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फिर से लॉकडाउन, कहीं ऐलान तो कहीं तैयारी, जनता की लापरवाही पड़ी भारी



सब्जी मंडी, जनरल स्टोर, कारखाने, ऑफिस हर जगह आज खुली है। लोगों की आवाजाही लगातार जारी है। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि लोग ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं और ना ही मॉस्क लगा रहे हैं। सेनेटाइजर आदि का प्रयोग तो भूल ही जाइये। स्थिति ऐसी है कि लोग सड़क किनारे खड़े होकर बगैर किसी चिंता के चाट, बताशे, समोसे खा रहे हैं। दुकानदार भी किसी तरह के सुरक्षा उपाय नहीं कर रहे। पान की दुकाने खुलने के बाद पान मसाले और पान की पीक हर सड़क पर खतरा बढ़ा रही है।


कोरोनाकाल में अनलॉक 1 जिस भरोसे से किया गया था आम जनता ने उस भरोसे की धज्जियां उड़ा दी हैं। हालात पूरे देश के खराब होते जा रहे हैं। एक ऐसा समय जरुर आया जब कोरोना संक्रमितों की संख्या से ज्यादा संख्या ठीक़ होने वालों की हो गई । लेकिन लोगों की लापरवाही कोरोना का प्रभाव बढ़ाता ही जा रही है।


उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ में 25 जून को 85 कोरोना केस सामने आए हैं। अभी राजधानी लखनऊ में कुल 379 केस एक्टिव हैं।


गौतमबुद्धनगर यानी नोएडा का हाल भी बुरा है। यहां 25 जून को 98 केस सामने आए। नोएडा में कुल एक्टिव केसों की संख्या 654 है।


पूरे उत्तर प्रदेश की स्थिति कतई संतोषजनक नहीं है। चूंकि जांच सीमित संख्या में हो रही है इसलिए एक्टिव केसेज की तादात कुछ कम दिखती है। ये वास्तविक रुप में कम हो सकती थी लेकिन अगर लोग लगातार सावधानी बरतते।



कुछ राज्यों के हालात तो हद से ज्यादा बिगड़ गए हैं।


पश्चिम बंगाल में कोरोना के मामले अब काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। ममता सरकार ने एकबार फिर से राज्य में लॉकडाउन लागू करने का फैसला लिया है। पश्चिम बंगाल में 31 जुलाई तक लॉकडाउन लागू रहेगा। हालांकि, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने यह भी कहा है कि लॉकडाउन में पहले की तुलना में काफी हद तक छूट भी दी जाएगी।


कोरोना वायरस के कारण एकबार फिर से देश में लॉकडाउन की चर्चा शुरू हो गई है। पहले चेन्नई फिर गुवाहाटी और अब पश्चिम बंगाल ने लॉकडाउन लागू भी कर दिया है। बेंगलुरु समेत कई और शहर भी लॉकडाउन फिर से लागू करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, महानगरों में कोरोना की रफ्तार तेज होने के कारण ही देश में कोरोना वायरस के मामले अब साढ़े चार लाख के पार पहुंच गए हैं।


कोरोना के कारण देश में लागू हुआ लॉकडाउन खत्म हो गया है। 'अनलॉक 1' में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। अब देश में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या साढ़े चार लाख के पास पहुंच गई है। इस बीच कई बड़े शहरों में फिर से लॉकडाउन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। चेन्नै में 19 से 30 जून तक लॉकडाउन लागू है। गुवाहाटी में भी मंगलवार से 14 दिन का लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। अब बेंगलुरु में कोरोना की रफ्तार बढ़ने से फिर से लॉकडाउन लागू किए जाने पर विचार शुरू हो गया है।


तमिलनाडु में कोरोना की रफ्तार बेकाबू हो गई है। सबसे ज्यादा मामले चेन्नै में ही है। इसी को देखते हुए मेट्रोपोलिटिन चेन्नै पुलिस क्षेत्र के चार जिलों में 19 से 30 जून तक लॉकडाउन लागू कर दिया जाएगा। ये चार जिले चेन्नै, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और तिरवल्लूर हैं। इस लॉकडाउन को 'मैक्सिमाइज रेस्ट्रिक्टेड लॉकडाउन' नाम दिया है। चेन्नै में कोरोना के कुल 44,205 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 24 घंटे में ही चेन्नै में 1380 नए मामले सामने आए हैं।


जिन राज्यों में दोबारा लॉकडाउन घोषित नहीं किया जा रहा वहां स्थितियां सामान्य या काबू में हैं ऐसा नहीं कहा जा सकता। आम जनता बेहद लापरवाही बरत रही है। दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों के बाद अब लखनऊ, कानपुर, बेंगलुरु, भोपाल जैसे शहरों में भी स्थिति तेजी से बिगड़ रही है।


स्थिति ऐसी है कि राज्य सरकार या केंद्र सरकार एक सीमा से ज्यादा कारोबार और सरकारी मशीनरी को घर में रख सकती। सरकार घर बैठा कर सवा सौ करोड़ की जनता को हमेशा राशन और आर्थिक मदद भी नहीं दे सकती। ऐसे में सिर्फ एक ही रास्ता है आम जनता खुद सतर्क रहे और क़ोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मॉस्क, सेनेटाइजर आदि का इस्तेमाल करे। अगर जरुरी ना हो तो घर की दहलीज ना पार करें।


टीम स्टेट टुडे

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