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कोरोना वायरस की दवा रामदेव के पतंजलि आयुर्वेद में तैयार,आचार्य बालकृष्ण और डा.तोमर का ऐलान



कोरोना वायरस से निपटने के लिए पतंजली आयुर्वेद ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में निम्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डाक्टर बलबीर सिंह तोमर के सहयोग से दवा तैयार कर ली है। दिव्य पतंजलि और निम्स फार्मेसी ने मिलकर इस दवा को तैयार किया है।


कोरोना मेडिसिन किट में तीन तरह की दवाएं हैं

1- दिव्य कोरोनिल

2- दिव्य श्वसारी

3- दिव्य अणु तेल


दुनिया के सभी मानकों को निम्स अस्पताल में अप्लाई किया गया। पतंजलि आयुर्वेद फार्मेसी में 500 डाक्टरों और आयुर्वेदाचार्यों ने मिलकर इस औषधि को तैयार किया। इस दवा का कोरोना मरीजों पर ब्लाइंड टेस्ट किया गया। जिसमें डाक्टरों को नहीं बताया जाता था कि वो मरीज को कौन सी दवा दे रहे हैं। जिन लोगों पर इस दवा का ट्रायल किया गया उसके परिणाम अभूतपूर्व रहे।


तीन दिन दिव्य पतंजलि फार्मेसी की किट से जब दवा दी गई तो 69 प्रतिशत रिकवरी हुई। इसके बाद अगले 3 से 7 दिन तक इसी दवा को मरीजों को देने पर 100 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो गए। कोरोना वायरस का लोड इन मरीजों पर शून्य हो गया। ऐसा बाबा रामदेव, आचार्य बाल कृष्ण और निम्स के डायरेक्टर डाक्टर तोमर ने दावा किया है।


मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने कहा कि दुनिया इसका इंतजार कर रही थी कि कोरोना वायरस की कोई दवाई निकले, आज हमें गर्व है कि कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई को हमने तैयार कर लिया है। इस आयुर्वेदिक दवाई का नाम कोरोनिल है।

रामदेव बोले कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसन को लीड कर रहा है, हमने कोरोनिल बनाई है। जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की, सौ लोगों पर इसका टेस्ट किया गया। तीन दिन के अंदर 65 फीसदी रोगी पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए।

योगगुरु रामदेव ने कहा कि सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हो गए, हमने पूरी रिसर्च के साथ इसे तैयार किया है। हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है और शून्य फीसदी डेथ रेट है। रामदेव ने कहा कि भले ही लोग अभी हमसे इस दावे पर प्रश्न करें, हमारे पास हर सवाल का जवाब है। हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है।


अगले एक हफ्ते में स्टोर में आ जाएगी। अगले सोमवार तक दवा मंगाने के लिए ऐप भी आ जाएगा।

योगगुरु रामदेव ने बताया है कि इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीज़ों को डाला गया है। साथ ही गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया।

आयुर्वेद से बनी यह दवाई को अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी।


इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से घर पर ये दवाई पहुंचाई जाएगी।

पतंजलि का दावा है कि कोरोना वायरस को मात देने वाली ये दवाई आयुर्वेदिक है, इसका नाम कोरोनिल दिया गया है।


पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि पतंजलि ने आर्युवेद की मदद से कोरोना वायरस को मात देने वाली दवा बना ली है। कोरोना की बीमारी जब से आई थी हम तभी से इस दवाई को लेकर प्रयास कर रहे थे। अब ये हमारा प्रयास सफल हो गया है।


पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीआरआई)(PRI), हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है। दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार के द्वारा किया जा रहा है।

दिव्य श्वसारी – व्यक्ति के रेस्पेरेट्री सिस्टम को सही करता है। श्वास तंत्र को सही करता है ।


दिव्य कोरोनिल – खाने के बाद तीन तीन गोली तीन बार।


अणु तेल - नाम में डाला जाता है।


टीम स्टेट टुडे

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