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अयोध्या धाम के लिए शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, योगी सरकार ने तय किया किराया - रामोत्सव-2024




6 जिलों से अयोध्या धाम के लिए शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा, योगी सरकार ने तय किया किराया


- लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और मथुरा से मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा

- साढ़े तीन हजार रुपये में अयोध्या नगरी और राम मंदिर के हवाई दर्शन भी कराएगी योगी सरकार

- एक बार में 5 श्रद्धालु उठा सकेंगे हवाई सफर का लुत्फ, एक श्रद्धालु अधिकतम 5 किग्रा. ले जा सकेगा सामान


अयोध्या, 17 जनवरी योगी सरकार राम भक्तों और पयर्टकों को हेलिकॉप्टर से अयोध्या धाम के दर्शन कराएगी। सरकार प्रदेश के 6 जिलों से हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत लखनऊ से करेंगे। सरकार की ओर से प्रदेश के 6 जिलों से शुरू होने वाली हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता आपरेटर का चयन किया गया है, जो आॅपरेशनल माॅडल पर हेली सर्विसेस की सेवायें प्रदान करेगा। राम भक्तों और पर्यटकों को हेलीकॉप्टर सेवा गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, मथुरा और आगरा से मिलेगी। वहीं आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों से भी इस सुविधा को जल्द शुरू किया जाएगा। इतना ही नहीं, योगी सरकार श्रद्धालुओं को अयोध्या नगरी और राम मंदिर के हवाई दर्शन भी कराएगी। इसकी जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी गई है। इस सुविधा के लिए श्रद्धालुओं को पहले से बुकिंग करानी होगी।


राम मंदिर ऐरियल दर्शन के लिए देने होंगे 3,539 रुपये


प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम भक्तों को हेलिकॉप्टर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये थे। इसी के तहत प्रदेश के 6 जिलों से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की जा रही है। यह सुविधा भक्तोें और पर्यटकों को ऑपरेटर मॉडल पर उपलब्ध करायी जाएगी। इसके अलावा राम भक्तों को राम मंदिर ऐरियल दर्शन भी कराए जाएंगे। इसके लिए रामभक्त सरयू तट स्थित टूरिज्म गेस्ट हाउस के पास बने हैलीपेड से उड़ान भर सकेंगे। इसके तहत श्रद्धालुओं को राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट समेत प्रसिद्ध दर्शनीय स्थलों की हवाई सैर भी करायी जाएगी। इस हवाई सफर का अधिकतम समय 15 मिनट होगा जबकि प्रति श्रद्धालु किराया 3,539 रुपये तय किया गया है। इस सुविधा के जरिये एक हवाई सफर का लुत्फ 5 श्रद्धालु उठा सकेंगे। इसकी भार सीमा 400 किग्रा. है। वहीं एक श्रद्धालु अधिकतम 5 किग्रा. सामान के साथ सफर कर सकेगा। इसके अलावा श्रद्धालु गोरखपुर से अयोध्या धाम के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ान भर सकेंगे। यह दूरी 126 किमी. की होेगी, जिसे 40 मिनट में पूरा किया जाएगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु किराया 11,327 रुपये तय किया गया है।


वाराणसी के नमो घाट से मिलेगी अयोध्या धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा


