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ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत ने उठा दिया सोनू सूद की जन्मकुंडली के बड़े रहस्य से पर्दा



कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच देश ने लोकडाउन के बीच तमाम प्रवासी मजदूरों के दर्द और पीड़ा को देखा, न्यूज़ चैनल्स और अखबारों में बेरोजगार हो चुके प्रवासी मजदूरों और हजारों किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर गर्भवती महिलाओं को देख किसी भी संवेदनशील व्यक्ति की आंखें डबडबा गईं।


स्टेट टुडे टीवी भी लगातार कोरोना वायरस प्रकोप के ज्योतिषिय पहुलओं पर देश के जाने माने ज्योतिषाचार्यों का पक्ष आपके सामने लाने की कोशिश कर रहा है।


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हमने अपने पिछले लेख में सेलेब्रिटी एस्ट्रोलॉजर विभोर इंदुसूत से मुलाकात करके कोरोना वायरस के ज्योतिषीय कारणों पर चर्चा की थी तो उसी दौरान उनके संस्थान के आचार्य पंडित वैभव शर्मा ने इस बात की जानकारी दी थी कि एक प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजर होने के बावजूद अपने क्लाइंट्स के दुखों को देखकर आचार्य विभोर इंदुसुत बेहद भावुक हो जाते हैं और उनके कष्टों के निवारण के लिए हनुमान जी और बाबा नीम करौली के श्रीचरणों में प्रार्थना करते हैं।



इन्हीं प्रोफेशनल लोगों में आज ऐसा ही एक दूसरा नाम है फ़िल्म अभिनेता सोनू सूद का। रील लाइफ में विलेन का किरदार निभाने वाले सोनू सूद की छवि रियल लाइफ के हीरो के रूप में इस संकट काल में उभरकर सामने आई है। ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत ने अभिनेता सोनू सूद की जन्मपत्रिका का जो विवेचन किया वो इस प्रकार है।


आचार्य इंदुसूत बताते हैं कि सोनू सूद की जन्मपत्रिका के मुताबिक उनका तुला लग्न और कर्क राशि है। लग्न का स्वामी शुक्र जन्मकुंडली के ग्यारहवें भाव में स्थित है। जब लग्न का स्वामी शुक्र ग्यारहवें स्थान में बैठता है तो ऐसा व्यक्ति अपने कर्म क्षेत्र में नाम और शोहरत हांसिल करता है। कुंडली का पंचम भाव मनोरंजन और फ़िल्म इंडस्ट्री का परिचायक होता है और पंचम भाव का स्वामी शनि नवम भाव में अपने परम मित्र बुध के साथ मजबूत स्थित में है और इसके साथ ही ग्लैमर का कारक शुक्र सप्तम दृष्टि से पंचम भाव को सीधा देख रहा है इसी योग ने सोनू सूद को फ़िल्म इंडस्ट्री में स्थापित किया।


सोनू सूद की कुंडली में लग्न भाव के सामने सप्तम भाव में स्थित होकर लग्न भाव पर सीधी दृष्टि डाल रहा है इसलिए इनको सुगठित शरीर कुदरत से मिला है। सोनू सूद की कुंडली में चंद्रमा दशम भाव में स्वराशि में स्थित है और बृहस्पति चतुर्थ भाव में बैठकर उच्च की पूर्ण दृष्टि चंद्रमा पर डालता है जो कि गजकेसरी योग बनाता है , ऐसा व्यक्ति परोपकारी, भावुक और दूसरों की मदद करने वाला होता है ,इसके साथ ही चंद्रमा का दो शुभ ग्रहों के बीच स्थित होना भी सोनू सूद को मददगार और मसीहा के रूप में स्थापित करता है।


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सोनू सूद की कुंडली की सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वर्तमान में चन्द्र की महादशा मार्च 2019 से चल रही है जो आने वाले दस साल तक चलेगी , चंद्रमा इनकी कुंडली में पूर्ण एक्टिव है ये लोगों की मदद करते रहेंगे। 2029 तक का समय चंद्रमा की दशा के चलते सोनू सूद को नाम, शोहरत और प्रोफेशनल ग्रोथ देगा और आगे आने वाले समय में चंद्रमा की दशा के प्रभाव में ये आगे भी समाजसेवा में भागीदारी करते नजर आएंगे।


टीम स्टेट टुडे


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