google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
 

योगी सरकार ने किसानों की खुशहाली के लिए खोला पिटारा, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता


लखनऊ, 25 सितंबर 2022 : किसानों की खुशहालीयोगी आद‍त्यनाथसरकार की प्राथमिकतापर रही है।इसके लिए ग्रामीणक्षेत्रों के विकासके लिए नईयोजनाओं के साथकदम बढ़ाए गएहैं। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने गन्नाकिसानों को उनकेउत्पाद का बेहतरमूल्य दिलाकर किसानके हित मेंबड़ा कदम बढ़ाकरउनका विश्वास जीता।

योगी सरकारमें हुआ गन्‍ना किसानोंको रिकार्ड भुगतान

गन्ना किसानों को 19 मार्च, 2017 से अबतक 1,78,608 करोड़ रुपये कारिकार्ड भुगतान किया गयाहै। इनमें योगीसरकार 2.0 में बीतेछह माह में 30,697 करोड़ रुपये गन्ना मूल्यका भुगतान कियागया है। इसकेअलावा प्रधानमंत्री किसानसम्मान निधि से 2.60 करोड़ किसानों को 48 हजार 324 करोड़ रुपये का भुगतानकिया गया है।खेती को अत्याधुनिकतकनीक से जोड़ेजाने की दिशामें भी लगातारप्रयास किए जारहे हैं।

खेती मेंशुरु हुआ तकनीकका प्रयोग, फसलीऋण हुआ आसान

इसी कड़ीमें खेती मेंड्रोन के प्रयोगकी शुरुआत कीगई है। कृषिउत्पादक संगठन व कृषिस्नातकों को सरकार 40 से 50 प्रतिशत अनुदान परड्रोन उपलब्ध करारही है। प्रधानमंत्रीफसल बीमा योजनाके तहत प्रदेशमें 2,30,8487 बीमित किसानों द्वारा 16,45,081 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमाकराया गया है।साथ ही फसलीऋण उपलब्ध करानेमें भी सरकारपीछे नहीं रही।किसानों को 40,20,948 करोड़ रुपये फसलीऋण प्रदान कियागया है।

भूमि सुधारपर सरकार करफोकस, नवीन मंडियोंका आधुनिकीकरण

भूमि सुधारके लिए 602 करोड़रुपये की पंडितदीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धियोजना भी लागूकी गई है।सरकार ने किसानोंको उनकी फसलका बेहतर मूल्यदिलाने के लिए 27 नवीन मंडियों का आधुनिकीकरणकराने के अलावा 54 कृषि कल्याण केंद्रों कीस्थापना भी कराईहै। 105 करोड़ रुपये कीलागत से उपमंडीस्थल मलिहाबाद (लखनऊ), नवीन मंडी स्थलमिश्रिख (सीतापुर) तथा भिनगा (श्रावस्ती) का निर्माणभी कराया गयाहै।

डिजिटल पेमेंट कोदिया बढ़ावा

मंडियों में डिजिटलपेमेंट की सुविधाभी उपलब्ध कराईगई है। प्रधानमंत्रीकुसुम योजना केतहत किसानों को 10 हजार सोलर पंपभी आवंटित किएगए। प्रधानमंत्री कृषिसिंचाई योजना के तहतप्रदेश में 2,847 खेत तलाबोंकी खोदाई काकार्य प्रगति परहै। प्रधानमंत्री किसानमानधन योजना में 2,49,727 लाभार्थियों को कार्डभी उपलब्ध करायेगए हैं। नेशनलमिशन आन नेचुरलफार्मिंग के अंतर्गतप्रदेश के 49 जिलों में 85,710 हेक्टेयर भूमि मेंप्राकृतिक खेती कराईजा रही है।

ग्रामीण मार्गों कीबदली तस्वीर

कहते हैंकि किसी भीक्षेत्र की खुशहालीका रास्ता उसकीसड़कों से खुलताहै। राज्य सरकारने किसानों केहितों को देखतेहुए ग्रामीण क्षेत्रोंके मार्गों केनिर्माण का भीपूरा ध्यान रखाहै। प्रधानमंत्री ग्रामसड़क योजना केतहत प्रदेश में 5,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माणकराया है। इसकेसाथ ही प्रत्येकग्राम पंचायत मेंदो अमृत सरोवरबनाने का लक्ष्यरखा गया है।इसके तहत 15,445 तालाबोंका चिह्नांकन करतेहुए अब तक 8,097 तालाबों (अमृत सरोवरों) का निर्माण कार्यपूरा कराया गयाहै।

मनरेगा और स्वयंसहायता समूह सेबढ़ा ग्रामीण रोजगार

मनरेगा के तहतपिछले साढ़े पांचवर्षों में 136 करोड़ मानवदिवस सृजित कराएगए। इनमें बीतेछह माह में 17.82 करोड़ मानव दिवससृजित हुए। 6.43 लाखसे अधिक स्वयंसहायता समूह गठितकर 67 लाख ग्रामीणपरिवारों को उनसेजोड़ा गया। प्रदेशमें 58 हजार बीसीसखी चयनित कीगईं, जिनमें 48 हजारबीसी सखी क्रियाशीलहैं। सरकार ने 82,520 स्वयं सहायता समूहों कोरिवाल्विंग फंड वकम्युनिटी इंवेस्टमेंट सपोर्ट फंडके रूप में 400 करोड़ रुपये प्रदान किएहैं।

1 view0 comments
 
google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0