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SP-RLD गठबंधन के दो और प्रत्याशी घोषित


लखनऊ, 17 जनवरी 2022 : उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के गठन के लिए दस फरवरी से होने वाले मतदान के लिए समाजवादी पार्टी ने सोमवार को एक और सूची जारी कर दी है। समाजवादी पार्टी ने जो सूची जारी की है, उसमें बागपत की दो सीट पर राष्ट्रीय लोकदल के दो प्रत्याशी उतरेंगे। यह सपा-रालोद की पांचवीं सूची है।

समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन ने बागपत के छपरौली से पूर्व विधायक वीरपाल राठी और बड़ौत से जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर पर दांव लगाया है। रालोद में छपरौली से टिकट मांगने वालों की काफी लंबी लाइन थी। 16 रालोद कार्यकर्ता चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन जयंत चौधरी ने पूर्व विधायक वीरपाल राठी को उम्मीदवार घोषित किए हैं। वीरपाल राठी वर्ष 2012 में छपरौली से विधायक रह चुके हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की कमान भी वीरपाल राठी ने ही संभाली थी। शायद इसीलिए उन्हें जयंत ने उम्मीदवार घोषित किया है। बाकी लोगों को टिकट नहीं मिलने से करारा झटका लगा है।

बडौत सीट से जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जयवीर सिंह तोमर को रालोद का उम्मीदवार घोषित किए हैं। बडौत सीट पर भी एक दर्जन कार्यकर्ता टिकट पाने की लाइन में लगे थे लेकिन अब इनमें जयवीर सिंह तोमर को छोड़कर बाकी सब को करारा झटका लगा है। जयवीर सिंह तोमर बागपत जिला बार एसोसिएशन के तीन बार अध्यक्ष रहे हैं। जयवीर सिंह तोमर मूल रूप से बिजरोल गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता काले सिंह तीन बार बड़ौत ब्लॉक के प्रमुख रहे थे। गौरतलब है कि बागपत विधानसभा सीट से जयंत चौधरी पहले ही पूर्व कैबिनेट मंत्री नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं। समाजवादी तथा राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन ने अब तक पांच सूची जारी की है। जिसमें 38 प्रत्याशियों के नाम हैं। इनमें 28 नाम राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशियों के हैं। यह प्रत्याशी पहले दो चरण के मतदान में मैदान में उतरेंगे।


सपा ने अलीगढ़ से प्रत्याशी बदला, अब अज्जू लड़ेंगे चुनाव


समाजवादी पार्टी ने अलीगढ़ की कोल सीट पर काफी कशमकश के बाद अपना प्रत्याशी बदल दिया है। समाजवादी पार्टी ने पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इश्हाक को प्रत्याशित घोषित किया है। इस सीट पर पहले सलमान शाहिद को प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन उनको बी फार्म नहीं दिया था। इसके बाद से ही प्रत्याशी बदलने की अटकलें तेज हो गईं थीं। पार्टी हाईकमान ने उनकी टिकट काटकर अज्जू को प्रत्याशी बनाया है। अज्जू ने बी फार्म मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं से बात कर नामांकन की तारीख तय करेंगे। अज्जू 2017 में भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। तब वह हार गए थे। इस चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी दल ने प्रत्याशी बदला हो।

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