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भारतीय सीमा में चीन का सैनिक गिरफ्तार, पूछताछ जारी, भारतीय सेना ने पेश की इंसानियत की मिसाल



चीन भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश लगातार कर रहा है। पहले भारतीय सीमा के पास सैन्य टुकड़ी भेजने वाला चीन अब अपने एक एक सैनिक की घुसपैठ भारत में कराने की फिराक में है। सतर्क भारतीय सेना के जवानों ने चीन की इस साजिश को समय रहते पकड़ लिया है।

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन से तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख के चुमार -डेमचोक इलाके में चीन के एक सैनिक को पकड़ा गया है। भारतीय सीमा में दाखिल इस चीनी सैनिक को देखने के बाद सेना हरकत में आई। सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चीनी सैनिक को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा बलों ने उससे भारतीय सीमा में आने की वजह पूछी। जानकारी के अनुसार हिरासत में लिया गया चीनी सैनिक कॉरपोरल रैंक पर है। उसके पास से सिविल और मिलिट्री दस्‍तावेज भी बरामद किए गए हैं। उसने पूछताछ में बताया कि वह शांगजी इलाके का रहना वाला है।


भारतीय सेना की हिरासत में आए पीएलए सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लांग के रूप में हुई है। भारतीय सुरक्षा बलों की पूछताछ में चीनी सैनिक ने बताया कि वह पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भटक गया था।


भारतीय सेना ने दिखाई इंसानियत


हिरासत में लेने के बाद भारतीय सेना ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए इस चीनी सैनिक को अत्यधिक ऊंचाई और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए ऑक्सीजन, खाना और गर्म कपड़े समेत अन्‍य जरूरी चिकित्सा मदद मुहैया कराया।


ऐसा कहा जा रहा है कि अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया होगा लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आमतौर पर पकड़े जाने पर घुसपैठिए या जासूस इसी तरह का जवाब देते हैं।

भारतीय सेना ने अपने बयान में कहा है कि तय प्रक्रिया का अनुपालन करने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार उक्‍त चीनी सैनिक को चुशुल - मोल्डो बैठक बिंदु पर वापस चीनी सेना के हवाले कर दिया जाएगा। फिलहाल उसके किसी जासूसी मिशन पर होने को लेकर भी छानबीन की गई। वैसे चीन के साथ लगातार बने तनाव के बीच भारतीय सेना की दरियादिली काबिले तारीफ है। चीन की सेना ऐसी पहल करने से बचने की कोशिश करती है।


क्या किया था चीन ने


चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए ने बीते 4 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश से पांच युवाओं को अगवा कर लिया था। बाद में भारत के तगड़े राजनयिक दबाव के चलते कई दिन बाद इन्‍हें रिहा किया था। सिर्फ इतना ही नहीं बीजिंग में नियमित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने जब चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान से इन अगवा भारतीय युवकों के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया था। उन्‍होंने साफ कहा था कि उनको इसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं है...


चीन की भारत से गुहार


समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सेना से अपने सैनिक को वापस करने की गुहार लगाई थी। भारतीय सेना ने कहा है कि वह इस सैनिक को सकुशल पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के हवाले कर देगी। इससे पहले 31 अगस्त को भी भारतीय सेना की पूर्वी कमान ने अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग में चीनी नागरिकों के 13 याक और चार बछड़ों को चीन के अधिकारियों को सौंपा था।


टीम स्टेट टुडे

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