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Heretic Rahul Gandhi has bled the soul of Mother India, he should apologize to crores of Hindus - Yogi Adityanath



राहुल ने भारत माता की आत्मा को लहुलुहान किया, करोड़ों हिन्दुओं से माफी मांगें : योगी आदित्यनाथ


- संसद में राहुल गांधी के हिन्दुओं को लेकर दिये गये बयान की सीएम योगी ने की कड़ी निंदा


- राहुल पर योगी का निशाना, कहा- अपरिपक्व व्यक्ति ही हिन्दुओं पर ऐसा बयान दे सकता है


- बोले योगी, हिंदू भारत की मूल आत्मा है, हिंदू सहिष्णुता, उदारता और कृतज्ञता का पर्याय


- कहा- मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी हुई है कांग्रेस


- स्वयं को 'एक्सीडेंटल हिंदू' कहने वाली जमात के 'शहजादे' हैं राहुल : योगी आदित्यनाथ


लखनऊ, 01 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हिन्दुओं को लेकर दिये गये आपत्तिजनक बयान की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राहुल गांधी ने अपने निंदनीय बयान से भारत माता की आत्मा को लहुलुहान करने का कार्य किया है, इसके लिए उन्हें दुनियाभर में फैले करोड़ों हिन्दुओं से माफी मांगनी चाहिए। सीएम योगी सोमवार को अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग ये मानते थे कि हो सकता है कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी परिपक्व होंगे, मगर खेद होता है कि उनका बयान अभी बचकाने से उभर नहीं पाया है। एक अपरिपक्व बुद्धि का व्यक्ति ही इस प्रकार का बयान देगा। हिन्दू भारत का मूल समाज है, भारत की आत्मा है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि गर्व से कहो हम हिन्दू हैं। हिन्दू कोई जाति सूचक या सम्प्रदाय सूचक शब्द नहीं है। मत और पंथ से अलग भारत की मूल आत्मा है। राहुल गांधी ने हिन्दुओं पर जो टिप्पणियां की हैं वह सत्य से परे भारत की मूल आत्मा को लहुलुहान करने जैसा है। भारत माता को लहुलुहान करने के लिए उन्हें माफी मांगना चाहिए।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को लेकर जिन लोगों ने कुछ भ्रम पाला होगा, उनका भ्रम टूट गया होगा। कांग्रेस को राहुल गांधी को भारत की जनता से माफी मांगने के लिए कहना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि हिंदू भारत की मूल आत्मा है, हिंदू सहिष्णुता, उदारता और कृतज्ञता का पर्याय है। यह बात स्वयं को 'एक्सीडेंटल हिंदू' कहने वाली जमात के 'शहजादे' को कैसे समझ में आएगी। उन्होंने कांग्रेस को मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति में डूबी हुई बताया।


 

संसद में राहुल ने झूठ बोला, सीएम ने कहा अयोध्या में 1733 करोड़ रुपए का मुआवजा बांटा गया


- अयोध्या में मुआवजे को लेकर राहुल गांधी के गलत बयानी पर सीएम योगी का पलटवार


- राहुल का बयान यूपी और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश : योगी


- कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने अयोध्या को उसकी पहचान से वंचित कर रखा था : सीएम योगी


- अयोध्या में 21,548 व्यक्तियों को दिया गया है मुआवजा


- अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 952 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया


- राम जन्मभूमि के विस्थापितों को 14.12 करोड़ रुपए का मुआवजा


- भक्ति पथ में 23.66 करोड़ का मुआवजा


- पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के लिए 29 करोड़ का मुआवजा


- चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए 119.20 करोड़ का मुआवजा


लखनऊ, 01 जुलाई। संसद में अयोध्या में विस्थापितों को दिये गये मुआवजे को लेकर राहुल गांधी द्वारा की गई गलत बयानी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करारा पलटवार किया है। सीएम योगी ने कहा कि राहुल का बयान यूपी और अयोध्या को बदनाम करने के लिए दिया गया है। सदन में दिया गया राहुल का झूठा बयान अत्यंत ही निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में विभिन्न विकास कार्यों के दौरान विस्थापित हुए लोगों को 1733 करोड़ रुपए की धनराशि मुआवजे के तौर पर प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री सोमवार शाम अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।


राहुल का बयान निंदनीय और शर्मनाक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव में झूठे और गुमराह करने वाले वक्तव्य देते हुए देखा है। संविधान का गला घोंटने वाले लोगों ने संविधान के बारे में गुमराह करने वाले वक्तव्य देने के लिए विदेशी पैसे से के बल पर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया था। 1 लाख का फर्जी बॉन्ड भरवा कर भारत की माताओं और बहनों को गुमराह करने का कार्य किया। आज फिर इन्होंने झूठा बयान दिया है जोकि अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है।


