पूर्व निर्धारित बैठक रद्द करने पर भड़की कांग्रेस गवर्नर पर लगाया बीजेपी नेता की तरह काम करने का आरोप



उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने आज राज्यपाल पर भाजपा नेता के रूप में व्यवहार कर राज्य के संवैधानिक प्रमुख के पद की मर्यादा को तार-तार करने के साथ लोकतंत्र का घोर अपमान करने का आरोप लगाया है।


उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट से उपजे भयावह संकट से निपटने में विफलता, वैक्सिनेशन की धीमी गति जैसे गम्भीर विषयों पर राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन देने के लिये कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को समय देकर अचानक निरस्त करने की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि राज्यपाल महोदया अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों से हटकर राज्य सरकार की विफलताओं पर पर्दा डालने के लिये यह जनविरोधी कृत्य किया। इससे राज्यपाल के पद की गरिमा पर गम्भीर सवाल खड़े हुए हैं। यह लोकतंत्र का घोर अपमान है।


आपको बता दें कि आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल वर्तमान हालात से अवगत कराने के लिये उनसे समय मांगा था। राज्यपाल द्वारा समय देने के बाद अचानक निरस्त करने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह व्यवहार स्वस्थ परम्पराओं के अनुकूल नहीं है।


बाद में कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि 22 करोड़ आबादी वाले राज्य के कुल 34 लाख लोगों को डबल डोज देकर अपनी पीठ थपथपाने वाली सरकार को सभी को वैक्सीन देने में लगभग 13 वर्ष लगेंगे। वर्तमान में समय मे सरकार की वैक्सिनेशन नीति व धीमी गति के कारण संकट भयावह रूप लेता जा रहा है। ऐसे में कोरोना नियंत्रण में सरकार की भूमिका मात्र अपनी पीठ स्वयं थपथपाने तक सीमित है। उन्होंने कहा कि पूरे देश मे बिहार के बाद सबसे कम वैक्सिनेशन उत्तर प्रदेश में हुआ है और राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार झूठे दावे कर प्रदेश को धोखा दे रही है।



उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि प्रदेश की 22 करोड़ जनता के लिये कुल 1500 वैक्सिनेशन सेंटर ही सरकार ने बना रखे है जिसमे भी वैक्सीन न होने के कारण बहुत से सेंटर पर वैक्सीनेशन नही होने की जानकारी लगातार आती रहती है। वही राज्य में इंटरनेट व डॉक्युमेंट्स से वंचित लोगो के लिये वैक्सीन की कोई व्यवस्था नही, शहरी इलाकों में 80 प्रतिशत व ग्रामीण इलाकों में कुल 22 प्रतिशत लोगो की इंटरनेट तक पहुच है ऐसे में कैसे होगा वेक्सिनेशन ? उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार बताये वह कैसे कोरोना संक्रमण से कितने दिनों में जनता को बचा पाएगी ?


उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गरीबी दर के हिसाब से वैक्सीन की कीमत बहुत अधिक है, आरबीआई की ताजी

रिपोर्ट के अनुसार 40 प्रतिशत जनता गरीबी रेखा के नीचे है, ऐसे में 40 प्रतिशत प्रदेशवासी न्यूनतम कीमत पर भी वैक्सीन लगावाने का खर्च उठाने में असमर्थ साबित होंगे। उंन्होने सरकार से मांग करते हुए कहा कि क्यूबरकोलोसिस, डिप्थीरिया, परटूसीस, टीटानुस, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, पिनुमोनीय जैसी 11 गम्भीर बीमारियों में मुफ्त वैक्सीन की तरह कोरोना वैक्सीन की यवस्था पूरी तरह मुफ्त करनी चाहिये।


अजय कुमार लल्लू ने कहा कि वैक्सिनेशन में लगातार लापरवाही की शिकायतें आ रही है, जनता के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। पहली और दूसरी डोज अलग अलग कम्पनियों की लगने से वैक्सीन एक तरह से कॉकटेल हो जाएगी, जिससे जीवन का संकट उतपन्न होने की संभावना डॉक्टर्स व वैज्ञानिक भी कर रहे है। जिससे भविष्य में एक बड़ा संकट महामारी का पैदा होगा यही नही वैक्सीनेशन में कोरोना प्रोटोकाल का पालन भी नही हो रहा है, बिना दस्ताने मेडिकल स्टाफ वैक्सिनेशन करने को विवश है क्योंकि कोरोना प्रोटोकॉल का हिसाब से राज्य सरकार वैक्सीन सेंटर को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।




छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी पूर्व राज्यसभा सदस्य डा. पी.एल. पुनिया ने भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उसकी अदूरदर्शिता और गलत नीतियों के कारण प्रदेशवासियों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की नीतियां पूरी तरह वर्तमान महामारी से जनता को बचाने की नहीं हैं।



पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि जब लोग एक दूसरे के सहयोग की भावना के साथ संकटकाल में मदद को आगे बढ़ रहे हैं संकट गहराता जा रहा है। ऐसे समय में सरकार ने जनता का साथ छोड़कर अपने संवैधानिक व नैतिक दायित्व का निर्वहन न कर प्राप्त जनादेश का अपमान किया है।



उ0प्र0 विधान परिषद में कांग्रेस के नेता दीपक सिंह ने कहा कि राज्य सरकार झूठी घोषणाओं के बल पर भ्रम फैलाकर अपनी जिम्मेदारियों से हटकर वह केवल अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने के लिए आंकड़ेबाजी के खेल में लगी हुई है। कोरोना की भयावहता से उसने पूरी तरह अपनी आंखें बन्द कर ली हैं।


टीम स्टेट टुडे


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