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आत्मनिर्भर भारत – प्रवासी मजदूरों, शहरी गरीबों और छोटे-सीमांत किसानों के लिए बड़े ऐलान: वित्त मंत्री



20 लाख करोड़ के वित्तीय पैकेज की दूसरी किश्त का विवरण आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने देश के सामने रखा। एफएम ने प्रवासी मजदूरों, शहरी गरीबों और छोटे व सीमांत किसानों के लिए बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर, किसान और गरीब हमारी प्राथमिकता है। संकट आने पर हमने सबसे पहले गरीब के खाते में पैसे पहुंचाए। लॉकडाउन जरूर है लेकिन सरकार लगातार दिन-रात काम कर रही है। पैकेज का पहला हिस्सा MSME के नाम था।


दूसरे चरण की घोषणाओं में प्रवासी मजदूरों को मुफ्त अनाज, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए लोन की सुविधा और किसानों के लिए 30 हजार करोड़ के अतिरिक्त फंड की सुविधा की बात की।

किसानों, प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों को लेकर सरकार की प्रमुख घोषणाएं


किसानों को क्या मिला?


3 करोड़ किसानों के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड की सुविधा।

नाबार्ड जो 90 हजार करोड़ देता है उसके अतिरिक्त है यह पैसा।

रबी फसल के लिए छोटे और सीमांत किसानों के लिए खर्च किया जाएगा।

सिर्फ रबी फसल की कटाई और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि खरीफ की तैयारी के लिए भी इस्तेमाल होगा।

यह सीधे RRB आदि के जरिए किसानों तक पगुंचेगा।

छोटे किसानों को रियायती दरों पर 4 लाख करोड़ का लोन मिलेगा, कर्ज के ब्याज पर 31 मई तक छूट दी जाएगी।

मछुआरों और पशुपालन करने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड से मदद मिलेगी। रियायती दर पर कर्ज मिलेगा।


प्रवासी मजदूरों के लिए क्या?


2 महीनों के लिए प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त अनाज

बिना कार्ड के भी चावल/गेहूं और चना मिल सकेगा।

राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी कि उन तक कैसे अनाज पहुंचाया जाए।

केंद्र सरकार इसका खर्च उठाएगी, 3500 करोड़ रुपये का आएगा खर्च।

10 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी में ईएसआई की सुविधा होगी।

जो नैशनल फूड रजिस्टर में नहीं आते उनको भी मिलेगा। 8 करोड़ प्रवासी मजदूर होंगे लाभान्वित

कम किराये पर मिलेगा घर


प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए अफोर्डेबल रेंटल आवास की योजना लाई जाएगी।

जहां मजदूर काम करते हैं, इससे वहीं रहने की सुविधा मिल सकेगी।

उद्योगपति अपनी जमीन पर बनाना चाहें तो उन्हें इन्सेंटिव दिया जाएगा या राज्य सरकारों को प्रेरित कर ऐसे आवासीय इंतजाम करवाए जाएंगे।

रेहड़ी पटरी वालों को मिल सकेगा लोन



रेहड़ी-पटरी पर दुकान लगाने वालों, ठेला चलाने वालों और यगरों में काम करने वालों के लिए 5000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

50 लाख रेहड़ी वालों के लिए स्पेशल क्रेडिट फेसिलिटी।

शुरुआत में वर्किंग कैपिटल करीब 10 हजार रुपये मिलेंगे जिससे कारोबार की शुरुआत हो सके।

डिजिटल पेमेंट करने वालों को इनाम मिलेगा। उन्‍हें 10 हजार से ज्यादा राशि मुहैया कराई जा सकेगी।

शिशु मुद्रा लोन


शिशु मुद्रा लोन में रिजर्व बैंक ने तीन महीने का मोराटोरियम दिया है, लेकिन इसके बाद समस्या हो सकती है तो शिशु मुद्रा लोन में 50,000 रुपये तक लोन लेने वाले को मॉरिटोरियम के बाद 2 फीसदी सबवेंशन स्कीम यानी ब्याज में छूट का फायदा अगले 12 महीने के लिए होगा। 3 करोड़ लोगों को इससे कुल 1500 करोड़ रुपये का फायदा होगा

अन्य बड़े ऐलान....


6 से 18 लाख सालाना आय वाले मिडिल इनकम ग्रुप के लिए क्रिडिट लिंक्ड सब्सिडी को मार्च 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। 3.3 लाख मिडिल क्लास परिवारों को फायदा मिला था, अब इसमें 2.5 लाख परिवारों को फायदा मिलेगा। 70 हजार करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट आएगी। इससे स्टील सीमेंट, ट्रांसपोर्ट के लिए मांग बढ़ेगी, इसलिए डिमांड बढ़ेगी और रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का काम 31 मार्च 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।

हाइलाइट्स

आत्मनिर्भर भारत पैकेज में दी जाने वाली राहतों की दूसरी किश्त का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया।


आज प्रवासी मजदूरों, छोटे व्यापारियों और छोटे किसानों के लिए राहत का ऐलान किया जाएगाः वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण

25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं, 3 करोड़ किसानों तक मदद पहुंचाई गई है। सरकार लॉकडाउन में भी लगातार काम कर रही हैः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

कोरोना के समय में 63 लाख लोन कृषि क्षेत्र के लिए मंजूर किए गए, यह राशि 86,600 करोड़ रुपये हैः वित्त मंत्री

शहरी गरीबों को 11,000 करोड़ रुपये की मदद की गई है, एसडीआरएफ के जरिए दी जा रही मददः वित्त मंत्री

बेघर लोगों को 3 वक्त खाना दिया जा रहा हैं। उनके लिए पैसे की भी व्यवस्था की गई हैः वित्त मंत्री

नाबार्ड ने ग्रामीण बैंकों को 29,500 करोड़ की मदद दी हैः वित्त मंत्री

प्रवासी मजदूरों की मदद के लिए हम योजना लेकर आए हैं, उन्हें लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही हैः वित्त मंत्री

न्यूनतम मजदूरी पहले ही 182 से बढ़ाकर 202 रुपये की जा चुकी है। 2.33 करोड़ प्रवासी मजदूरों को पंचायतों में काम मिला हैः वित्त मंत्री


न्यूनतम मजदूरी में भेदभाव को खत्म करेंगो, मजदूरों का सालावान हेल्थ चेकअप होगाः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

महिलाओं के लिए रात्रि की पाली में काम करने पर सुरक्षा के लिए गाइडलाइन लाई जाएगीः वित्त मंत्री


जुलाई तक 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों को राशन के लिए 3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्यों को लाभ पहुंचाना होगा। जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी मिलेगा लाभः वित्त मंत्री


'वन नेशन वन राशन कार्ड' की योजना हम लाने वाले हैं। इसके लिए मार्च 2021 तक लक्ष्य रखा गया हैः वित्त मंत्री

प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते किराये के घर की योजना हम लेकर आएंगे, जिससे कि जहां प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं, उन्हें सस्ते में घर मिल सकेः वित्त मंत्री


मुद्रा शिशु लोन के दायरे में जो आते हैं, उन्हें ब्याज से राहत दी जाएगी। मुद्रा शिशु लोन लेने वालों के ब्याज में 2 फीसदी की छूट होगी, इसका खर्चा सरकार उठाएगीः वित्त मंत्री