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1.50 लाख करोड़ के निवेश से खुलेंगे 6 लाख रोजगार के रास्ते, 34 कंपनियों के साथ OMU साइन


लखनऊ, 23 नवंबर 2022 : उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर (लगभग 82 लाख करोड़ रुपये) की अर्थव्यवस्था बनाने और रोजगार के लाखों अवसर सृजित करने की कोशिशों को मूर्त रूप देने में जुटी योगी आदित्यनाथ सरकार हर दिन इस दिशा में एक पायदान आगे बढ़ा रही है। यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 को लेकर दिल्ली में हुए पहले रोड शो में ही विभिन्न देशों ने औद्योगिक साझेदारी को लेकर उत्साहजनक प्रतिक्रिया दी है।

इसी के साथ प्रदेश में डेढ़ लाख करोड़ रुपये के नए निवेश का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। 190 कंपनियों ने यूपी में 20 विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई है, इससे करीब छह लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब तक के नए निवेश और रोजगार के आंकड़े स्पष्ट बता रहे हैं कि यदि सरकार दस लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य हासिल करती है तो लगभग 40 लाख लोगों के रोजगार के रास्ते भी खुलेंगे।

इवेस्ट यूपी के अधिकारियों के अनुसार इन उद्योग समूह के साथ वार्ता का दौर जारी है और करार किए जा रहे हैं। अब तक करीब 34 उद्योग समूहों ने सरकार के साथ एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इसके अलावा 251 समूह ऐसे भी हैं, जिनसे सरकार को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। राज्य राज्य सरकार अब इन कंपनियों को वार्ता की मेज पर लाने की तैयारी में है।

बता दें कि ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 के जरिए योगी सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में जुटी राज्य सरकार की टीम उद्योगों और व्यापारिक समूहों से सीधे संपर्क में हैं। इंवेस्ट यूपी ताजा रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों की सबसे ज्यादा रुचि आइटी इंडस्ट्री, प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, अल्कोहलिक बेवरेज, टेक्सटाइल और रियल एस्टेट में देखने को मिल रही है।

निवेशकों की पसंद बनें यह 20 क्षेत्र

एनिमल हस्बैंड्री, गन्ना उद्योग, रिन्यूवेबल एनर्जी, सिविल एविएशन में मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और आपरेशन (एमआरओ), अल्कोहलिक बेवरेज, फिल्म एंड मीडिया, लकड़ी उद्योग, टेक्स्टाइल, कालेज एवं यूनिवर्सिटी, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट, आइटी सर्विसेज, प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क, हास्पिटल, स्माल स्केल मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट प्रमोशन, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, थीम पार्क, वेस्ट टू इनर्जी, एक्सप्रेस-वे और फार्मास्युटिकल्स।

औद्योगिक पार्क में सबसे ज्यादा रोजगार सृजन का अनुमान

इवेस्ट यूपी की टीम ने रोजगार सृजन का जो अनुमानित खाका तैयार किया है उसके अनुसार सबसे अधिक रोजगार निजी औद्योगिक पार्क में सृजित होंगे। प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से 3,93,217 अवसरों के सृजन का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा टूरिज्म विभाग के थीम पार्क में 55,005, टेक्स्टाइल इंडस्ट्री में 52,113, आईटी सर्विसेज में 41,010, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के क्षेत्र में 11,770 नौकरियां उत्पन्न होंगी। वहीं, स्माल स्केल इंडस्ट्रीज और एक्सपोर्ट प्रमोशन, रियल एस्टेट, फूड प्रोसेसिंग और हास्पिटल के क्षेत्र में रोजगार सृजन की अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार हालिया निवेश से करीब छह लाख नए अवसर पैदा होंगे।

यूपी के साथ साझीदारी को उत्सुक सहयोगी देश

यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2023 को लेकर दुनियाभर के राजदूत, उच्चायुक्त और काउंसलर्स की ओर से भी उत्साहजनक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कनाडा की काउंसलर एवं कामर्शिलय व सीनियर ट्रेड कमिश्नर एनाबेल लौर्शे, सिंगापुर के हाई कमिश्नर साइमन वांग, इजराइल के राजदूत नाओर गैलोन, फ्रांस के लीगल एडवाइजर नितिन रामकृष्णन, यूनाइटेड किंगडम के हाई कमिश्नर एलेक्स एलिज, मारिशस के जेके रामास्वामी, साउथ कोरिया की काउंसलर मिसिंम कुम, यूएई के हेड इकोनामी फहद अल बशिर, थाईलैंड की राजदूत पैट्रेट हांगथांग, जापान के काउंसलर त्सुचिया, डेनमार्क के डिप्टी मिशन हेड मार्टिन स्ट्रैंक्डगार्ड, अर्जेंटीना के हेड इकोनामिक फ्रैंको आगस्टिन, इंडोनेशिया की राजदूत आइएच कृष्णमूर्ति, मालदीव्स के उच्चायुक्त गुयेन थान्हे, मलेशिया के सेक्रेटरी आफ इकोनामी अफेयर्स इब्राहिम हेल्मी अब्दुल्लाह, ताइवान की इकोनामिक डिविजन डायरेक्टर चेन यू शी, रूस के डिप्टी ट्रेड कमिश्नर इवगेनी ग्रीवा और फिलिपिंस के मिशन अधिकारी मार्क एंटोनियो पी डिजन ने यूपी इंवेस्टर्स समिट-2023 को लेकर गहरी रुचि दिखाई है। सभी देशों के अधिकारी उत्तर प्रदेश के साथ मजबूत औद्योगिक साझेदारी को लेकर काफी उत्सुक हैं।

10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य के साथ होने जा रही यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2023 के प्रति देश-विदेश के निवेशकों का सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। बड़े निवेश के साथ ही सरकार की कोशिश इस समिट के माध्यम से रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर उपलब्ध कराना भी है। अब तक के लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के आए प्रस्तावों में तकरीबन छह लाख रोजगार सृजन की बात है। स्वाभाविक है कि निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार के अवसर भी और बढ़ेंगे।

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