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China के पास कितने हैं परमाणु हथियार? जानें- क्या है उसकी खतरनाक योजना


नई दिल्ली, 14 जून 2022 : हाल में जारीएक अमेरिकी रिपोर्टने भारत औरचीन के विरोधीदेशों की चिंताको बढ़ा दियाहै। इस रिपोर्टमें यह दावाकिया गया हैकि चीन अपनेपरमाणु जखीरों को तेजीसे बढ़ा रहाहै। इसमें यहदावा किया गयाहै कि यहसंख्या 2030 तक एकहजार का आंकड़ाभी पार करसकती है। ऐसेमें सवाल उठताहै कि चीनकी इस योजनाके पीछे क्‍या मकसदहै। क्‍यायह भारत केलिए खतरे कीघंटी है। चीनके इस परमाणुबमों की आंचकिन देशों तकपहुंच सकती है।रूस यूक्रेन जंगके बीच चीनकी यह तैयारीअमेरिका के लिएभी एक सबबहै। क्‍यावह अमेरिका कोखुली चुनौती देनेवाला है। आइएजानते हैं किइस सब मसलोंपर विशेषज्ञों कीक्‍या रायहै।

1- प्रो हर्षवी पंत काकहना है किसीमा विवाद कोलेकर चीन हालके वर्षों मेंज्‍यादा हीआक्रामक मूड मेंदिख रहा है।पूर्वी लद्दाख में वहजिस तरह सेसैन्‍य तैयारियोंमें जुटा है, उससे भारत कीचिंता लाजमी है।हाल में इसबात की चर्चारही है किचीन अपने सैन्‍य हथियारोंको बढ़ा रहाहै। इस क्रममें यह भीकहा गया हैकि उसने अपनेपरमाणु मिसाइलों की संख्‍या मेंइजाफा किया है।यह भारत औरअमेरिका के लिएचिंता का विषयहै। हालांकि, भारतएक शांति प्रियराष्‍ट्र है।उसने सदैव परमाणुहथियारों के मामलेमें कहा हैकि इसका इस्‍तेमाल केवल अपनीसुरक्षा तक सीमितहै। इधर, चीनअपने परमाणु हथियारोंकी संख्‍यामें इजाफा कररहा है, ऐसेमें भारत कोभी अपनी नईसैन्‍य रणनीतिबनानी चाहिए। खासकरतब जब वहपूर्वी लद्दाख में सीमाविवाद को लेकरभारत से उलझाहुआ है।

2- उन्‍होंनेकहा कि चीनअपनी सैन्‍यताकत में लगातारइजाफा कर रहाहै। इस लिहाजसे भारत कोभी अपनी सैन्‍य क्षमतामें इजाफ करनाचाहिए। हालांकि, उन्होंने कहाकि चीन औरपाकिस्‍तान कीचुनौती को देखतेहुए भारत सरकारअपने सैन्‍यउपकरणों को अत्‍याधुनिक करने मेंजुटी है। रूसीएस-400 मिसाइल और फ्रांसका राफेल इसीकड़ी के रूपमें देखा जानाचाहिए। इसके अलावाभारतीय वायु सेनामें जल्‍दही कई तरहके अत्‍याधुनिकयुद्धक विमान शामिल होसकते हैं। उन्‍होंने कहा किभारत ने ऐसेकई जगहों परअपने सैन्‍यअड्डे विकसित किएहैं, जहां सेयुद्ध के दौरानचीन और पाकिस्‍तान कोएक साथ निशानाबनाया जा सकताहै।

3- उन्‍होंनेकहा कि चीनकी योजना 2049 तकविश्व की सबसेबड़ी महाशक्ति बननेकी है। उसीवर्ष चीन मेंकम्युनिस्ट शासन केसौ साल पूरेहोंगे। उन्‍होंनेकहा कि यहसामरिक गोलबंदी अमेरिका कोभी संदेश देनेके लिए कीजा रही है, लेकिन भारत सहितचीन के सभीपड़ोसी देशों को इससेसतर्क रहना होगा।वैसे भी शीचिनफिंग के आक्रामककदम मुख्य रूपसे एशिया परकेंद्रित रहे हैं।पूर्वी एवं दक्षिणचीन सागर सेलेकर हिमालयी क्षेत्रतक इसके उदाहरणहैं।

