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केजरीवाल की कोरोना रिपोर्ट, डेंजर ज़ोन में पहुंची दिल्ली, क्या हो रही है कम्युनिटी स्प्रेडिंग?



दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पुरानी खांसी है। कोरोनाकाल में जब दिल्ली में त्राहिमाम त्राहिमाम मची है तो खबर है कि केजरीवाल भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। फिलहाल केजरीवाल का कोरोना वायरस टेस्ट हो गया है। जिसकी कल तक रिपोर्ट आएगी। आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा ने बताया कि "केजरीवाल को बुखार है और गले में खराश है जो कोविड-19 के लक्षण हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें टेस्ट कराने की सलाह दी। राघव ने कहा कि बड़ी चिंता यह थी कि केजरीवाल मधुमेह पीडि़त हैं।


फिलहाल केजरीवाल की कोरोना वायरस टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है।


केजरीवाल और कोरोना से टकराव


वैसे कोरोनाकाल की शुरुआत से ही अरविंद केजरीवाल टेलीवीजन पर काफी एक्टिव रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संदेश के आगे पीछे केजरीवाल भी भाषण देते रहे। टीवी पर दिल्ली सरकार के विज्ञापन भी खूब चले जिसमें केजरीवाल खुद तरह तरह के उपाय और सरकार के फैसलों के बारे में बताते आए। शुरुआत में न्यूज चैनलों ने उनकी बातों को प्रमुखता से दिखाया लेकिन जब टीआरपी गिरने लगी तो केजरीवाल ने दिल्ली सरकार की तरफ से विज्ञापन जारी कर अपने संदेश खुद जनता तक पहुंचाए।

लोग क्या क्या कह रहे हैं


वैसे केजरीवाल को कोरोना संक्रमित होने की खबर आने के बाद सोशल मीडिया पर ये चर्चा तेज हो गई कि केजरीवाल का इलाज कहां होगा क्योंकि वो खुद दिल्ली के नहीं हैं। इसी तरह लोगों में ये चर्चा भी रही कि कहीं राजनीति के माहिर केजरीवाल कोरोना के जरिए सियासत का कोई नया दांव तो नहीं चल रहे। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि केजरीवाल दिल्ली को संकट में डाल कर खुद गायब हो गए हैं। अब सतेंद्र जैन और मनीष सिसौदिया पर दिल्ली के हालात का ठीकरा फोड़ा जाएगा ताकि केजरीवाल की इमेज पर कोई डेंट ना लगे। अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के स्टार प्रचारक भी हैं।

दिल्ली सरकार ने कोरोना गेंद फेंकी केंद्र के पाले में


दूसरी तरफ दिल्ली में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। अब तक राजधानी दिल्ली में तीस हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने तो साफ तौर पर कह दिया है कि यह कम्यूनिटी स्प्रेड है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसे माना तब ही जाएगा जब केंद्र सरकार इसे घोषित करेगी।


मनीष सिसौदिया अब फ्रंट पर आए


अगर दिल्ली सरकार की मानें तो आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले में देश की राजधानी की स्थिति बद से बदतर होने वाली है। दिल्ली सरकार ने दबी जुबान में यह कहना शुरू कर दिया है कि यहां कम्युनिटी स्प्रेड के हालात पैदा हो गए हैं। उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ मीटिंग के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि 30 जून तक दिल्ली में एक लाख, 15 जुलाई तक 2 लाख और 31 जुलाई तक साढ़े 5 लाख कोरोना संक्रमण के मामले होंगे। उन्होंने कहा कि यही हालात रहे तो 31 जुलाई तक हमें दिल्ली के अस्पतालों में 80 हजार बेडों की जरूरत होगी।


टीम स्टेट टुडे

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