google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

कुंडा में राजा भैया ने कहा- भारत तभी तक धर्मनिरपेक्ष जब तक हिंदु बाहुल्य


प्रतापगढ़, 21 मार्च 2022 : जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने कहा कि भारत तभी तक धर्मनिरपेक्ष देश है, जब तक हिंदु बाहुल्य है। वह किलहनापुर स्थित एक धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वह धार्मिक संदर्भ में बात करते हुए द कश्मीर फाइल्स फिल्म पर बोल पड़े। कहा कि 16 जनवरी 1990 में कश्मीर से पांच लाख हिंदुओं के विस्थापन की सच्चाई को इस फिल्म में दिखाया गया है, जो कुछ लोगों को बहुत खराब लग रही है। इस फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

कश्मीरमें जनसंहार परनहीं बोला कोईराजनीतिक दल

बहुतदुख के साथकहना पड़ रहाहै कि कुछलोग इस परबात करने सेभी कतराते हैं, हमारे हिंदु भाइयोंके साथ कश्मीरमें इतना बड़ाजनसंहार और अत्याचारहो गया, कोईराजनीतिक दल नहींबोला, किसी एकचैनल ने इसबर्बरता को नहींदिखाया, धर्माचार्य भी इसमामले में मौनधारण करके रहगए। हिंदुओं कीव्यथा को दिखातीहुई इस फिल्मको दिखाना बंदकर दें, क्यों।क्योंकि हमारे ऊपर जोबीता, उस परबनी यह फिल्मसच्चाई बया कररही है। उन्होंनेसवाल उठाते हुएकहा कि इसजीवित संस्कृति कोबचाने के लिएहमारा भी कोईदायित्व है किनहीं, हम अपनेबच्चों से कितनीधर्म के बारेमें चर्चा करतेहैं, हमें अपनीसंस्कृति के प्रतिकितने सचेत हैं।अब तक काइतिहास उठाकर देख लीजिए, सबसे अधिक विस्थापनहिंदुओं का हुआ, सबसे अधिक जनसंहारहिंदुओं का हुआ।याद रखिए, भारततभी तक धर्मनिरपेक्ष देश है, जब तक हिंदूबाहुल्य है। इतिहाससे सबक लें, जो हमारे पु्रखोंपर बीता है, वह हमारी अगलीपीढ़ी ना झेले।

शास्त्रके साथ शस्त्रभी हिंदुओं कोअपनाना होगा

रघुराजप्रताप ने अंतमें यह संदेशभी दिया किभगवान श्रीराम नेपिता के आदेशपर सबकुछ छोड़ा, मगर धनुष बाणधारण किए रहे, क्योंकि दुष्टों का नाशका यही एकमात्रसाधन था। शास्त्रके साथ शस्त्रभी अपनाना होगा, अपनी सभ्यता वसंस्कृति की रक्षाभी हम तभीकर सकते हैं।समय-समय परहमारे देवों नेअवतार लेकर इसकाउदागहरण प्रस्तुत किया है।अपील करते हुएकहा कि सनातनियोंकी पीढ़ियां अपनेमुक्ति का मार्गप्रशस्त करें। धार्मिक कार्यक्रमके दौरान कथाव्यासआचार्य देवव्रत महाराज नेधर्म की रक्षाके प्रति लोगोंको जागरूक किया।उन्होंने प्रभु श्रीराम केअवतार पर विस्तारसे कथा सुनायी।

22 views0 comments

Comments


bottom of page