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ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत ने की कोरोना पर सबसे बड़ी भविष्यवाणी

Updated: Jul 1, 2020



कोरोना को लेकर पूरीदुनिया में भय का माहौल है और लगातार संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या भी इस भय को बढ़ा रही है..,जहां मेडिकल साइंस और वैज्ञानिक कोरोना का इलाज ढूंढ रहे हैं....तो वही भारत वर्ष जो ज्योतिष विद्या का जनक माना जाता है , देश भर के तमाम ज्योतिषी कोरोना को लेकर अपनी भविष्य वाणी कर रहे हैं..तो स्टेट टुडे ने भी अपने पाठकों की जिज्ञासा को शांत करने के लिए जाने माने ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत से बातचीत की....



वर्तमान समय में आकाशीय ग्रहों में बहुत तेजी से परिवर्तन होने जा रहा है। कर्मानुसार दण्डकारी ग्रह शनि, देवगुरु बृहस्पति व शुक्र ग्रह क्रमशः 12, 13, व 14 मई से वक्री हो गए हैं। राहु व केतु हमेशा वक्री ही रहते हैं साथ ही सूर्य व चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते। इस प्रकार 9 में से 5 ग्रह वक्री हो गए हैं। । इसका व्यक्तिगत सभी के ऊपर, राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय रूप से बहुत प्रभाव पड़ेगा।


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ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत ने 29 मार्च से कोरोना का प्रभाव बढ़ने की बात की थी तभी जमात के कारण अचानक कोरोना का ग्राफ बहुत तेजी से बढ़ा और ज्योतिषीय उम्मीद से भी बढ़ता ही रहा यानी कि ज्योतिषीय अनुमान आरम्भ में तो सही रहा पर आगे उम्मीद को भी पार कर गया... पिछले कई सप्ताह से इसका आंकलन कर रहे इंदुसुत बताते हैं कि हालांकि जब हम राष्ट्र व प्रकृति की बात करते हैं तो गणना का ठोस आधार नहीं मिल पाता औऱ पिछली घटनाओं से वर्तमान का आंकलन करके निर्णय निकाला जाता है।


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अब वर्तमान समय में बृहस्पति व शनि दोनों ही मकर राशि में हैं व दोनों ही एक साथ वक्री हो रहे हैं । इस कारण लोगों की व सरकार की सोच में परिवर्तन आयेगा जिसके फलस्वरूप अब लॉक डाउन में मिली सरकारी ढील इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है और आने वाले समय में कुछ शर्तों के साथ लॉक डाउन धीरे धीरे खुलना प्रारंभ हो रहा है व सरकार आर्थिक नीति के अंतर्गत नये निर्णय ले रही है .... रेलवे मार्ग व हवाई मार्ग भी धीरे धीरे खुलने प्रारंभ हो गए हैं.....व्यापार व उद्योग धंधे भी शुरू होने के साथ कोरोना के इलाज का दायरा भी बढ़ेगा व इलाज साथ ही डाइग्नोसिस की नई तकनीक भी सामने आएंगी।कोरोना आने वाले जून में अपने चरम पर रहेगा।ग्रह वक्री होने के साथ अचानक कोरोना के नये केस बढ़ने लगेंगे। 29 दिसम्बर 2019 को जब सूर्य ग्रहण प्रारंभ हुआ था तबसे कोरोना दिखना प्रारंभ हो गया था अब 21 जून 2020 में फिर सूर्य ग्रहण पड़ेगा तब तक कोरोना अपने चरम तक पहुंच सकता है अत्यधिक सावधानी की आवश्यकता रहेगी। परन्तु वक्री गृह कोरोना की वैक्सीन व दवाओं की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही कोरोना के कारण बढ़ने वाला मृत्यु दर भी घटेगा। साथ ही कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी।लोगों की जागरुकता भी कोरोना की ओर बढ़ेगी व भय भी कम होने लगेगा। वर्तमान समय में गोचर में कालसर्प योग चल रहा है। 16 जुलाई को जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे तब कालसर्प योग खत्म हो जायेगा। उसके बाद उत्तरोत्तर कोरोना में कुछ कमी आयेगी। साथ ही 23 सितम्बर को जब राहु व केतु अपनी राशि परिवर्तित करेंगे तब कोरोना में तेजी से कमी आएगी व तब तक वैक्सीन भी पूर्णतः मिल जायेगी। साथ ही कोरोना का प्रकोप उत्तरोत्तर कम होगा।



मुख्य बात यह है कि इन 3 ग्रह वक्री होने पर भारत पाकिस्तान व अन्य देशों के विरुद्ध कोई निर्णायक व बड़ी कार्यवाही कर सकता है। युद्ध के समान स्थिति उत्पन्न हो सकती है।आतंकवाद को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। आगजनी , भूकंप व प्राकृतिक आपदाएं बहुत तेज तूफान आ सकते हैं। कुछ और प्रसिद्ध व्यक्तियों की मृत्यु हो सकती है।



विभोर इंदुसुत के एक टीवी पत्रकार शिष्य का कहना है कि ज्योतिष उनको विरासत में मिला है..उनके मित्रों में युवा क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार, भजन गायक अनूप जलोटा, नरेंद्र चंचल, पॉप सिंगर दलेर मेहंदी और राजनीतिक जगत की बड़ी हस्तियां शामिल हैं.....


कहा जाता है कि प्रश्न कुंडली से जवाब लेने में इंदुसुत को महारत हासिल है...कई बार ऐसा हुआ कि डॉक्टर्स ने मरीज को जवाब दे दिया और इंदुसूत के बताए छोटे छोटे उपाय से मरीज के तीमारदार द्वारा करने पर मरीज की जान बच गई, हनुमान जी को अपने जीवन का प्रथम गुरु मानने वाले विभोर इंदुसुत की स्वर्गीय नीम करौली वाले बाबा के प्रति अटूट आस्था है....


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इंदुसूत के सहायक वैभव और विष्णु बताते हैं कि क्लाइंट्स के दुखों को देख कई बार विभोर इंदुसुत बेहद भावुक होकर हनुमान जी से उनके कष्टों के निवारण की भी प्रार्थना करते हैं...


टीम स्टेट टुडे



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