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विधान परिषद में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के मुद्दे पर सपा ने किया वाकआउट


लखनऊ, 27 मई 2022 : उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी ने शिक्षामित्रों का मुद्दा उठाया। सपा सदस्यों ने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग करते हुए शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के लिए कहा। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया।

सपा शिक्षामित्रों का यह मसला कार्य स्थगन प्रस्ताव के रूप में लेकर आई थी। सपा सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले शिक्षामित्रों को स्थाई करने का वादा किया था, किंतु सरकार इनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। न्यायिक प्रक्रिया में शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन को उचित नहीं माना था, किंतु उनके सेवाकाल को देखते हुए सरकार को समान कार्य के लिए समान वेतन या मानदेय देने की छूट दे दी थी।

सपा सरकार ने शिक्षामित्रों को समायोजित करते हुए ग्रामीण क्षेत्र में 28528 व शहरी क्षेत्र में 29878 रुपये प्रति माह का भुगतान किया था। न्यायिक प्रक्रिया के तहत इनका समायोजन निरस्त हो गया और इन्हें पुरानी व्यवस्था के तहत मानदेय मिलने लगा। आज श्रम मंत्रालय कुशल श्रमिक की निर्धारित मजदूरी 550 रुपये है। जबकि शिक्षामित्रों को इससे भी कम मिल रहा है। यही वजह है कि अब तक करीब पांच हजार शिक्षामित्र अपनी जान दे चुके हैं। सपा सदस्य मान सिंह यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जब समान काम के लिए समान वेतन की बात कही है तो सरकार इसे लागू क्यों नहीं कर रही है।

नेता सदन स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आप लोग परेशान न हों शिक्षामित्रों की भी चिंता सरकार करेगी। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन किया। वहीं, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने कार्यस्थगन अस्वीकार कर सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया।

किसानों का मुद्दा उठाने को नहीं मिला तो सदन से चले गए बाहर : समाजवादी पार्टी के सदस्य किसानों की आय दोगुनी न होने का मुद्दा उठाना चाहते थे किंतु उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। काफी देर तक सभापति से आग्रह करने के बाद भी जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो सपा सदस्य सदन से बाहर चले गए।

बसपा ने उठाया फार्मासिस्टों के रिक्त पदों का मुद्दा : बहुजन समाज पार्टी ने प्रदेश में फार्मासिस्टों के रिक्त पदों पर भर्ती न होने का मामला उठाया। बसपा सदस्य भीमराव अम्बेडकर ने कहा कि 20 वर्षों से प्रदेश में एलोपैथिक फार्मासिस्टों के नियमित पदों पर भर्ती नहीं की जा रही है। प्रदेश में करीब एक लाख डिप्लोमा फार्मासिस्ट बेरोजगार घूम रहे हैं। बसपा ने उत्तर प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में हो रहे भ्रष्टाचार का भी मसला उठाया। नेता सदन ने बताया कि रिक्त पदों के लिए अधियाचन भेज दिया गया है।

पांच लाख की गड्ढा मुक्ति में 50 लाख का प्रचार होर्डिंग : कांग्रेस सदस्य दीपक सिंह ने कहा कि गड्ढा मुक्ति अभियान में बड़ा खेल चल रहा है। पांच लाख रुपये खड्ढा मुक्ति अभियान में खर्च होते हैं तो उसमें 50 लाख रुपये का होर्डिंग लगाकर प्रचार किया जाता है। सड़कों में गड्ढे फिर भी रह जाते हैं। उन्होंने सड़कों के गड्ढे भरवाने की मांग की। नेता सदन ने कहा कि भाजपा सरकार में ही सड़कों की सबसे अच्छी दशा है।

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