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79 बार बजी ताली, 15 बार मिला स्टैंडिंग ओवेशन, ऑटोग्राफ-सेल्फी के लिए लगी कतार


नई दिल्ली, 23 जून 2023 : पीएम मोदी का अमेरिका में जोरदार स्वागत किया गया है। वहां पर भी प्रधानमंत्री का जलवा कायम है। इस राजकीय दौरे के दौरान पीएम मोदी कई बड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं। इसी बीच गुरुवार को पीएम मोदी ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया, जिसमें संसद के सदस्य और भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया।

इस सभा को संबोधित करने के दौरान पीएम मोदी के लिए जमकर तालियां बजी थी। इतना ही नहीं, संबोधन के बाद पीएम मोदी के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की लाइन लग गई। सांसदों ने संसद भवन में पीएम मोदी को स्टैंडिंग ओवेशन दिया।

अमेरिका में भी कायम पीएम मोदी का जलवा

ग्लोबल लीडर का जलवा दूसरे देशों में भी नजर आ रहा है। इस बात का अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि जब पीएम मोदी में संसद भवन में प्रवेश किया, तो उस दौरान सभी ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। इतनी ही नहीं, पीएम मोदी के स्वागत में संसद में मौजूद भारतीय अमेरिकी लोगों ने मोदी-मोदी और 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए।

यहां तक कि जब संसद में पीएम मोदी ने अमेरिकी सांसदों और भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोगों को संबोधित किया, उस दौरान भी कई लोगों को बीच-बीच में खड़े होकर उनका अभिवादन करते हुए देखा जा रहा था।

15 बार दिया स्टैंडिंग ओवेशन

संसद में पीएम मोदी का संबोधन लगभग एक घंटे तक चला था। जब वे अपना भाषण दे रहे थे, उस दौरान लगभग 15 बार सांसदों ने स्टैंडिंग ओवेशन दिया था। जब पीएम मोदी ने अपना भाषण समाप्त करते हुए धन्यवाद कहा, तो सांसदों ने उनके लिए काफी देर तक तालियां बजाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान अमेरिकी संसद में 79 बार तालियां भी बजाई गईं।

ऑटोग्राफ और सेल्फी के लिए लगी कतार

तालियों की गूंज से पूरा संसद भवन गूंज उठा था। सभी लोग पीएम मोदी की वाहवाही कर रहे थे। पीएम मोदी का भाषण समाप्त होने के बाद उनके साथ सेल्फी लेने के लिए सांसदों की कतार लग गई। अमेरिकी सांसदों ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी ली और ऑटोग्राफ के लिए लोग लाइन में खड़े हो गए। पीएम ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष केविन मैक्कार्थी की संयुक्त सत्र संबोधन पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए।

अगले स्तर पर जाएगी भारत-अमेरिका की दोस्ती

इस मौके पर व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया, "दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों और इंडो-पैसिफिक में प्रमुख सुरक्षा प्रदाताओं के रूप में, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत वैश्विक भलाई के लिए एक संयुक्त शक्ति हैं। आज की राजकीय यात्रा अमेरिका-भारत संबंधों को अगले स्तर पर ले जाएगी, क्योंकि हम उस भविष्य का निर्माण करेंगे जो हम देखना चाहते हैं।"

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