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डिप्टी सीएम केशव का जन्मदिन आज, ओबीसी वर्ग के मजबूत नेता


लखनऊ, 7 मई 2022 : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आज 52वां जन्मदिन है। शुक्रवार छह मई को वैवाहिक वर्षगांठ मनाने वाले केशव प्रसाद मौर्य को भारतीय जनता पार्टी में ओबीसी यानी पिछड़ा वर्ग का मजबूत नेता माना जाता है। अपने गृह जनपद कौशांबी की सिराथू विधानसभा के चुनाव हारने के बाद लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बनाए गए केशव प्रसाद मौर्य ने 2012 में ही सिराथू से विधानसभा का चुनाव जीतकर इलाहाबाद मंडल के इकलौते भाजपा विधायक होने का गौरव भी प्राप्त किया था। इसके बाद वह 2014 में प्रयागराज के फूलपुर से भारतीय जनता पार्टी के पहले लोकसभा सदस्य भी बने।

उत्तर प्रदेश की सियासत में केशव मौर्य के कद का दूसरा ओबीसी नेता नहीं है। शायद यही वजह है कि इस बार विधानसभा चुनाव में हारने के बाद भी भाजपा ने उनको फिर सम्मानित पद दिया है। केशव प्रसाद मौर्य का सात मई 1969 को कौशांबी के सिराथू में जन्म हुआ था। वह आज अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। केशव प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की सियासत में भाजपा का एक ऐसा चेहरे बन गए हैं जिन्हें नजरअंदाज कर पाना अब पार्टी के लिए भी आसान नहीं है।

उत्तर प्रदेश कीसियासत में केशवमौर्य के कदका दूसरा ओबीसीनेता नहीं है।शायद यही वजहहै कि इसबार विधानसभा चुनावमें हारने केबाद भी भाजपाने उनको फिरसम्मानित पद दियाहै। केशव प्रसादमौर्य का सातमई 1969 को कौशांबीके सिराथू मेंजन्म हुआ था।वह आज अपना 52वां जन्मदिन मनारहे हैं। केशवप्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेशकी सियासत मेंभाजपा का एकऐसा चेहरे बनगए हैं जिन्हेंनजरअंदाज कर पानाअब पार्टी केलिए भी आसाननहीं है।

केशव प्रसादमौर्य का लगातारकद बढ़ा रहीभाजपा : केशव प्रसादमौर्य भाजपा केलिए पिछड़ों केसबसे बड़े नेताबनकर उभरे हैं।इसी कारण पार्टीउन पर भरोसाभी करती है।केशव प्रसाद मौर्यको प्रदेश मेंमौर्य और कुशवाहावोटर्स को साधनेके लिए भीपार्टी ने उन्हेंही जिम्मेदारी दी।गैर यादव वोटर्सको एकजुट करनेमें भी केशवमौर्य का अहमयोगदान माना जाताहै। राज्य केकुल वोटर्स मेंओबीसी मतदाताओं कीहिस्सेदारी लगभग 45 फीसदी है।ऐसा माना जाताहै कि यादववोटरों का एकबड़ा हिस्सा सपासमर्थक है। यहयूपी की सबसेप्रभावशाली ओबीसी जाति भीहै। ओबीसी राजनीतिको साधने केलिए भाजपा लगातारकेशव प्रसाद मौर्यका कद बढ़ारही है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघके सम्पर्क : केशवप्रसाद मौर्य राष्ट्रीय स्वयंसेवकसंघ के सम्पर्कमें आने केबाद विश्व हिन्दूपरिषद, बजरंग दल औरभाजपा में करीब 18 वर्ष तक प्रचारकरहे हैं। इसकेसाथ ही उन्होंनेश्रीराम जन्म भूमिऔर गोरक्षा वहिन्दू हित केलिए अनेकों आन्दोलनकिया और इसकेलिए जेल भीगये। विश्व हिंदूपरिषद से जुड़ेकेशव प्रसाद मौर्यसक्रिय रूप सेराजनीति में वर्ष 2000 में आए थे।केशव प्रसाद मौर्यके राजनीतिक गुरूस्वर्गीय अशोक सिंहलथे। 2002 में राजनाथसरकार के दौरानकेशव प्रसाद मौर्यने संगठन केलिए काम किया।उन्होंने संगठन को खड़ाकरने के लिएजी-जान लगादिया।