4- उन्‍होंनेकहा कि चीनमें तेजी सेबढ़ते परमाणु हथियारोंके भंडार मुख्यरूप से एशियाईदेशों को हीझेलनी पड़ेगी। जापानसे लेकर फिलीपींस,भारत औरभूटान तक सभीशी की आक्रामकनीतियों का दंशपहले से हीझेल रहे हैं।बड़े परमाणु जखीरेके साथ शीचीन की अत्यंतसुरक्षित परमाणु ढाल केपीछे अपनी पारंपरिक-सैन्य तिकड़मों औरहाइब्रिड युद्ध की रणनीतिको और आगेबढ़ाएंगे। ऐसे परिदृश्यमें ताइवान परकसते चीनी शिकंजेको रोक पानामुश्किल हो सकताहै। ऐसा कोईघटनाक्रम एशियाई और अंतरराष्ट्रीयभू-राजनीति कोबुनियादी रूप सेबदलने की क्षमतारखता है।

5- उन्‍होंनेकहा कि चीनने अपनी हाइपरसोनिकहथियार प्रणाली को भीमोर्चे पर लगादिया है। पेंटागनकी एक रिपोर्टके मुताबिक संघर्षकी स्थिति मेंत्वरित कार्रवाई के लिएचीन पूरी तरहसे कमर कसेहुए है। अपनेअति सक्रिय परमाणुअभियान को छिपानेके बजाय चीनने अपने उत्तर-पश्चिमी इलाके मेंदो नई परमाणुमिसाइल इकाइयों का निर्माणकिया है। चीनअपनी अंतर महाद्वीपीयमिसाइलों (आइसीबीएम) की संख्याभी 20 से बढ़ाकर 250 करने की योजनाबना रहा है।इन परमाणु हथियारनिर्माण इकाइयों के माध्यमसे दुनिया भरको यही संदेशदेना है किवह एक ऐसीउभरती हुई महाशक्तिहै, जिसकी योजनाओंमें कोई पहलूअवरोध नहीं डालसकता।

क्‍याहै अमेरिका कीरिपोर्ट

1- अमेरिकी की एकरिपोर्ट में दावाकिया गया हैकि चीन औरपाकिस्तान के पासभारत की तुलनामें ज्यादा परमाणुहथियार हैं। रिपोर्टकहती है किचीन, पाकिस्तान औरभारत तीनों हीइस वक्त बैलिस्टिक, क्रूज, न्यक्लियर मिसाइल परकाम रहे हैं, जिसके जरिए समुद्रसे मार कीजा सके। इसरिपोर्ट में कहागया है किहालांकि, पाकिस्तानी सरकार नेकभी आधिकारिक तौरपर नहीं बतायाकि उसके पासकितने परमाणु हथियारहै। इस रिपोर्टमें दावा कियागया है किपाकिस्तान के पासकरीब 165 परमाणु हथियार होसकते हैं।

2- इस रिपोर्टमें कहा गयाहै कि भारतकी बढ़ती सैन्यक्षमता का मुकाबलाकरने के लिएपाकिस्तान ने परमाणुहथियारों की संख्याके बैरियर कोतोड़ दिया है।अमेरिकी अधिकारियों द्वारा एकवर्ष पूर्व लगाएगए अनुमान सेकहीं ज्यादा तेजरफ्तार से चीनअपने परमाणु हथियारबढ़ा रहा है।अगले छह वर्षोंके भीतर चीनके पास 700 सेज्यादा न्यूक्लियर हथियार होंगे।रिपोर्ट में कहागया है कियह संख्या 2030 तकएक हजार काआंकड़ा भी पारकर सकती है।

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