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रिजर्व बैंक ने किया ऐलान - लोन EMI पर 6 महीने तक मोरेटोरियम, समझिए किसे और कैसे मिलेगा?



भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कोरोना संकट के बीच लोगों और कॉरपोरेट जगत को परेशानी से बचाने के लिए ईएमआई भुगतान टालने यानी मोरेटोरियम की सुविधा को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है।


कोरोना लॉकडाउन जारी रहने की वजह से खासकर कॉरपोरेट जगत द्वारा इस बात के लिए दबाव बनाया जा रहा था कि मोरेटोरियम की सुविधा तीन महीने तक बढ़ाई जाए।


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रिजर्व बैंक ने पहले इसे मार्च से मई तक के लिए किया था, अब इसे 1 जून से 31 अगस्त के तीन महीने तक और बढ़ा दिया गया है. इसका मतलब यह है कि जो लोग अगस्त तक अपनी ईएमआई नहीं चुका पाते, उन्हें बैंक परेशान नहीं करेंगे और उन पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाई जाएगी। हालांकि इस अवधि का ब्याज उन्हें देना होगा।

ऐसे लोगों की क्रेडिट रेटिंग भी खराब नहीं होगी और उन्हें डिफॉल्टर नहीं माना जाएगा। इस तरह लोगों को कुल 6 महीने तक लोन की ईएमआई नहीं देने का विकल्प मिल गया है. यह सुविधा होम लोन, क्रेडिट कार्ड लोन जैसे टर्म लोन के लिए दी गई है।


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रिजर्व बैंक ने क्या कहा-

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'रिजर्व बैंक ने पहले दो बार कुछ उपाय किए थे. टर्म लोने की ईएमआई पर 3 महीने का मोरेटोरियम दिया गया था और ईएमआई न दे पाने वाले कॉरपोरेट को डिफॉल्टर न घोषित करने की छूट दी गई थी. अब इस सुविधा को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है, यानी अब यह कुल 6 महीने तक लागू होगा।


किसे और कैसे मिलेगी सुविधा


यह सुविधा सभी तरह के टर्म लोन ग्राहकों (आम लोगों, कॉरपोरेट, कारोबारियों) को मिलेगी. यह होम लोन, ऑटो लोन, क्रेडिट कार्ड लोन जैसे सभी टर्म लोन पर मिलेगा .वैसे तो यदि आप लोन की ईएमआई नहीं चुका पाते हैं तो बैंक अपने आप आपके लोन को मोरेटोरियम में भेज देंगे. लेकिन स्वचालित सिस्टम होने की वजह से ऐसा हो सकता है कि पहले आपके लोन डिफॉल्ट पर पेनाल्टी कट जाए. इसलिए आप यदि लोन चुकाने की हालत में नहीं हैं तो खुद ही बैंक को सूचित कर लोन मोरेटोरियम सुविधा लेने के लिए आवेदन कर दें।


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सीए पवन धवन की राय में आरबीआई का कदम


RBI ने अपनी Policy Announcement में ब्याज दरों में ०.४०% की कटोती की है और लोन की किस्तों को पुनः तीन माह के लिए morotarium किया है । RBI से उम्मीद थी कि demand और growth को revive करने के लिए कुछ आवश्यक और aggressive कदम लिए जाएँगे किंतु निराशा हाथ लगी । Lock down और Covid-19 से प्रभावित industries और businesses से उभरने के लिए Restructuring of Loans तथा NPA resolution और revival के लिए कुछ नयी policy का भी announcement की उम्मीद थी ।


उम्मीद थी कि RBI बैंक लोन बाटने की लिए कुछ नया और transparent system develop करेगी । जिसमें कि लोन देने वाले और लेने वाले personal accountability ना fix हो केवल frauds के cases छोड़ कर.


RBI को NPA और ख़राब loans के बारे में कुछ नयी नीतियों को लाना चाहिए था जिसमें पिछले एक साल और अगले एक साल की defaults को NPA identification से exemption देना चाहिए।


टीम स्टेट टुडे


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