पर्यटन विभाग के निदेशक प्रखर मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पहले चरण में राजधानी लखनऊ समेत 6 धार्मिक स्थलों से हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत की जा रही है। वहीं आने वाले समय में मांग के अनुरुप सेवा का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु वाराणसी के नमो घाट से हेलीकॉप्टर की सेवा का लाभ ले सकेंगे। यह दूरी 160 किमी की होगी, जिसे 55 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु किराया 14,159 रुपये तय किया गया है। इसी तरह श्रद्धालु लखनऊ के रमाबाई से हेलीकॉप्टर की सेवा का लाभ ले सकेंगे। यह दूरी 132 किमी की होगी, जिसे 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु किराया 14,159 रुपये तय किया गया है जबकि प्रयागराज में टूरिज्म गेस्ट हाउस के पास बने हैलीपैड से हेलीकॉप्टर की सेवा मिलेगी। यह दूरी 157 किमी. की है, जिसे 50 मिनट में पूरा किया जाएगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु किराया 14,159 रुपये तय किया गया है। इसके साथ ही मथुरा के बरसाना स्थित गोवर्धन परिक्रमा के पास बने हैलीपेड और आगरा में आगरा एक्सप्रेस वे के पास बने हैलीपेड से सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा। यह दूरी क्रमशरू 456 किमी. और 440 किमी. की होगी, जिसे 135 मिनट में पूरा किया जाएगा। इसके लिए प्रति श्रद्धालु किराया 35,399 रुपये तय किया गया है। बता दें कि प्रदेश के 6 जिलों से हेलीकॉप्टर सेवा का तय किराया वन-वे है। श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दोबारा निर्धारित किराया देना होगा। श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार हेलीकॉप्टर अपने गंतव्य से अयोध्या धाम के लिए रोजाना उड़ान भरेगा।


 


रामलला के लिए दिल खोलकर दान कर रहे श्रद्धालु


प्रतिदिन तीन से चार लाख और डेढ़ से दो करोड़ रुपये का प्रतिमाह चढ़ रहा चढ़ावा

उम्मीद- मंदिर बन जाने के बाद दान के आंकड़े में चार गुना की होगी बढ़ोतरी

डबल इंजन की सरकार में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व आधुनिक अयोध्या का हो रहा निर्माण


अयोध्या, 17 जनवरी: डबल इंजन की मोदी-योगी सरकार में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व आधुनिक अयोध्या का निर्माण हो रहा है। अयोध्या आकर श्रीरामलला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी बेतहाशा वृद्धि हो रही है। श्रद्धालु यहां भगवान श्रीरामलाल का दर्शन-पूजन भी कर रहे हैं और भगवान श्रीरामलला के लिए दिल खोल कर दान भी कर रहे हैं। फिलहाल यहां रोजाना तीन से चार लाख का दान भगवान रामलला की दान पेटी में आ रहा है। पूरे महीने की बात करें तो यह राशि डेढ़ से 2 करोड़ रुपये दानपेटी के माध्यम से आ रहा है। ऑनलाइन दान की अभी तक कोई काउंटिंग नहीं की जा सकी।


22 जनवरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में होगी बेतहाशा वृद्धि


22 जनवरी 2024 को भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में लाखों भक्त पहुंचेंगे। वे यहां भगवान श्रीराम का दर्शन पूजन करेंगे और अपने इच्छा भाव से श्रीराम मंदिर के लिए दान भी करेंगे। फिलहाल यहां अस्थायी मंदिर में भी अपने रामलला के दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी है। अपनी श्रद्धा से दान करने वालों का यह आलम तब है, जब भगवान श्री रामलला अपने अस्थायी मंदिर में हैं। जब वे अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे तो इसका कोई अंदाजा नहीं है कि प्रतिदिन कितना दान आएगा। हालांकि यह जरूर है कि मंदिर बन जाने के बाद श्रद्धालुओं की ओर से दान-चढ़ावे का आंकड़ा चार गुना बढ़ जाएगा।


सामर्थ्य के अनुरूप दान कर रहे हैं लोग


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश गुप्ता के मुताबिक हमारे यहां दान पात्रों में रोजाना धन पड़ता है। जब भर जाता है तब उसकी गिनती होती है। कैसे कह दिया जाए कितना आ रहा है, लेकिन काउंटर पर जो आ रहा है, वह प्रतिदिन तीन से चार लाख के बीच है। महीने में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए आ रहा है। दानदाताओं की कमी नहीं है। अपने सामर्थ्य से लोग बढ़चढ़ कर दान दे रहे हैं। लोग अनोखी अनोखी चीजें भी बनवाकर ला रहे हैं। लोग सोच रहे हैं कि भगवान के लिए क्या कर दें। लोग जो कर रहे हैं, हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।


 

सरयू की पवित्र मिट्टी से बने दीपों से रोशन होगी 'राम ज्योति'



  • योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव में दिया बड़ा बाजार, अब तो साल में दो बार दीपावली मनाएंगे रामनगरी के कुम्हार

