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अखिलेश ने मंत्री-विधायकों के साथ ली गई तस्‍वीर ट्वीट कर सरकार से पूछे 3 सवाल?


लखनऊ, 5 मार्च 2023 : मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने यूपी विधानसभा सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के दोनों सदनों के अध्यक्षों एवं सदस्यों के साथ फोटो खिंचवाई थी। इस फोटों में उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद नहीं थे।

आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस संबंध में उस फोटो को ट्वीट कर यूपी सरकार से तीन सवाल दागे हैं। बता दें कि यूपी में शुक्रवार को बजट सत्र (UP Budget Session 2023) का अंतिम दिन था। इस दौरान विधानसभा के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के साथ मंत्री-विधायकों की ग्रुप फोटो ली गई थी। जिसमें उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्‍यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद नहीं हैं। बता दें कि इस तस्वीर को सीएम योगी ने शेयर करते हुए लिखा, "उत्तर प्रदेश विधान मण्डल के दोनों सदनों के माननीय अध्यक्षों एवं सम्मानित सदस्यों के साथ।

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बिना खींची गई सदन-विधायकों की तस्वीर अधूरी है। हमारी मांग है कि सरकार की तरफ से उनकी अनुपस्थिति का ये स्पष्टीकरण आए कि।

क्या वो लोग आए नहीं या बुलाए नहीं गये?

क्या उपमुख्यमंत्रियों के पद का कोई महत्व है या नहीं?

क्या उनकी गिनती होती भी है या नहीं?

बता दें कि वि‍धानसभा बजट सत्र के दौरान अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की दोनों उपमुख्यमंत्रियों से कई बार बहस हुई। इस दौरान दोनों सरकार और विपक्ष ने एक दूसरे पर जमकर हमला बोला। पर इन मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के साथ विधान मण्डल के दोनों सदनों में दोनों उपमुख्यमंत्रियों की फोटो न होने पर सवाल भी खड़े किए।

संविधान विरोधी बयानबाजी कर रही है भाजपा: अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा संविधान में लिखे समाजवादी मूल्यों की अवमानना कर रही है। भाजपा के नेता संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर का अपमान करने के साथ ही संविधान विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। जिस संविधान की शपथ लेकर पदों पर पहुंचते हैं उसे ही नहीं मानते हैं।

समाजवाद संविधान की प्रस्तावना में है। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों विधानसभा में समाजवाद को सबसे बड़ा पाखंड बताते हुए बहरूपिया ब्रांड तक बता दिया था। सपा अध्यक्ष अखिलेश ने अब इसका विरोध करते हुए भाजपा पर पलटवार किया है। कहा कि भाजपा संविधान की मंशा बदलना चाहती है। समाजवाद में एक-दूसरे का सम्मान सिखाया गया है।

भारतीय समाज हमेशा समाजवादी समाज के रूप में आगे बढ़ा है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी सिद्धांतों पर चलकर ही समता मूलक समाज का निर्माण किया जा सकता है। भाजपा पूंजीपतियों और पूंजीवादी विचारधारा की समर्थक है। धर्म के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। भाजपा की सरकार सबको बराबरी का हक और सम्मान नहीं देना चाहती है इसलिए जातीय जनगणना का विरोध कर रही है।

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