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अब्‍बू के मरने के बाद याद आई तो रात में कब्र पर गया बेटा, देर तक रोता रहा


लखनऊ, 19 मई 2003 : सदरपुर कस्बे के काजी टोला कब्रिस्तान में पिता की कब्र के पास एक युवक का अधजला शव शुक्रवार की सुबह पड़ा मिला। जानकारी लगते ही घटना स्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिवारीजन ने शव की पहचान की। जांच में युवक के आत्महत्या की बात सामने आई तो घर वाले भी हैरान हो गए।

कब्रिस्तान में रफी अहमद पुत्र स्व. करीम अहमद का अधजली हालत में शव पड़ा देखा गया। यह शव करीम अहमद की कब्र के पास पड़ा था। पास ही कुछ दूरी पर एक माचिस, डीजल की खाली पिपिया, मोबाइल व मसाला पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर मृतक के भाई अनीस अहमद ने शव की पहचान रफी अहमद के रूप में की।

रफी अहमद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता का निधन कोराना काल में हो गया था। तबसे रफी अहमद की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका मानसिक रोग का उपचार भी चल रहा था। उसके भाई ने आत्महत्या की है।

डीजल डालकर लगाई आग

सदरपुर थानाध्यक्ष अजय रावत ने बताया कि रफी अहमद मानसिक रूप से बीमार चल रहा था। उसने अपने पिता की कब्र के पास डीजल डालकर आग लगा ली। जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना रात के समय की है। मृतक के भाई से जानकारी मिली है कि पहले भी रफी ने एक बार आत्महत्या का प्रयास किया था। परिवारीजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए। इसलिए शव का पंचनामा कर उनके सिपुर्द कर दिया गया है।

पहले काट ली थी कलाई की नस

अनीस ने बताया कि रफी अहमद ने डेढ़ वर्ष पहले धारदार हथियार से कलाई की नस काट ली थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब उसकी जान बच गई थी। रात के समय वह चुपके से कब्रिस्तान चला गया, इसकी किसी को भनक नहीं लगी। सुबह उसका शव पिता की कब्र के पास पड़ा होने की जानकारी मिली।

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