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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को दिया T-T-T फार्मूला, कोरोना से देश का हालात चिंताजनक



लगभग एक साल के बाद कोरोना महामारी का खौफ भारत में गहराने लगा है। देश के कई राज्यों में कोरोना के मामले लगातार बढ़े हैं। मौतें भी जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना के प्रसार को रोकेने के लिए लागू बचाव संबंधी नियमों को सख्ती से लागू करने, आरटी-पीसीआर और ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन लगाने जैसे सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर को तत्काल रोकना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और पंजाब जैसे कई राज्यों में संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोरोना की इस लहर को यहीं नहीं रोका गया, तो देशव्यापी असर देखने को मिल सकता है।


पीएम ने दिया ट्रिपल टी फार्मूला


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ का मंत्र दिया है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति बेहद कम समय में ट्रैक करना और आरटी-पीसीआर जांच दर 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है। पीएम ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए। हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है।


वायरस को गांव पहुंचने से पहले रोकना होगा


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। छोटे शहरों में "रेफरल सिस्टम" और "एम्बुलेंस नेटवर्क" के ऊपर विशेष ध्यान देना होगा ताकि कोरोना वायरस गांव तक अपने पैर न पसार पाए। अगर कोरोना वायरस गांवों तक पहुंच गया, तो मुश्किल खड़ी हो जाएगी।


राज्य से अपील वैक्सीन बर्बाद ना करें


पीएम मोदी ने कहा कि देश में वैक्सीनेशन की गति लगातार बढ़नी चाहिए। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश में वैक्सीन वेस्ट का आंकड़ा दस प्रतिशत तक पहुंचा है जो बाकी देश के मुकाबले काफी कम है। देश में हम करीब 30 लाख वैक्सीन रोज लगा पाए हैं, ऐसे में इसी रफ्तार को आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए हमें वैक्सीन वेस्टेज को रोकना होगा, इसके लिए राज्यों को थोड़ी सख्ती बरतने की जरूरत है। आपको बताते चलें की कोरोना वैक्सीन बर्बाद करने के मामले में तेलंगाना देश में अव्वल नंबर पर है।


फिर से लगेगा लॉकडाउन


कोरोना महामारी के सामने आने के बाद देश में लगाए गए पहले लॉकडाउन के लगभग एक साल बाद एक बार फिर वैसी ही स्थिति पैदा होने लगी है। महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तो सीमित लॉकडाउन और रात का कर्फ्यू लगाने जैसे सख्त कदम उठाने भी पड़ गए हैं। एक महीने पहले तो ऐसा लगने लगा था कि कोरोना संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में आ गया है, नए मामले 10 हजार के आसपास आ गए थे। लेकिन फरवरी के दूसरे पखवाड़े से महाराष्ट्र और केरल में नए मामलों में ऐसी उछाल आई कि देश में दूसरी लहर की आशंका बढ़ गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देशभर में कोरोना संक्रमण के 28,903 नए मामले मिले हैं, जिनमें से अकेले महाराष्ट्र में ही 17,864 केस हैं। इस साल एक दिन में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नए मामले मिले हैं। इससे पहले पिछले साल 13 दिसंबर को इससे अधिक 30,254 मामले पाए गए थे। इस दौरान 188 लोगों की मौत भी हुई है।


पंजाब में 1,463, कर्नाटक में 1,135, गुजरात में 954, तमिलनाडु में 867 और छत्तीसगढ़ में 856 नए केस मिले हैं। ये वो राज्य हैं जो देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की चिंता बढ़ा रहे हैं। लगभग 80 फीसद नए मामले इन्हीं राज्यों से हैं।


भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के मुताबिक कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए मंगलवार को देशभर में 9,69,021 नमूनों की जांच की गई। इनको मिलाकर अब तक कुल 22 करोड़ 92 लाख 49 हजार से ज्यादा नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है।


लगातार बैठकों, वैक्सीनेशन, कोविड-19 की गाइडलाइंस का प्रचार और बावजूद देश के हर नागरिक को ध्यान रखना होगा कि कोरोना के इलाज के लिए दवा अब तक दुनिया में कहीं नहीं बनी है। वैक्सीन कोरोना के खिलाफ शरीर में प्रतिरोधक क्षमता पैदा करती है लेकिन वैक्सीनेशन होते होते खुद को बचाना जरुरी है।


टीम स्टेट टुडे


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