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रामोत्सव 2024 - 'होली अयोध्या' ऐप के जरिए अयोध्या में ठहरने के लिए उचित होम स्टे के चयन का लाभ उठा सकेंगे पर्यटक व श्रद्धालु


  • सुगम यातायात कॉरिडोर के जरिए अयोध्या में वीवीआईपी मूवमेंट का होगा स्वागत

  • सीएम योगी द्वारा मंगलवार को की गई समीक्षा बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों को धरातल पर उतारने में जुटा अयोध्या जिला प्रशासन

  • अयोध्या के मंडलायुक्त, एडीजी जोन, आईजी जोन, जिलाधिकारी समेत आलाधिकारियों व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने बुधवार को की अहम बैठक

  • अयोध्या नगर के 500 भवनों को किया गया होम स्टे के अंतर्गत पंजीकृत, योजना के तहत 2200 कमरों में ठहर सकेंगे श्रद्धालु व पर्यटक


अयोध्या, 3 जनवरी उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी के तौर पर विकसित की जा रही अयोध्या के समेकित विकास के साथ ही 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के श्रीविग्रह स्थापना व लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार समीक्षा बैठक कर रहे हैं। मंगलवार को लखनऊ में ऐसी ही समीक्षा बैठक में सीएम द्वारा 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को लेकर तमाम निर्देश जारी किए गए थे, जिसके दृष्टिगत बुधवार को अयोध्या प्रशासन के आलाधिकारियों व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के मध्य समन्वय बैठक की गई। इसमें स्थानीय प्रशासन की ओर से अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी नितीश कुमार, एडीजी लखनऊ जोन पीयूष मोर्डिया, आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार, एसएसपी राजकरण अय्यर समेत कई अन्य आला अधिकारियों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों संग बैठक कर लाइन ऑफ एक्शन के बारे में जाना। बैठक में वीवीआईपी मूवमेंट के लिए स्पेशल ट्रैफिक कॉरीडोर समेत यातायात संचालन को लेकर कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

 

करीब 8 हजार आमंत्रित आगंतुकों के आवभगत की तैयारियों का बन रहा रोडमैप


मंडलायुक्त अयोध्या गौरव दयाल ने बताया कि 22 जनवरी को प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों व ट्रस्ट के सद्स्यों के साथ बैठक की गई है। बैठक में इस बात की जानकारी ली गई कि किस प्रकार आयोजन में आगंतुकों के सिटिंग, मूवमेंट, स्टे समेत अन्य व्यवस्थाओं को लेकर ट्रस्ट द्वारा की गई तैयारियों से संबंधित जानकारी ली गई। पूरे प्लान को फाइनलाइज्ड करने के पहले 2 से 3 बड़ी बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिसके जरिए 22 जनवरी को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में करीब 8 हजार आमंत्रित आगंतुकों की सफल मेजबानी का मार्ग प्रशस्त होगा। संत समाज के करीब 5000 लोगों को इस कार्यक्रम में बुलाया गया है जो कि विभिन्न माध्यमों के जरिए यात्रा करके अयोध्या पहुंचेंगे और उनके रहने व यात्रा के दृष्टिगल मूवमेंट के संचालन के लिए अंतिम कार्ययोजना का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आमंत्रित वीवीआईपी आगंतुकों के मूवमेंट समेत अन्य कार्यक्रमों के विवरणों को संकलित कर उचित संचालन की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए भी रोडमैप बनाया जाएगा।

 

स्पेशल कॉरीडोर व ऐप बेस्ड होम स्टे सर्विस बनेगा सफल मेजबानी का माध्यम


जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि अयोध्या आने वाले आगंतुकों के रहने के लिए 500 रिहाइशी भवनों को होम स्टे में कन्वर्ट किया गया है। इससे अयोध्या में 21-22 सौ कमरे होम स्टे के तौर पर श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए होंगे, जिन्हें होली अयोध्या नाम के गूगल प्ले स्टोर बेस्ड ऐप के जरिए एक्सेस किया जा सकता है। इस ऐप का विकास अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा करवाया गया है। वहीं, 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में वीवीआईपी मूवमेंट के मध्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्पेशल कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। यह कॉरिडोर अयोध्या एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन समेत अयोध्या के प्रमुख क्षेत्रों को वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आपस में जोड़ेगा।

 

तैयारियों को धरातल पर उतारने के लिए समन्वय पर जोर


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि आने वाली 22 तारीख को श्रीराम के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रेष्ठ व उच्चतम सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिया है। इसके अनुपालन के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के साथ प्रशासन का को-ऑर्डिनेशन अच्छा बने इसके लिए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एडीजी, आईजी आदि आलाधिकारियों ने बैठकर ट्रस्ट द्वारा बनाई गई व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रशासन के द्वारा अतिथियों के संबंध में जो व्यवस्था बनी है, उसकी जानकारी दी गई। साथ-साथ को-ऑर्डिनेशन हो व सभी आमंत्रित आगंतुकों को सुगमता हो, किसी प्रकार का कष्ट न हो ऐसी व्यवस्था निर्मित करने के लिए बैठक में विचार-विमर्श किया गया। सभी प्रक्रियाएं सीएम योगी के निर्देशानुसार धरातल पर उतरें इसलिए आने वाले दिनों में इन समन्वय बैठकों की संख्या में वृद्धि होगी।

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