  • उत्साहित हैं कुम्हार- जब हमारे हाथों के बने दीप जलाए जाएंगे तो हमारी झोपड़ी के भाग जाए जाएंगे

  • कुम्हारों के दीपक ले रहे आकार, पूरी दुनिया में रोशनी बिखेरने को बेताब

  • यूपी में लोकल को ग्लोबल बनाने की योगी आदित्यनाथ की मुहिम ला रही रंग

  • प्रतिकूल मौसम में डगर कठिन पर हिम्मत नहीं हार रहे कुम्हार

  • पर्यटन विभाग भी तैयारी में जुटा, प्राण-प्रतिष्ठा के दिन 10 लाख दीपों से रामनगरी को सजाएगा

अयोध्या, 17 जनवरीः जिस पावन धरा की मिट्टी में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र ने जन्म लिया, उस अयोध्या की मिट्टी के दर्शन करने निरंतर श्रद्धालु आ रहे हैं और 22 जनवरी के बाद असंख्य श्रद्धालु यहां आएंगे भी। जिस माटी (रामनगरी) पर 500 वर्षों के इंतजार के बाद रामलला का भव्य मंदिर बन रहा है। 22 जनवरी को अब उसी धरा की पावन मिट्टी से एक बार फिर 'राम ज्योति' न केवल अयोध्या, बल्कि देश-दुनिया में प्रज्ज्वलित होगी। फिलवक्त श्रीरामलला व हनुमानगढ़ी का दर्शन करने आए श्रद्धालु यहां के कुम्हारों से दीप खरीदकर ले जा रहे हैं, जिसे 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत शाम को अपने घरों पर 'राम ज्योति' जलाकर दीपावली मनाएंगे। योगी आदित्यनाथ की सोची गई कल्पना साकार हुई तो चीन की झालरों से दूर यहां के कुम्हारों को दीपोत्सव पर बड़ा बाजार मिला। अब कुम्हारों को आर्थिक रूप से और स्वावलंबी बनाते हुए योगी सरकार इन्हें साल में दो बार दीपावली मनाने का अवसर मुहैया करा रही है। योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप पर्यटन विभाग भी स्थानीय कुम्हारों के बनाए गए मिट्टी के 10 लाख दीपों से 22 जनवरी को रामनगरी को सजाने की तैयारी में जुट गया है।


कुम्हारों के पसीने ले रहे आकार, घर-घर में राम ज्योति बिखरने को बेताब


22 जनवरी में महज पांच दिन शेष हैं। जैसिनपुर के कुम्हारों के पसीने अब दीपक के रूप में आकार ले रहे हैं। उन्हें बेकरारी है कि घर-घर में उनके बनाए दीपों से राम ज्योति प्रज्ज्वलित होगी। इसके लिए विपरीत मौसम में भी वे रात-दिन काम कर अधिक से अधिक दीप बना रहे हैं। कुम्हार अशोक प्रजापति बताते हैं कि देहात के दर्शननगर, किशुनदासपुर, बैसिंग, कुसमाहा से मिट्टी मंगाई जा रही है, क्योंकि मौसम प्रतिकूल और समय कम है, लिहाजा फिलहाल छोटा दीपक बना रहे हैं। अपने घरों के लिए दीप जलाने के लिए अयोध्या के लोग सीधे यहां भी आकर खरीदारी कर रहे हैं। फिलहाल चार से पांच ट्राली मिट्टी मंगाई है और उसी से अपने यहां दीपक बना रहे हैं। ऐसे और लोग भी काम में जुटे हैं।


योगी सरकार ने कुम्हारों को स्वावलंबन से जोड़ा


योगी आदित्यनाथ ने जब 2017 में सत्ता संभाली, तभी से वे निरंतर दीपोत्सव का आयोजन करा रहे हैं। साल दर साल यह आयोजन दिव्य से दिव्यतम होता जा रहा है। सीएम योगी भी कहते हैं कि अब अयोध्या की गलियों में गोली नहीं चलती, बल्कि दीपोत्सव होता है। 2017 में 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव महज सात वर्षों में 22.23 लाख दीपों तक पहुंच गया। यह रिकॉर्ड बनाने के साथ ही प्रदेश व देश की समृद्धि को भी बढ़ाता जा रहा है। कुम्हार राजेश प्रजापति कहते हैं कि योगी बाबा के कारण एक काम तो हुआ कि हम लोगों को भी बड़ा काम मिलने लगा और दाल-रोटी की ठीक व्यवस्था होने लगी। पहले दीपोत्सव में लंबा काम मिलता था, लेकिन अब राम मंदिर उत्सव से हर साल ऐसा होगा, यह विश्वास है।