कांग्रेस झूठ का पुलिंदा है

सीएम योगी ने कहा कि हर कोई जानता है कि अयोध्या को उसकी पहचान से किसने वंचित किया है। राहुल गांधी और उनके सहयोगियों ने न केवल अयोध्या को वनवास दिया था, बल्कि सरयू को भी रक्तरंजित किया था। आज जब अयोध्या अपने वैभव को पुन:प्रतिष्ठापित करते हुए पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रही है तो कांग्रेस इसे कैसे अच्छा मान सकती है। कांग्रेस झूठ का पुलिंदा है। सच ये है कि 1733 करोड़ रुपए केवल मुआवजे के लिए अयोध्या वासियों को उपलब्ध कराए हैं। चाहे रामपथ हो, भक्तिपथ हो, जन्मभूमि पथ हो या एयरपोर्ट हो, जिसकी जमीन, दुकान, मकान इसमें शामिल थी, उन्हें मुआवजा दिया गया है। जिनके पास पीछे दुकान बनाने की जगह थी, उनके दुकान बने हैं, जिनके पास स्पेस नहीं था उन्हें मल्टी लेवल काम्प्लेक्स बनाकर दुकान देने के कार्य को आगे बढ़ाया गया। राहुल के बयान सत्य से परे झूठ का पुलिंदा हैं। यह यूपी और अयोध्या को बदनाम करने की साजिश है। यह भारत और अयोध्या की छवि को खराब करने की उस मानसिकता का हिस्सा है जो ये एक्सिडेंटल हिन्दू आजादी के बाद से लगातार करते आ रहे हैं।


अयोध्या में कितना दिया गया मुआवजा एवं अन्य महत्वपूर्ण बिंदु


● अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 952.39 करोड़ रुपए का मुआवजा

● अयोध्या बाईपास (रिंग रोड) के लिए 295 करोड़ का मुआवजा

● राम जन्मभूमि पथ में 14.12 करोड़ रुपए का मुआवजा

● भक्ति पथ में 23.66 करोड़ रुपए का मुआवजा

● रामपथ में 114.69 करोड़ का मुआवजा

● पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के लिए 29 करोड़ रुपए का मुआवजा

● चौदहकोसी परिक्रमा मार्ग के लिए 119.20 करोड़ रुपए का मुआवजा

● रुदौली-रोजागांव रेलवे स्टेशन के मध्य रेलवे दोहरीकरण के निर्माण के लिए 35.03 लाख रुपए

● एनएच 330ए के निर्माण के लिए 163.90 करोड़ रुपए का मुआवजा

● एनएच 227बी के पैकेज 3 के अंतर्गत 21.09 करोड़ का मुआवजा दिया

● अबतक कुल 21,548 व्यक्तियों को मुआवजा दिया जा चुका है

● न केवल मुआवजा दिया गया, बल्कि दुकानों का सौंदर्यीकरण कराया गया

● अयोध्या में दुकानदारों का व्यापार पहले से अधिक बढ़ा है


 

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को बीजेपी पर देश में हिंसा, नफरत तथा डर फैलाने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 'ये लोग हिंदू नहीं हैं क्योंकि 24 घंटे की हिंसा की बात करते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए यह बातें कहीं। राहुल के इस बयान पर अब बीजेपी आक्रामक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल ने इस मुद्दे पर सेल्फ गोल बीजेपी को बड़ा मौका दे दिया है।

मोदी, शाह ने जताई आपत्ति

सदन में राहुल गांधी ने कहा कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक के बीच राहुल गांधी ने कहा कि जो अपने आप को हिंदू कहते हैं कि वो 24 घंटे हिंसा की बात करते हैं। आप (भाजपा) हिंदू नहीं हैं। राहुल गांधी ने जब भाजपा पर यह आरोप लगाया तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए यह कहा कि कांग्रेस नेता ने पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा है।

हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता। ये लोग हिंदू नहीं हैं क्योंकि 24 घंटे हिंसा की बात करते हैं। नरेंद्र मोदी पूरा हिंदू समाज नहीं हैं। भाजपा पूरा हिंदू समाज नहीं है। आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है। ये ठेका भाजपा का नहीं है।

 

'पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना ठीक नहीं'

इस पर प्रधानमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना ठीक नहीं है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नेता विपक्ष ने कहा है कि जो अपने आपको हिंदू कहते हैं वो हिंसा करते हैं। इनको मालूम नहीं है कि करोड़ों लोग अपने आप को गर्व से हिंदू को कहते हैं, क्या वो सभी लोग हिंसा करते हैं। उन्हें (राहुल) माफी मांगनी चाहिए।

 

