google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

स्वस्थ मां, स्वस्थ बचपन: आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा योग का संदेश : International Day of Yoga


आईसीडीएस लखनऊ और सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने हेल्थी हैबिट्स कार्यक्रम के अंतर्गत लॉन्च की ‘मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग’ पुस्तिका; 450 आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचेगी पहल


लखनऊ, 20 जून 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में आईसीडीएस लखनऊ और सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने ‘मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग’ नामक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पुस्तिका का लोकार्पण जिला कार्यक्रम अधिकारी, लखनऊ श्री श्रेयस मौर्य द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम ‘सेहतमंद आदतें’ ( हेल्दी हैबिट्स ) प्रोग्राम के अंतर्गत चलाया जा रहा है जिसे वैश्विक हेल्थकेयर कंपनी एबॉट का सहयोग प्राप्त है।


सेहतमंद आदतें ( हेल्थी हैबिट्स ) प्रोग्राम के अंतर्गत माताओं, बच्चों और किशोरियों के समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई यह पुस्तिका गर्भवती महिलाओं, शिशु की देखभाल करने वाली माताओं, किशोरियों तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षित, वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक योग अभ्यासों पर आधारित एक सरल और उपयोगी संसाधन है।


इस अवसर पर सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट के लखनऊ स्थित प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर श्री आशीष शुक्ला संस्था के अन्य प्रतिनिधियों के साथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान योग को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और समग्र विकास से जोड़ते हुए इसके लाभों को घर-घर तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया।

पुस्तक का विमोचन करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, आईसीडीएस लखनऊ, श्रेयस मौर्य ने कहा, “योग हमारे देश की प्राचीन विरासत होने के साथ-साथ स्वस्थ और संतुलित जीवन का एक प्रभावी साधन भी है। ‘मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग’ पुस्तिका के माध्यम से हम योग के लाभों को आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए समुदाय के अंतिम छोर तक पहुंचाना चाहते हैं। यह पुस्तिका गर्भवती महिलाओं, शिशु की देखभाल करने वाली माताओं, किशोरियों और बच्चों के लिए एक उपयोगी संसाधन साबित होगी तथा ‘पोषण 2.0’ के उद्देश्यों को गति प्रदान करने में सहायक होगी।”


कार्यक्रम के संबंध में सोनाली खान, मैनेजिंग ट्रस्टी, सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट ने कहा, “बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास की मजबूत नींव रखते हैं। योग न केवल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है, बल्कि बच्चों और परिवारों में सकारात्मक आदतों, अनुशासन और आत्मविश्वास के विकास का भी प्रभावी माध्यम है। आईसीडीएस लखनऊ के साथ मिलकर तैयार की गई यह पुस्तिका परिवारों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदायों को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करेगी। हमें विश्वास है कि यह प्रयास मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और एक स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य के निर्माण में सार्थक योगदान देगा।”


पुस्तिका में गर्भावस्था के विभिन्न चरणों के लिए सुरक्षित योगासन, प्रसवोत्तर योग, किशोरियों के लिए प्राणायाम एवं श्वास संबंधी अभ्यास तथा 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए खेल-आधारित योग गतिविधियों को सरल भाषा और आकर्षक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही आवश्यक सावधानियों, निषेधों तथा स्वास्थ्य संबंधी सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि लाभार्थी सुरक्षित एवं सही तरीके से योग का अभ्यास कर सकें।


इस पहल के तहत पुस्तिका की प्रतियां लखनऊ जिले के सभी 450 आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाई जाएंगी। इससे आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों के बीच योग को बढ़ावा देने, जागरूकता फैलाने तथा नियमित योग सत्रों के संचालन में सहायता मिलेगी।


आईसीडीएस लखनऊ और सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट का यह संयुक्त प्रयास ‘पोषण 2.0’ के उद्देश्यों को मजबूती देने के साथ ‘योग से स्वास्थ्य’ के संदेश को घर-घर पहुंचाने में सहायक होगा। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा समुदाय में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Comments


bottom of page
google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0