राम आएंगे तो दीप जलाएंगे, श्रद्धालु रामगरी की पावन मिट्टी से बने दीप खरीदने को उत्सुक


22 जनवरी सनातन धर्मावलंबियों के लिए काफी प्रेरणादायी है, क्योंकि इसी दिन श्रीराम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में विराजमान होंगे, लिहाजा इस दिन हर भारतवासी अपने घरों में राम ज्योति प्रज्ज्वलित करेगा। रामनगरी का दर्शन करने आए श्रद्धालु यहां की मिट्टी के दीपक खरीद रहे हैं। यह टूटे न, इसके लिए बेहद ढंग से पैक भी करवा रहे हैं। बिजनौर से आए वेदप्रकाश और नंदगांव के धीरज चौधरी ने कहा कि दीपावली को श्रीराम के अयोध्या आगमन पर ही मनाई जाती है। अब तो श्रीराम अपने दिव्य-भव्य मंदिर में आ रहे हैं, इसलिए यह दीपावली सबसे बड़ी होगी। इसके लिए अयोध्या से 21 दीपक लेकर घर जा रहे हैं। वहां और दीपक खरीदकर पूरा घर सजाएंगे।


100 रुपये में 100 दीपक, कुम्हारों के हाथ को काम भी दे रही योगी सरकार


योगी सरकार कुम्हारों के हाथ को काम दे रही और बिक्री से काम को पूरा दाम भी मिल रहा। खजुआ कुंड, आशिकबाग से रमेश प्रजापति व राकेश प्रजापति ने बताया कि तेजी से मिट्टी के दीप बना रहे हैं। यहां भी लोग खरीदने पहुंच रहे हैं। 100 रुपये में 100 दीपक दिए जा रहे हैं। मौसम प्रतिकूल होने का असर तो है, लेकिन घर के अधिक से अधिक सदस्य लगकर इसे तैयार कर रहे हैं। विद्याकुंड के रामकिशोर का रोम-रोम पुलकित है- वे कहते हैं कि बाबू, मंदिर निर्माण के साथ ही हम लोगों का ध्यान भी योगी आदित्यनाथ ही रख सकते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से सात साल से हमारी दीपावली एकदम से बदल गई है। इसमें खुशियां ही खुशियां हैं तो यह योगी बाबा की देन है। कार्तिक के बाद इस महीने भी अब हर साल दीवाली होगी।

खुद ही दीप खरीदने पहुंच रहे श्रद्धालु-संत


दीप बनाने वाले कुम्हारों के पास बाहर से आए पर्यटक-श्रद्धालु व स्थानीय संत दीप खरीदने पहुंच रहे हैं। राम की पैड़ी के निकट के मंदिर से पंडित कैशाल जी विद्या कुंड के पास दीप खरीदने पहुंचे। उन्होंने फिलहाल 500 दीपक खऱीदा। आह्लादित पंडित जी कहते हैं कि बाबू राम जी आ रहे हैं। दीप तो जलाकर प्रभु का स्वागत करना ही है और इसीलिए दीप खरीदने आया हूं। उन्होंने डबल इंजन की सरकार को इसके लिए साधुवाद व आशीर्वाद दिया।

10 लाख दीपों से रामनगरी को सजाएगा पर्यटन विभाग


क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने कहा कि 22 जनवरी को प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत रामनगरी को लगभग 10 लाख दीपों से सजाया जाएगा। राम की पैड़ी, अयोध्या के मठ-मंदिर, प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के आदेश पर दीपोत्सव में भी स्थानीय कुम्हारों से दीप खरीदकर प्रज्ज्वलित कराते हैं और इस बार भी स्थानीय कुम्हारों से ही दीपक खरीदे जा रहे हैं।

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