राहुल गांधी ने अपने निंदनीय बयान से भारत माता की आत्मा को लहूलुहान करने का कार्य किया है। इसके लिए उन्हें दुनियाभर में फैले करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। हम लोग ये मानते थे कि हो सकता है कि नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गांधी परिपक्व होंगे, मगर खेद होता है कि उनका बयान अभी बचकाने से उबर नहीं पाया है। एक अपरिपक्व बुद्धि का व्यक्ति ही इस प्रकार का बयान देगा।

सदन में दिखाई भगवान शिव की तस्वीर

नेता प्रतिपक्ष ने सदन में भगवान शिव की तस्वीर दिखाई। राहुल ने कहा कि शंकर भगवान से सच, साहस और अहिंसा की प्रेरणा मिलती है। उनका कहना था, भगवान शिव कहते हैं कि डरो मत, डराओ मत। उन्होंने भगवान शिव की ‘अभय मुद्रा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्रा का उल्लेख इस्लाम, सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन, सभी धर्मों में हैं।

 

मेरे भाई कभी हिंदुओं का अपमान नहीं कर सकते। उन्होंने बहुत स्पष्ट बोला है। उन्होंने बीजेपी और बीजेपी के नेताओं के बारे में बात की है। - प्रियंका गांधी

राहुल पर बरसे बीजेपी अध्यक्ष

संसद में राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर अपनी बात रखी। नड्डा ने ट्वीट में लिखा पहला दिन, सबसे खराब प्रदर्शन! झूठ + हिंदू घृणा = संसद में राहुल गांधी जी। नड्डा ने आगे लिखा कि तीसरी बार असफल हुए नेता प्रतिपक्ष को उत्तेजित, दोषपूर्ण तर्क करने की आदत है। नड्डा का कहना था कि उनके आज के भाषण से पता चला है कि न तो उन्होंने 2024 के जनादेश को समझा है (उनकी लगातार तीसरी हार) और न ही उनमें कोई विनम्रता है।

 

 

माफी मांगे राहुल गांधी

नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी जी को सभी हिंदुओं को हिंसक कहने के लिए तुरंत उनसे माफ़ी मांगनी चाहिए। यह वही व्यक्ति है जो विदेशी राजनयिकों से कह रहा था कि हिंदू आतंकवादी हैं। हिंदुओं के प्रति यह अंतर्निहित नफरत बंद होनी चाहिए। विपक्ष के नेता ने हमारे मेहनती किसानों और बहादुर सशस्त्र बलों से जुड़े मामलों सहित कई मामलों में झूठ बोला है।

 

हिंदुओं के सम्मान का मुद्दा बनेगा?

लोकसभा में जिस तरह से राहुल गांधी ने हिंदू को लेकर टिप्पणी की है उस पर बीजेपी आक्रामक है। पीएम मोदी और अमित शाह की आपत्ति के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की भी प्रतिक्रिया आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस मुद्दे को हिंदुओं के अपमान से जोड़कर कांग्रेस पर पलटवार कर सकती है। इतना ही नहीं बीजेपी इस मुद्दे पर सड़क पर भी उतरे तो लोगों को हैरानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा पार्टी सदन में भी कांग्रेस को इस मुद्दे पर घेरती नजर आएगी।

 

 

एनडीए का भी राहुल पर वार

राहुल गांधी के बयान पर एनडीए के कई नेताओं ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की प्रतिक्रिया सामने आई है। शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष तो बन गये पर परंतु संवैधानिक पद का सम्मान करना उनके चरित्र का हिस्सा नहीं है। उनका डीएनए दादी (इंदिरा गांधी) वाला है।

 

 

राहुल के खून पर उठाया सवाल

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी ने बता दिया कि वह फिरोज खान के नाती हैं। राहुल गांधी के खून के अंदर हिंदू का खून होता तो वह कभी हिंदू को हिंसक नहीं कहते। उनके पूर्वजों ने हिन्दुओं को सौ-सौ घाव दिए हैं। लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष और सांसद चिराग पासवान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपनी बातों को तथ्यों के साथ रखें। हर विषय पर जैसे वह चुनाव में भ्रम फैलाने का काम कर रहे थे, आज सदन में भी वही कर रहे हैं। राहुल गांधी गलत बयानबाजी कर रहे हैं, व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं।


 

संसद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भगवान शिव की अभयमुद्रा का जिक्र कर उनकी तस्वीर भी दिखाई। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने इस पर तीखा विरोध किया। राहुल के लगभग 1.42 घंटे (व्यवधानों और हस्तक्षेप सहित) चले भाषण के अंशों पर खुद पीएम मोदी को भी जवाब देना पड़ा। लोकसभा में जमकर हुए हंगामे के बीच जानिए क्या है भगवान शिव की अभयमुद्रा जिसका राहुल गांधी ने कई बार जिक्र किया

18वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के संवैधानिक पद पर चुने गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आज संभवत: अपने संसदीय जीवन का सबसे लंबा भाषण दिया। लगभग एक घंटे 42 मिनट के संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को आड़े हाथ लिया। उन्होंने हिंसा और नफरत फैलाने के आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं पर जमकर जुबानी हमले किए। राहुल के भाषण के अंशों पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपत्ति दर्ज कराई। उनके अलावा सत्ताधारी गठबंधन की तरफ से गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद और संसद के बाहर भी आपत्ति दर्ज कराई। राहुल ने भगवान शिव की अभयमुद्रा का भी जिक्र किया।

हिंदू धर्म, अहिंसा और कांग्रेस पार्टी पर क्या बोले राहुल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा, अभयमुद्रा का हिंदू धर्म समेत अन्य धर्मों में भी बड़ा महत्व है। उन्होंने कहा कि इसका संकेत भय से मुक्ति और सुरक्षा की भावना है। बकौल राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न भी इसी अभयमुद्रा की तरह है। भाजपा पर आक्रामक लहजे में हमला करते हुए राहुल ने कहा, जो लोग खुद को हिंदू कहते हैं, 24 घंटे हिंसा-हिंसा और असत्य-असत्य कहते रहते हैं। ऐसे लोग हिंदू नहीं हो सकते। सत्ता पक्ष की तरफ इशारा करते हुए राहुल ने कहा, 'आप हिंदू नहीं हो... हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सत्य के साथ खड़ा रहना चाहिए... इससे डरना नहीं चाहिए।' अहिंसा हमारा धर्म है। ये देश अहिंसा का है। सत्ता पक्ष की तरफ से टोके जाने पर राहुल ने कहा, ये इसलिए शोर मचा रहे हैं क्योंकि तीर सीधा दिल में लगा है। हमने भाजपा का मुकाबला अहिंसा के साथ किया है।

हिंदू धर्म और भगवान शिव की अभयमुद्रा का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भगवान शिव, गुरू नानक, ईसा मसीह, भगवान बुद्ध और भगवान महावीर ने पूरी दुनिया को अभयमुद्रा का संकेत दिया। बकौल राहुल गांधी अभयमुद्रा का अर्थ है डरो मत और डराओ मत। अपने भाषण के साथ राहुल ने लोकसभा में भगवान शिव की तस्वीर भी दिखाई। इस पर सत्ता पक्ष की तरफ से घोर आपत्ति दर्ज कराई गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल को तस्वीरें न दिखाने को कहा। हस्तक्षेप और टोका-टोकी से भरे अपने भाषण के दौरान कांग्रेस सासंद ने यह भी कहा कि अभयमुद्रा से पूरी दुनिया को साफ संदेश दिया गया है कि डरना और डराना मना है। उन्होंने इस्लाम का जिक्र करते हुए कहा, कुरान में भी इस बात का साफ उल्लेख है कि डराना मना है, लेकिन सत्ताधारी दल के लोग डराने के साथ-साथ हिंसा भी फैलाते हैं।

 

प्रधानमंत्री मोदी और शाह ने जताई कड़ी आपत्ति

राहुल के भाषण के बीच में हस्तक्षेप कर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये विषय बहुत गंभीर है। पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहा गया है, जो गलत है। इस पर राहुल ने कहा, 'हिंदू का मतलब केवल भाजपा, आरएसएस और पीएम मोदी नहीं है।' गृह मंत्री शाह ने भी राहुल से माफी मांगने की मांग की।


कल संसद में राहुल को जवाब देंगे प्रधानमंत्री मोदी- रिजिजू


केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कहना है कि अगर विपक्ष के नेता ने सदन में झूठ बोला है तो उन्हें सदन के नियमों का सामना करना पड़ेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कल संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी की टिप्पणियों का जवाब देंगे। उन्होंने कहा ‘जिस दौरान राहुल गांधी सदन में बोल रहे थे, उस दौरान पीएम मोदी भी वहां मौजूद थे। स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष को बार-बार कहा कि अपना वक्तव्य रखते समय स्पीकर की तरफ पीठ नहीं करनी चाहिए लेकिन, राहुल गांधी बार बार अपने सांसदों की तरफ देख रहे थे और स्पीकर की तरफ पीठ कर रहे थे। सदन में वाद-विवाद का स्तर इतना गिर गया और हमने ऐसा इससे पहले कभी नहीं देखा था। आज संसद में नए सांसदों को राहुल गांधी से कुछ भी सीखने को नहीं मिला। कांग्रेस में कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी हैं और मैं अपील करता हूं कि राहुल गांधी को कुछ ज्ञान दें।’ रिजिजू ने आगे कहा कि लोकसभा स्पीकर ने पहले ही सदन में आश्वासन दिया है कि वे इस संबंध में आवश्यक और उचित निर्देश देंगे।

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