google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

सोमवार से शुरु होगी अनलॉक की प्रक्रिया – कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद थोड़ा सा साहस



कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर कहर बरपाया है। संक्रमण रोकने के सबसे कारगर उपाय लाकडाउन या कोरोना कर्फ्यू से राज्य सरकारों ने जितना बचने की कोशिश की महामारी का दंश उतना ज्यादा बढ़ा। नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लाकडाउन, फिर हफ्ते हफ्ते का कोरोना कर्फ्यू और कंप्लीट लॉकडाउन लगाने के बाद कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से कम हुए हैं। जो लोग अभी उपचार करा रहे हैं उनका रिकवरी रेट भी बेहतर है। ऐसे में जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की मुहिम सरकारों ने शुरु की है।


लाकडाउन को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकारों ने सबसे ज्यादा आनाकानी की और मामले भी सबसे ज्यादा यहीं निकले। स्थिति भी इन्हीं राज्यों में वीभत्स हुई। जनता को केंद्र और राज्य की सियासत में उलझाकर मुख्यमंत्रियों ने केंद्र की फटकार के बाद फैसले तो लिए लेकिन आम लोगों की जिंदगी से ज्यादा इमेज बिल्डिंग की कवायद चलती रही। हालात ऐसे बने कि केंद्र की तरफ से राज्यों को जो मदद भेजी गई उसकी पैकिंग तक राज्य सरकारों ने खोलना जरुरी नहीं समझा और सोशल मीडिया और टेलीवीजन अखबारों में जमकर सियासी प्रचार होता रहा।


अब जब कोरोना की दूसरी लहर थम रही है तो अनलॉक की प्रक्रिया भी शुरु हो रही है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस करके दिल्ली को धीरे धीरे खोलने की प्रक्रिया शुरु करने की बात कही है।


केजरीवाल का कहना है कि अब ये समय है कि दिल्ली में धीरे-धीरे अनलॉक हो। वरना कहीं ऐसा न हो कि लोग कोरोना से तो बच जाएं लेकिन भुखमरी से मर जाएं। हमें बैलेंस बना कर चलना है कि कोरोना भी न बढ़े और आर्थिक गतिविधियों को भी चलाने की कोशिश करनी हैं।


मुख्यमंत्री केजरीवाल ने जो रोडमैप रखा वो इस तरह है -

  • 31 मई को सुबह 5.00 बजे तक लॉकडाउन रहेगा।

  • डीडीएमए की में फैसला लिया गया कि दिल्ली को धीरे-धीरे खोला जाए।

  • दिल्ली को खोलने में सबसे पहले उस तबके को ध्यान में रखना है जो सबसे गरीब हैं, मजदूर हैं।

  • दिल्ली में कई राज्यों से मजदूर आते हैं अपनी आजीविका के लिए हमें इनका सबसे ज्यादा ख्याल रखना है, इसलिए सबसे पहले इन्हें राहत दी जाएगी।

  • सोमावर से निर्माण और फैक्ट्री गतिविधियां शुरु होंगी।

  • हर हफ्ते जनता के सुझाव और एक्सपर्ट की राय के आधार पर धीरे-धीरे दिल्ली अनलॉक होगी।

  • अगर इस बीच दिल्ली में फिर से केस बढ़े तो अनलाक की प्रक्रिया को रोका जाएगा।

  • कोरोना से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा। तभी कोरोना को हराना संभव होगा और दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू होंगी।

  • कोरोना दोबारा बढ़ा तो लॉकडाउन के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।

  • जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • सभी को पूरी जिम्मेदारी से बर्ताव करना है ताकि दिल्ली और अपने देश को बचा सकें।

महाराष्ट्र में क्या होगा


महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण पर राज्‍य के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि राज्‍य में कोरोना संक्रमण के हालात अब नियंत्रण में हैं। अभी सरकार उन ज़िलों में लॉकडाउन बढ़ाना चाहते हैं ​जहां पॉजिटिविटी रेट ज़्यादा है या जहां बेड की उपलब्धता में कोई समस्‍या नहीं है। स्थिति को देखते हुए हम कुछ स्‍थानों पर पाबंदियों में छूट दी जाएगी।


कैबिनेट बैठक में इस बात पर चर्चा हुई है कि लॉकडाउन को 15 दिनों के लिए बढ़ाया जाना चाहिए लेकिन जिन जिलों में मामले कम हुए हैं, उनमें ढील दी जा सकती है, अंतिम निर्णय जल्द ही घोषित किया जाएगा।

मुंबई समेत महाराष्ट्र में अलग अलग चरणों में दुकानों, शॉपिंग माल्‍स, ऑफिसों और अन्‍य चीजों को खोला जाएगा। होटल, रेस्‍तरां, बार, शराब बिक्री की दुकानों और धार्मिक स्‍थलों को अंतिम चरण में खोलने की अनुमति मिल सकती है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान महाराष्‍ट्र देश के सबसे अधिक प्रभावित राज्‍यों में से एक रहा है।


क्या होगा मध्यप्रदेश में


मध्‍य प्रदेश भी अनलॉक प्रक्रिया के शुरू करने की घोषणा कर चुका है। इस प्रक्रिया के तहत 1 जून से चरणबद्ध तरीके से पाबंदियां हटाई जाएंगी। राज्‍य के पांच जिलों में कोरोना के नए मामलों में आई गिरावट को देखते हुए कुछ ढील पहले ही दे दी गई है। यहां पर 1 जून से सरकारी दफ्तरों को सीमित कर्मचारियों के साथ खोला जा सकता है। हालांकि सिनेमाघर, मॉल, कोचिंग संस्‍थान को बाद में खोला जाएगा।


उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की तैयारी


उत्‍तर प्रदेश सरकार में कोविड के मामले कम हुए हैं लेकिन ब्‍लैक फंगस लगातार अपने पांव पसार रहा है। हालांकि इसके बावजूद यहां पर लॉकडाउन को बढ़ाए जाने की उम्‍मीद कम ही दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि सरकार 1 जून से बाजार पर लगी पाबंदियों को हटा सकती है और दफ्तरों को भी सीमित संख्‍या के साथ खोल सकती है।


टीम स्टेट टुडे



विज्ञापन
विज्ञापन

Comments


bottom of page