भारतीय रेल : एक जून से चलने वाली स्‍पेशल ट्रेनों में आरएसी और वेटिंग टिकट का क्‍या होगा ? जानिए


अब स्पेशल पैसेंजर ट्रेनों में यात्रा से 30 दिन पहले तक रिजर्वेशन टिकट लिया जा सकेगा। रेलवे ने यात्रा से 7 दिन पहले तक ही टिकट बुकिंग की अनुमति दी थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 दिन कर दिया गया है। इसके साथ ही, रेलवे 1 जून से चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के टिकट बुकिंग के लिए धीरे-धीरे सारी टिकट खिड़कियां खोलने जा रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि अब तक 1 हजार से ज्यादा टिकट काउंटर्स खुल चुके हैं और जरूरत के अनुसार आगे भी काउंटर्स खुलते रहेंगे। साथ ही, IRCTC एजेंट, पोस्ट ऑफिस, कॉमन सर्विस सेंटर्स आदि को भी टिकट उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। पहले सिर्फ IRCTC की वेबसाइट और ऐप से ही टिकट बुकिंग की अनुमति थी।


RAC वालों का क्या होगा


रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसलेशन (RAC) वालों को रेलवे ने आश्वासन दिया है कि आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है। फिलहाल रेलवे ने सिर्फ कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति दी है। साथ ही एनरूट टिकट बिल्कुल मना किया हुआ है। रास्ते में किसी यात्री को चढ़ने की अनुमति नहीं है, इसलिए आरएसी टिकट के कन्फर्म होने की पूरी संभावना है।


जब सिर्फ कन्फर्म टिकट पर यात्रा तो वेटिंग लिस्ट क्यों

सिर्फ कन्फर्म टिकट पर यात्रा के नियम के बावजूद वेटिंग लिस्ट के टिकट इसलिए दिया गया है क्योंकि पहले ट्रेनों में देखा गया कि कुछ लोग ट्रेन खुलने के वक्त टिकट कैंसल कर रहे थे। अब वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था होने के कारण कैंसल टिकटों से खाली बर्थ को बाकी लोगों से भरा जाएगा।


क्या महंगा कर दिया गया है रेल टिकट?


रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इस अंदेशे को पूरी तरह खारिज करते हुए बताया कि लॉकडाउन से पहले जो टिकट प्राइस थी, आज भी वही है। किसी टिकट पर एक भी पैसा ज्यादा नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां तक बात खास यात्रियों को टिकट किराए पर मिलने वाली छूट का सवाल है तो लॉकडाउन से पहले कुछ छूटों पर रोक लगा दी गई थी, खासकर बुजुर्गों को मिलने वाली छूट पर। वह इसलिए किया गया था कि संकट की स्थिति में लोगों का साथ मिले।

अगले 10 दिनों में 36 लाख लोगों को कराएंगे यात्रा


प्रवासी श्रमिकों से उन्हें उनके घर पहुंचाने का वादा करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि जब तक आखिरी प्रवासी श्रमिक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच जाते, तब तक रेलवे की तरफ से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलती रहेंगी। रेलवे ने योजना बना रखी है कि अगले 10 दिनों में 36 लाख लोगों को यात्रा करवाएंगे। अब तक 35 लाख प्रवासी श्रमिक एक राज्य से दूसरे राज्य गए जबकि करीब 10 लाख श्रमिक राज्य के अंदर सफर कर सके हैं। 2,600 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें यात्रा पूरा कर चुकी हैं। 1 मई से अब तक 35 लाख से ज्यादा यात्रियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाया जा चुका है।


टीम स्टेट टुडे


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