google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
 

सीएम योगी ने बकरीद और कांवड़ यात्रा पर दिए सख्त निर्देश


लखनऊ, 7 जुलाई 2022 : श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा, सावन मेलों के आयोजन, शिवरात्रि, रक्षाबंधन व नागपंचमी के पर्वों तथा बकरीद और मुहर्रम के त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शांति और सौहार्द बनाये रखने का निर्देश दिया है। पुलिस-प्रशासन को शरारतपूर्ण बयान जारी करने और माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से पेश आने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जोनल पुलिस महानिरीक्षकों, मंडलायुक्तों, पुलिस कमिश्नरों से श्रावण मास और बकरीद के दृष्टिगत उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली और दिशा-निर्देश दिए। धार्मिक परंपरा व आस्था को सम्मान दिया जाए लेकिन कोई नई परंपरा न शुरू हो।

आयोजकों को अनुमति देने से पूर्व उनसे शांति और सौहार्द सुनिश्चित करने के बारे में स्पष्ट शपथ पत्र लिया जाए। थाना, सर्किल, जिला, रेंज, जोन, मंडल स्तर पर तैनात वरिष्ठ अधिकारी अपने क्षेत्रों के धर्मगुरुओं, समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों से संवाद करें और पीस कमेटी की बैठक करें।

किसी भी अप्रिय घटना की सूचना पर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान तत्काल मौके पर पहुंचें। संवेदनशील प्रकरणों में वरिष्ठ अधिकारी नेतृत्व करें। सेक्टर स्कीम लागू करें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। रोज शाम को पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पीआरवी 112 भी सक्रिय रहे।

बकरीद की नमाज से न प्रभावित हो यातायात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रमजान में अलविदा की नमाज और ईद की तरह बकरीद के मौके पर भी धार्मिक कार्यों के कारण यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर शिफ्टवार नमाज अदा करने की व्यवस्था लागू कराई जाए। बकरीद पर कुर्बानी के लिए पहले से ही स्थान चिन्हित कर लिए जाएं। विवादित जगहों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। तय स्थान के अतिरिक्त कहीं और कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें कि कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न हो। कुर्बानी के बाद अपशिष्ट का व्यवस्थित निस्तारण हो।

कांवड़ यात्रा में केवल धार्मिक गीत बजें : मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्पीडऩ न किया जाए लेकिन यह सुनिश्चित करें कि डीजे, गीत-संगीत आदि की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो और इसमें केवल धार्मिक गीत ही बजाए जाएं।

धार्मिक यात्राओं-जुलूसों में न हो अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धार्मिक यात्राओं व जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शित नहीं किए जाने चाहिए। ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हों।

कांवड़ यात्रा के लिए हों पूरे इंतजाम : मुख्यमंत्री ने त्योहारों पर बिजली अपूर्ति सुचारु रखने का निर्देश दिया। कांवड़ यात्रा के मार्ग पर जर्जर बिजली के खंभे, झूलते-लटकते बिजली के तार आदि को समय रहते ठीक करने की हिदायत दी। कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि की बिक्री न हो। यात्रा मार्ग पर सफाई, मार्ग प्रकाश और पीने के पानी की व्यवस्था भी हो। कांवड़ यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हेल्थ पोस्ट स्थापित किए जाएं जिनमें प्राथमिक चिकित्सा के साथ कोविड टेस्टिंग की सुविधा होनी चाहिए।

कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन भी : सीएम योगी ने कहा कि कांवड़ यात्रा की दृष्टि से सर्वाधिक व्यस्त रहने वाले गाजियाबाद-हरिद्वार मार्ग के साथ अन्य यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए ट्रैफिक रूट डायवर्जन किया जाए। सीमावर्ती राज्यों से भी संवाद बनाएं। परिवहन विभाग स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहे। बसों व अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों की पर्याप्त उपलब्धता रहे। विशेष अवसरों पर आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बस्ती-अयोध्या मार्ग पर एक तरफ सामान्य यातायात बंद रखना उचित होगा।

काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शनार्थियों को न हो असुविधा : मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनरोद्धार के बाद वहां श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ऐसे में स्थानीय पुलिस कमिश्नरेट, जिला प्रशासन, मंदिर प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्थित कार्ययोजना बनाएं। इंतजाम ऐसा हो कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

अमृत सरोवरों के तट पर आयोजित करें स्वतंत्रता दिवस : मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में इस बार स्वाधीनता दिवस को गरिमामय रूप से आयोजित किया जाए। स्कूली बच्चों द्वारा थीम आधारित प्रभात फेरी निकाली जाए। ग्राम सचिवालयों और सभी नगरीय निकायों में भी राष्ट्रध्वज फहराया जाए। स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, शहीदों के स्वजनों को सम्मानित करें। जहां अमृत सरोवर बन चुके हैं, वहां स्वाधीनता दिवस का आयोजन उनके तट पर किया जाए। मुख्य सचिव के स्तर से स्वाधीनता दिवस आयोजन के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

1 view0 comments
 
google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0