आपके घर में कोरोना आएगा या नहीं – जानिए कोरोना वायरस का वास्तु से संबंध

Updated: Jun 10, 2020



कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश मे खौफ का माहौल है, ऐसे में स्टेट टुडे लगातार देश के जाने माने ज्योतिषाचार्यों से इससे बचने के लिए उपायों को लेकर चर्चा कर रहा है। इसी कड़ी में हमने जानेमाने वास्तु शास्त्री और लाइफ स्टाइल कोच आचार्य डॉ संजीव अग्रवाल से मुलाकात करके वास्तु और मनोविज्ञान के कोरोना वायरस से सम्बन्ध को लेकर विस्तृत चर्चा की , प्रस्तुत है इसी चर्चा के प्रमुख अंश ......


भारत अलग अलग पृष्ठभूमि विचार, भाषा, सोच, भोजन, रहन-सहन वाला देश है, यहा मौसम भी चार होते है व फसल भी सभी भागो में मौसम के हिसाब से होती है।


शुरू से लेकर 20 साल पहले तक हमारी दिशा कोई भी हो हर घर, धर्मशाला, होटल, व भवन में आंगन होता था, जिसमे सूर्य के निकलने से लेकर छिपने तक उर्जा का प्रवाह बना रहता था, जिससे बैक्टीरिया बनता था तो जल्दी समाप्त हो जाता था।


आज आमजन के मन यह आ गया है कि इस जगह को प्रयोग में लाए, तब से आंगन की जगह लॉबी ने ले ली, और पांच तत्वों में से दो तत्व खराब हो गये, आकाश व धरती तत्व कमजोर हो गये, जिससे जो बीमारी आ गई वो देर तक बनी रहती है।


जैसे सांस फूलना, दमा, पीलिया(ज्वाईंडिस)व स्थाइत्व, साथ ही साऊड भी इको हो गये, तभी इस बीमारी के आने पर डाक्टरी सलाह थी कि खिड़की खुली रखे, एसी में न सोये, या कुलर लगाऐ, गर्म पानी पीएं।

मेरा वास्तु के संप्रेक्षण में मानना है कि घर हवादार व सूर्य की नेचुरल रोशनी से प्रकाशित हो, जिससे कोई भी वायरस देर तक नही टिक सकता, साथ ही हवा पूरब- पश्चिम चलती है, तो पूरब कुछ खुला हो और पश्चिम से कुछ खुला हो, जिससे हवा का संचालन ठीक प्रकार रहे, इससे घर में कोई भी वायरस रूक नही पाता और ताजगी बनी रहती है।


इसी तरह कमरे की खिड़की भी आयताकार और दोष रहित हो, जिससे साफ हवा आ जा सके, साथ ही टायलेट ईशान, पुरब व उत्तर व ब्रहमश्रेत्र (बीच) में न हो, अगर अटेच टायलेट है तो किवाड़ बंद रहे, या टायलेट का रास्ता ड्रेसिंग रूम से होकर बनाऐ और उसमे नमक का ढला रखे, साथ ही पानी न टपके, बाकी साफ सफाई का ध्यान रखे।


घर में तुलसी, एलोविरा, बेल व गेन्दे के पौधे लगाऐ और प्रयोग में लाएं, निश्चित ही आप लाभ उठा पाएंगे..वास्तु के अलावा आचार्य डॉ संजीव अग्रवाल का कहना है बीमारी के दौर में हमारा मनोविज्ञान भी जीतने में हमारी मदद करता है.... किसी भी व्यक्ति को विपरीत परिस्थितियों में आत्म विश्वास बनाये रखना चाहिए....

यह धरती कर्मभूमि है, यहां आने वाला कोई भी हो, मेहनत व आत्मविश्वास के बल पर ही आगे बढता या पीछे चला जाता है, मैने अपने जीवन में लाखो को करोड़पति से खाकपति या करोड़पति बनते देखा है, पर यह लेख उन लोगो को प्रेरणा है जो जीवन पाना चाहते है और सदा जीतना चाहते है।


संसार का अनुभव यह है, कि जो भी व्यक्ति यहां संसार में जन्म लेता है, वह दुख से बच नहीं सकता, द्वारपाल से लेकर राष्ट्राध्यक्ष तक सबके सामने कठिनाइयां आती- जाती रहती हैं, सबकी परिस्थितियां अलग-2 व सबकी समस्याएं भी अलग-2 हो सकती हैं।


ऐसा नहीं है कि किसी के जीवन में एक भी समस्याएं हों या ना हो, समस्याएं अलग-2 प्रकार की हैं तो समस्याओं से खाली कोई भी नहीं है, समस्याओं से संघर्ष करना पड़ता व उनसे लड़ना पड़ता है, कभी-2 बहुत कुछ सहन करना पड़ता है।


मित्रो, जो व्यक्ति सहनशील होता है, वह समस्याओं को, आराम से कठिनाइयों को पार कर जाता है व उसके जीवन में आनंद उत्साह प्रसन्नता बनी रहती है और जो कठिनाइयों में संघर्ष नहीं करता भागता है या लड़ता नहीं है वो कभी उन्हें जीतता नहीं सकता तब वह अपने इस मुल्यवान जीवन को स्वयं हार जाता है।


मित्रो, इसलिए अपने मित्रों, संबंधियों, विद्वानों व अन्य समझदार, काबिल व्यक्तियों से सहायता ले सकते है, अपनी सहन-शक्ति बढ़ाईएगा, कठिनाई आने पर हमेशा संघर्ष करें।


वह उन पर विजय प्राप्त करने की पूर्ण कौ करें व आनंद से जीवन का लुफ्त उठाओ, जिस मानव के जीवन में पर्याप्त सहन-शक्ति है, उसकी कभी हार नहीं होती, जीवन में सफल होना हो, तो अपनी सहनशीलता बरकरार रखनी चाहिए।

टीम स्टेट टुडे




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