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अखिलेश ने Yogi को घेरा, बोले- कोर्ट में हत्या से निकली भाजपा सरकार के दावों की हवा


लखनऊ, 09 जून 2023 : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ कचहरी में माफिया संजीव जीवा की हत्या की घटना को लेकर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। कहा है कि भाजपा सरकार के झूठे दावों की कलई एक-एक कर खुलती जा रही है। मुख्यमंत्री के अपराधमुक्त प्रदेश के दावों की हवा अदालतों में दिनदहाड़े चल ही गोलियों से निकल चुकी है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश में 33 लाख करोड़ के निवेश का दावा खोखला

प्रदेश की कानून-व्यवस्था ध्वस्त है। अपराधी खुलेआम हत्याएं कर रहे हैं। कहा कि राज्य सरकार को अब खुद एमओयू करने वाले निवेशकों को खोजना पड़ रहा है। फरवरी माह में हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश में 33 लाख करोड़ के निवेश का दावा किया गया था। इसी भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में प्रदेश में 4.50 लाख करोड़ रुपये निवेश के एमओयू होने का दावा किया गया था। सच यह है कि जमीन पर न कोई उद्योग लगा और न किसी को रोजगार मिला।

अधिवक्ता बोले मोबाइल में गेम खेलेंगे गेट पर तैनात पुलिस कर्मी, गोलियां तो चलेंगी ही

कोर्ट की सुरक्षा पर फिर एक बार सवार उठ गया जब दिन दहाड़े अपराधी जीवा पर गोलियां बरसाई गईं। अधिवक्ता अरुण शुक्ला, एसपी सिंह का कहना है कि कोर्ट की सुरक्षा में गेट पर तैनात पुलिस कर्मी मोबाइल में गेम खेलेंगे और अंदर आने वाले किसी व्यक्ति की चेकिंग नहीं करेंगे तो गोलियां तो चलेंगी ही। कई अधिवक्ताओं ने बताया कि कोर्ट परिसर के अंदर लगे कई मेटल डिटेक्टर भी खराब हैं। अधिवक्ता मयंक पांडेय, सौरभ भटनागर के मुताबिक अगर गेट पर तैनात पुलिस कर्मी नियमत: अधिवक्ताओं की चेकिंग करते उनका पहचानपत्र देखकर परिसर में दाखिल होने की अनुमति देते तो इतनी बड़ी घटना न होती।

अधिवक्ता के वेश में पहुंचा शूटर कैसे पिस्टल लेकर अंदर चला गया

अधिवक्ता अरुण शुक्ला ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में उच्चाधिकारियों और जिला जज से भी कहा कि परिसर में आने वाले व्यक्तियों की नियमत: चेकिंग हो। सवाल यह है कि मुख्य गेट से एससीएसटी कोर्ट परिसर की दूरी करीब एक किमी है। अधिवक्ता के वेश में पहुंचा शूटर कैसे पिस्टल लेकर अंदर चला गया। यह बड़ी चूक है। ऐसे तो अधिवक्ता के वेश में आतंकी भी असलहे ले जाकर अंदर गोलीबारी कर सकते हैं। घटना के बाद अधिवक्ताओं ने एक सुर में कहा कि अगर न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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