शारदा एक्ट (1929) को संशोधित कर महिलाओं की शादी की उम्र 15 से बढ़ाकर 18 की गई थी। भारत आगे बढ़ रहा है, महिलाओं के लिए करियर और हायर एजुकेशन में रास्ते खुल रहे हैं। इस संबंध में यह देखना जरूरी है कि महिलाओं की शादी की उम्र क्या हो। इसके लिए एक टास्क फोर्स के गठन का प्रस्ताव है, जो 6 महीनों में अपनी सिफारिश देगी।


पोषण

पोषण से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 35,600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा केवल महिलाओं पर केंद्रित कार्यक्रमों के लिए 28,600 करोड़ रुपए का बजट अलॉट किया गया है।


विनिवेश


सरकार एलआईसी में अपनी कुछ हिस्सेदारी आईपीओ के जरिए बेचेगी। आईडीबीआई में भी बची हुई 46% हिस्सेदारी बेची जाएगी।


टीम स्टेट टुडे

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