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मिल गई वो तारीख जब बेहद कम हो जाएगा कोरोना का प्रकोप : ज्योतिषाचार्य समीर उपाध्याय

Updated: Jun 3, 2020


कोरोना को लेकर जहां डॉक्टर और वैज्ञानिक लगातार रिसर्च कर रहे हैं तो वहीं ग्रहों की गणनाओं पर आधारित ज्योतिष शास्त्र भी इस रहस्यमय बीमारी को लेकर लगातार शोध कर रही है।

न्यूज स्टेट टुडे की टीम भी लगातार देश के उत्कृष्ट ज्योतिषाचार्यों से कोरोना को लेकर चर्चा कर रही है, इसी सीरीज में हमने मुलाकात की लगभग तीन दशक से ज्योतिष साधना में लीन ज्योतिषाचार्य समीर उपाध्याय से ....

समीर उपाध्याय जी के बारे में माना जाता है कि वे स्वयं ज्योतिष की एक लाइब्रेरी हैं जिन्होंने सालों की मेहनत से भरतीय वैदिक ज्योतिष शास्त्र पर अपनी गहरी पैठ बना रखी है और उनकी इस काबलियत के मुरीद देश के दिग्गज राजनेताओं के साथ ही मीडिया के तमाम बड़े नाम और कॉरपोरेट जगत की बड़ी हस्तियां हैं।


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यूं तो समीर उपाध्याय ज्योतिष शास्त्र के एक बहुत बड़े हस्ताक्षर हैं लेकिन स्वास्थ्य , शिक्षा और करियर के साथ ही विवाह के लिए जन्मपत्रिका मिलान में उनको बहुत ही महारत हांसिल है।

कोरोना वैश्विक महामारी के फैलने के कारणों को लेकर स्टेट टुडे की टीम से जो उन्होंने ज्योतिषीय सिलसिलेवार चर्चा की उसका पूरा विवरण हम यहाँ प्रस्तुत कर रहे हैं।

समीर जी के मुताबिक गुरु यानि बृहस्पति जब भी पीड़ित होता है तो पाप ग्रह राहु शनि या केतु से पीड़ित होता है तो पृथ्वी पर संक्रामक बीमारी और प्राकृतिक आपदाओं जैसी स्थिति उत्तपन्न करता है।


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बीते साल 2019 में 5 नवम्बर को बृहस्पति धनु राशि मे केतु के साथ जुड़ा और उस पर राहु की दृष्टि थी, इस दौरान बृहस्पति पीड़ित होने के साथ साथ अति मार्गी भी था,इस बृहस्पति के अति पीड़ित होने की वजह से दिसंबर 2019 में कोरोना बीमारी से दुनिया का पहली बार सामना हुआ....इसी दौरान 26 दिसंबर 2019 को सूर्य ग्रहण भी पड़ा जिसने इस बीमारी को और भी अधिक फैला दिया।

इसके बाद बृहस्पति 29 मार्च 2020 से अपनी नीच राशि मकर में शनि के साथ गोचर कर रहा है...हाल ही में 14 मई 2020 को बृहस्पति वक्री हुआ है।

बृहस्पति 29 जून 2020 को दोबारा धनु राशि मे चला जाएगा और इसके बाद 14 सितंबर 2020 को धनु राशि में मार्गी हो जाएगा।

समीर जी के अनुसार 14 मई को बृहस्पति के वक्री होने के बाद से लगातार सरकार लॉकडाउन के नियमों में राहत प्रदान कर रही है, इससे जनता के लिए बड़ी राहत मिली।


समीर जी ने बताया कि अभी आगामी एक माह में 05 जून को चंद्रग्रहण, 21 जून को सूर्य ग्रहण और फिर 5 जुलाई को चंद्रग्रहण लगने वाली है, जिसके चलते जून और जुलाई में देशवासियों को अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है।

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सितंबर के बाद मिलेगी बड़ी राहत

सितंबर 2020 में राहु केतु राशि बदलेंगे, बृहस्पति धनु राशि मे मार्गी और शनि मकर राशि मे मार्गी हो जाएंगे, सितंबर बाद कोरोना से देशवासियों को बड़ी राहत मिलेगी | कोरोना की वैक्सीन आ जायेगी, जन जीवन क्रमशः सामान्य होगा | जिसके बाद इस महामारी के भय से देश और दुनिया को बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।

अभी 15 जुलाई 2020 तक गोचर में काल सर्प दोष बना हुआ है जो 16 जुलाई को भंग होने के बाद कोरोना के संदर्भ में कुछ राहत मिलेगी और 14 सितंबर 2020 को बृहस्पति के धनु राशि मे मार्गी हो जाने पर निर्विवाद रूप से कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी हालांकि इससे पहले जून जुलाई 2020 में कोरोना से तात्कालिक राहत या बचाव के लिए कोई नई दवाई सामने आने की उम्मीद है।

वर्तमान में शनि मकर राशि में सूर्य के नक्षत्र उत्तरा षाढ़ा में 20 जनवरी 2021 तक रहेगा तब तक आर्थिक स्तर पर देश दुनिया मे संघर्ष बना रहेगा, 20 जनवरी के बाद शनि के उत्तराषाढा नक्षत्र से निकलने पर आर्थिक और सामाजिक स्तर पर कोरोना के चलते आया संकट साफ साफ नियंत्रित होता दिखेगा |

समीर उपाध्याय जी ने कहा कि भारत की कुंडली मे चल रही गजकेसरी योग की महादशा वर्तमान कोरोना संकटकाल के बाद आगामी 5 वर्षों में भारत को दुनिया के देशों को राह दिखाने वाला बनाएगी।

टीम स्टेट टुडे


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