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सोनिया को लिखी चिट्ठी की इनसाइड स्टोरी – अब समझिए कैसे चुना जाएगा कांग्रेस अध्यक्ष



कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में जिस चिट्ठी को लेकर घमासान छिड़ गया उसका बैकग्राउंड चार महीने पुराना है। सोनिया गांधी को लिखी गई इस चिट्ठी में कांग्रेस के पूर्णकालिक अध्यक्ष के चयन की बात लिखी गई थी। इस चिट्ठी को लिखने से पहले कई बार बैठकें हुईं। जिसके बाद इसका मजमून तैयार किया गया। आपको बताते हैं इस चिट्ठी की इनसाइड स्टोरी –


सोनिया को लिखी चिट्ठी पर 23 कांग्रेस नेताओं के साइन थे।


जिन नेताओं ने इस चिट्ठी पर साइन किए हैं, उन्होंने पिछले तीन-चार महीने में कई राउंड की बैठकें की थीं।


नेतृत्व को लेकर कांग्रेस में काफी दिनों से मंथन जारी था, सभी का विचार था कोई कदम उठाना चाहिए।


पिछले एक महीने से 10-12 नेताओं का एक ग्रुप गुलाम नबी आजाद की अगुवाई में सोनिया गांधी के साथ बैठक करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन, स्वास्थ्य या किन्हीं अन्य वजहों के कारण ये बैठक नहीं हो पाई।


इसी वजह से सात अगस्त को 23 नेताओं के इस ग्रुप ने एक चिट्ठी लिखी, जिसपर पूरा विवाद हुआ।


सोमवार को हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में किसी तरह के 6 महीने के एक्सटेंशन या फिर किसी तरह के टाइमलाइन की बात नहीं हुई।


हालांकि, चिट्ठी लिखने वाले ग्रुप को अब इंतजार करना होगा। क्योंकि उनका मानना है कि अहमद पटेल और अन्य नेता अध्यक्ष पद के लिए आम सहमति बनाने पर जुटे हैं।


अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को फिर से नहीं संभालते हैं, तो फिर एक बार फिर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव के लिए मांग की जाएगी।


कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में सोनिया गांधी की ओर से इस्तीफा देने की बात कही गई। हालांकि, सभी नेताओं ने सोनिया से ऐसा ना करने को कहा। सात घंटे तक चली बैठक में अधिकतर नेताओं ने गांधी परिवार में विश्वास जताया, जिसके बाद सोनिया गांधी को अगला अध्यक्ष चुने जाने तक कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर राजी किया गया।


नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अगली बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। 6 महीने के भीतर कांग्रेस को नए अध्यक्ष का चुनाव करना है। आपको बताते हैं कि कांग्रेस में कैसे पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव होता है और उसकी पूरी प्रक्रिया कैसी होती है।


कांग्रेस पार्टी के संविधान में अपने अध्यक्ष के चुनाव की विस्तृत प्रक्रिया दी गई है। पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय की जाती है। इसके साथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सबसे पहले पार्टी अपने किसी एक वरिष्ठ सदस्य को रिटर्निंग अधिकारी के तौर पर नियुक्त करती है, जो चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने का काम करता है।

कांग्रेस अध्यक्ष की उम्मीदवारी के लिए ये शर्त


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक की भूमिका अदा करते हैं। ऐसे ही कोई भी दस सदस्य अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार का नाम आगे कर सकते हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव उन सभी व्यक्तियों के लिए खुला होता है, जिनके पास प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 10 सदस्यों का समर्थन हो। बिना दस सदस्यों के समर्थन के कांग्रेस अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी नहीं हो सकती है। पार्टी संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे।


अध्यक्ष पद से उम्मीदवारों के सभी नामों को रिटर्निंग अधिकारी के सामने तय तारीख पर रखा जाता है. आम चुनावों की तरह ही कांग्रेस में भी नामांकन भरने के बाद उसे वापस लेने के लिए सात दिनों की मोहलत दी जाती है। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी अध्यक्ष पद के नामों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास भेजते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल


नाम वापस लेने के बाद अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही उम्मीदवार रहता है तो उसे अध्यक्ष मान लिया जाता है। वो कांग्रेस का पूर्णकालिक अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करता है और कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल का होता है। वहीं, अगर अध्यक्ष पद से लिए एक से ज्यादा उम्मीदवार होते हैं तो कांग्रेस वर्किंग कमिटी और प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सभी सदस्य इस चुनाव में हिस्सा लेते हैं, जिसकी प्रक्रिया बहुत जटिल है और आज तक कांग्रेस के इतिहास में इसकी नौबत आई ही नहीं। ऐसी हालत में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 50 फीसदी वोट हासिल करने होते हैं।


एक बार जितेंद्र प्रसाद ने सोनिया गांधी के खिलाफ कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की एक कोशिश की थी लेकिन उनको प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दरवाजे बंद मिले थे। उसी वक्त ये साफ हो गया था कि 'चयन' की प्रक्रिया को 'चुनाव' में तबदील करने की कोशिश का कांग्रेस में क्या हाल होता है। यही वजह है कि कांग्रेस वर्किंग कमिटी पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मनोनीत करने की प्रक्रिया को अपनाती रही है।


टीम स्टेट टुडे