माफिया अतीक अहमदके खिलाफ चुनावलड़े : सक्रिय राजनीतिक जीवनकी शुरुआत इलाहाबादपश्चिमी विधानसभा सीट सेहुई जब वह 2002 में माफिया अतीक अहमदके खिलाफ भाजपाउम्मीदवार के तौरचुनाव लड़े। सातहजार मत पाकरवह चौथे स्थानपर रहे। उसकेबाद 2007 का चुनावभी इलाहाबाद पश्चिमीविधानसभा से हीलड़े। इस बारभी उनको जीतनहीं मिली। केशवप्रसाद मौर्य ने 2012 काविधानसभा चुनाव में गृहजनपद कौशांबी केसिराथू से लड़ाऔर पहली बारविधायक चुने गए।छह मार्च 2012 कोवह पहली बारविधायक चुने गए।इतना ही नहींवह इलाहाबाद मंडलके चारों जिलोंइलाहाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़ वफतेहपुर से इकलौतेभाजपा विधायक चुनेगए थे। 2013 इलाहाबादके केपी कालेजमें वह ईसाईधर्मप्रचारक के आगमनके विरोध कानेतृत्व करते हुएपूरे प्रदेश मेंप्रसिद्ध हुए। भारतीयजनता पार्टी नेउनको 2014 का लोकसभाचुनाव फूलपुर सेलड़ाया। वह तीनलाख से अधिकवोट से जीतेऔर फूलपुर सेभाजपा के पहलेसांसद होने कागौरव प्राप्त किया।उन्होंने यहां समाजवादीपार्टी के पूर्वसांसद धर्मराज सिंहपटेल को पराजितकिया। यह कांग्रेसका गढ़ थायहां से भाजपाने पहली बारजीत का स्वादचखा था। इसकेबाद उनका कदबढ़ता चला गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष : 2014 से 2016 तक केशवप्रसाद मौर्य सांसद केतौर पर सेवाएंदेते रहे। 16 अप्रैल 2016 को उन्हें भाजपा प्रदेशअध्यक्ष की जिम्मेदारीदी गई। 14 वर्षसूबे की सत्तासे बाहर रहीभारतीय जनता नेशानदार प्रदर्शन किया और 2017 के विधानसभा चुनावों मेंपहली बार इतिहासरचा। 11 मार्च को नतीजेआए और भाजपाको 325 सीटें मिली थीं।उनके ही नेतृत्वमें भाजपा ने 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभामें ऐतिहासिक जीतदर्ज की। इसकेबाद उन्हें मुख्यमंत्रीपद का प्रबलदावेदार माना जारहा था। उन्हेंउपमुख्यमंत्री बनाया गया। उन्होंने 19 मार्च 2017 को उत्तरप्रदेश के उपमुख्यमंत्री की शपथली।

केशव प्रसादमौर्य को भाजपाकी प्रदेश इकाईके पिछड़े वर्गके सबसे बड़ेनेता के तौरपर जाना जाताहै। यूपी विधानसभाचुनाव 2022 मे केशवप्रसाद मौर्य को समाजवादीपार्टी की उम्मीदवारपल्लवी पटेल नेछह हजार सेज्यादा वोटों से पराजितकिया। इसके बादभी भाजपा नेएक बार फिरउन्हें योगी आदित्यनाथसरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया हैं। पहलेउनके पास लोकनिर्माण विभाग था, इसबार उनको ग्रामविकास एवं समग्रविकास, ग्रामीण अभियंत्रण विभागका प्रभार दियागया है। इससेपहले इलाहाबाद कोस्मार्ट सिटी केरूप में जोउपहार मिला, उसमेंभी इन्होने महत्वपूर्णभूमिका अदा की।
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