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मेहनत करेंगे तो अपनी छाप छोड़ेंगे, भ्रष्टाचार किया तो नौकरी से हाथ धोएंगे


लखनऊ, 23 मार्च 2023 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न विभागों के लिए चयनित 496 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का गुरुवार को शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 22 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में नवचयनित अभ्यर्थियों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सेवा के शुरुआती 10 वर्षों में अपनी मेहनत से आप विभाग में अपनी पहचान बनाएंगे तो परिश्रम के साथ किये गए कार्य आगे के 30-35 वर्षों के लिए नींव का कार्य करेंगे। नींव जितनी मजबूत होगी, उस पर बनने वाला भवन उतना ही टिकाऊ होता है। अपनी कार्य पद्धति से आप पूरे विभाग पर अपनी छाप छोड़ेंगे। वहीं प्रारंभिक 10 वर्षों में ही आप पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगने लगे तो आपको नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है।

योगी ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने में आपकी बड़ी भूमिका है। सरकार की आपसे अपेक्षा है कि नागरिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने में उनके साथ किसी भी तरह का भेदभाव न हो। भारत के सभी नागरिकों का देश के संसाधन पर पूरा अधिकार है। प्रत्येक नागरिक को सम्मान के साथ जीने, आगे बढऩे और देश के विकास में योगदान देने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए। यह कार्य आप ईमानदारी से कर सकते हैं। आपको जनसुनवाई करनी होगी।

यह भी देखना होगा कि जनता को कोई परेशानी न हो, उसका किसी भी तरह से उत्पीडऩ न हो। जनता को शासन की योजनाओं का लाभ ससमय प्राप्त हो। इसके लिए तकनीकी का उपयोग करके शासन ने इन कार्यों को शुचितापूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। इसमें नवचयनित अभ्यर्थी भी अपने स्तर पर बेहतर योगदान दे सकते हैं। आप जिन विभागों से जुड़े हैं, वे जनता से जुड़े हुए विभाग हैं। इसलिए आपको जनसुनवाई और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए अपने आपको तैयार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते छह वर्षों में 5.5 लाख नौजवानों को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सरकारी नौकरियां दी गईं। 1.61 करोड़ से अधिक युवाओं को एमएसएमई में रोजगार से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से 60 लाख से अधिक युवा उद्यमियों को अपना स्टार्टअप या उद्यम लगाने या एमएसएमई स्थापित करने के लिए बैंकों के साथ जोड़कर आर्थिक स्वावलंबन की ओर अग्रसर किया गया है। वर्ष 2017 से पूर्व उप्र में बेरोजगारी दर 18-19 प्रतिशत थी जो वर्तमान में घटकर तीन से चार प्रतिशत रह गई है। इस बात पर प्रसन्नता भी जतायी कि नियुक्ति पत्र पाने वाले 43 अभ्यर्थी अभ्युदय योजना के तहत कोचिंग हासिल की है।

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