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महाशिवरात्रि पर संगम की पावन धारा में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, माघ मेले का समापन ,जलाभिषेक-रुद्राभिषेक कर Cm Yogi ने की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना



महाशिवरात्रि पर संगम की पावन धारा में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी


योगी सरकार की तरफ से माघ मेले में किए गए कई नवाचार आगामी महाकुंभ के लिए बन सकते हैं आधार


08 मार्च , प्रयागराज ।

प्रयागराज के संगम तट में लगे आस्था के सबसे बड़े वार्षिक समागम माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि का सकुशल समापन हो गया। महाशिवरात्रि पर लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से इस बार के माघ मेले को दिव्य, भव्य और नव्य स्वरूप देने के लिए कई नवाचार भी किए गए।


महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी


त्रिवेणी के तट पर लगे माघ मेले के आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। माघ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद के मुताबिक सुबह से ही संगम में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार संगम में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई है। उन्होंने यह भी बताया है कि 54 दिनों तक चले इस माघ मेले के 6 प्रमुख स्नान पर्वों पर 3 करोड़ 27 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई है।


आगामी महाकुंभ के लिए नवाचार की प्रयोगशाला बना माघ मेला


आगामी महाकुम्भ की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखकर इस बार माघ मेले का आयोजन योगी सरकार ने किया था।इसीलिए यह माघ मेला महाकुंभ के लिए नवाचार की प्रयोगशाला भी रहा। माघ मेला अधिकारी दयानंद प्रसाद बताते हैं कि इस बार के माघ मेले में कई नए नवाचार किए गए। माघ मेला में पहली बार रोशनी की सतत व्यवस्था और विद्युत की बचत के लिए 165 से अधिक एलइडी सोलर हाइब्रिड स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी। स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में 21 हजार शौचालय बनाए गए हैं।


माघ मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 10 वाटर एटीएम लगाए गए ।


मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर थीमैटिक और स्पाइरल लाइट का इस्तेमाल किया गया।


इसके अलावा मेला क्षेत्र के पॉन्टून पुल में पहली बार डेलिनेटर्स लाइट्स का इस्तेमाल किया गया है । मेला क्षेत्र के दो पांटून पुल में इसका प्रयोग किया गया। सिंचाई विभाग की तरफ से मेला क्षेत्र में नदियों के पानी के बहाव से होने वाले कटाव को रोकने के लिए पहली बार जियो बैग का इस्तेमाल किया गया। माघ मेला में आने वाली श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी पहली बार प्रभावी रूप से किया गया ।


पर्यटन विभाग की तरफ से किए गए नव्य प्रयोग


माघ मेला में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से भी अभिनव प्रयोग किए गए। उत्तर प्रदेश का पहला फ्लोटिंग रेस्टोरेंट भी इसी माघ मेले के समय यमुना नदी की लहरों में बोट क्लब में शुरू किया गया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद इसका उद्घाटन किया। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट शुरू करने के साथ यमुना नदी में मिनी क्रूज की बोटिंग सेवा भी शुरू की गई है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह बताती हैं कि यमुना नदी में त्रिवेणी क्लब से सुजावन देव मंदिर तक मिनी क्रूज बोटिंग की सेवा शुरू की गई है। इसके लिए ₹240.00 लाख की लागत से दो मिनी क्रूज तैयार हुए जो पर्यटकों को यमुना नदी में जल पर्यटन की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। माघ मेले में अप्रवासी भारतीयों को हेरिटेज वॉक का मौका मिला । टूर कंपनी होली वाटर्स इंडिया जर्निज के संचालक नीलेश नारायण के मुताबिक इस बार माघ मेला आए 50 सदस्यीय अप्रवासी भारतीयों व विदेशी पर्यटकों को संगम स्नान के बाद शहर के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का हेरिटेज वॉक कराया गया । इसके अंतर्गत धार्मिक आश्रमों और अखाड़ों के दर्शन भी शामिल है । आगामी महाकुंभ के लिए ये नवाचार उपयोगी हो सकते हैं।


 

जलाभिषेक-रुद्राभिषेक कर सीएम योगी ने की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना



महाशिवरात्रि पर भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में सीएम ने किया दर्शन-पूजन

गोरखनाथ मंदिर में गो दुग्ध और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक किया मुख्यमंत्री ने

मानसरोवर मंदिर में भगवान शिव का दर्शन-पूजन किया सीएम योगी ने


गोरखपुर, 8 मार्च। देवाधिदेव महादेव भोले शंकर की उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भरोहिया के पितेश्वरनाथशिव मंदिर में जलाभिषेक तथा गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्य, सुख, समृद्धि व शांति की मंगलकामना की।


सीएम योगी शुक्रवार को सुबह लखनऊ से पीपीगंज के भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर पहुंचे। यहां बाबा पितेश्वरनाथ का दर्शन, पूजन व विधि विधान से जलाभिषेक कर सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। पांडवकालीन मान्यता वाले पितेश्वरनाथ मंदिर का गोरक्षपीठ से गहरा नाता है।


गोरक्षपीठाधीश्वर हर महाशिवरात्रि यहां जलाभिषेक करने आते हैं। जलाभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री ने भरोहिया में शिव मंदिर के सामने स्थित गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ के परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। बच्चों का प्यार से माथा सहला कर आशीर्वाद दिया। कुछ लोगों से हंसी ठिठोली भी की। स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े कुछ मामलों पर उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि विकास में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। भरोहिया में मुख्यमंत्री के आगमन पर विधायक फतेह बहादुर सिंह, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह, जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, गोरख सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।


इसके बाद भरोहिया से गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया। अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर शीश झुकाकर उन्हें नमन किया। तत्पश्चात गोरखनाथ मंदिर परिसर में मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में उन्होंने भगवान भोले शंकर का दुग्ध, दही, घी, मधु और शर्करा से पंच स्नान तथा गो दुग्ध और गन्ने के रस से रुद्राभिषेक किया। मठ के पुरोहित एवं वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री ने हवन तथा आरती कर चराचर जगत के कल्याण के लिए महादेव शिव से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर में भी पूजन किया। उन्होंने यहां भगवान नंदी का पूजन कर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया।

गोरखनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि का अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मानसरोवर मंदिर भी गए। यहां उन्होंने भोलेनाथ का दर्शन पूजन और जलाभिषेक किया।

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