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"अमृत" जो Uttar Pradesh को बना रहा है उत्तम प्रदेश - "कहानी कायाकल्प की"



"अमृत" एवं अमृत की उपलब्धियां

 

प्रदेश में शहरी आबादी को उनकी जरूरत के अनुसार गुणवत्तापरक आधारभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी नगरीय निकायों की है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 762 नगरी निकाय 545 नगर पंचायत 200 नगर पालिका परिषद एवं 17 नगर निगम हैं। नागरिकों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा अन्य अवस्थापना सुविधाओं का निरंतर विकास राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। नागरिक क्षेत्र में जन सामान्य को स्वच्छ पेयजल, उपयुक्त प्रकाश व्यवस्था, सड़क, सीवर एवं सफाई तथा कूड़ा उठाने की व्यवस्था, जल निकासी की व्यवस्था, नगरीय परिवहन इत्यादि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने कराए जाने के उद्देश्य से केंद्र पुरोनिधानित एवं राज्य सेक्टर की विभिन्न योजनाएं संचालित हो रही हैं।


केंद्र सरकार की मंशा शहरों में नागरिकों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करने की रही है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार योजना को धरातल पर उतारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा प्रदेश के चयनित शहरों में महत्वपूर्ण योजनाओं/कार्यों का विवरण निम्नवत है

 

अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसपोर्टेशन (अमृत)



पेयजल परियोजनाएं -


  • पेयजल गृह संयोजन - 9 00000

  • लाभान्वित जनमानस - 45 लाख

  • पेयजल वितरण प्रणाली - 5891 किलोमीटर

  • नए नलकूप - 438 नग

  • रिबोर नलकूप - 77 नग

  • उच्च जलाशय - 189 नग

  • सी.डब्लू.आर - 110 नग

  • पूर्ण परियोजनाएं - 158 परियोजनाएं

  • पूर्ण किए गए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट - 3 नग (200 एम.एल.डी.)

  • पेयजल परियोजनाओं पर किया गया व्यय - रुपए 3348.58 करोड़


जलोत्सारण परियोजनाएं


  • सीवर गृह संयोजन – 8,81800 नग

  • लाभान्वित जनमानस – 40,90,000

  • सीवर नेटवर्क - 2960 किलोमीटर

  • एस.टी.पी. - 13 नग (280 एम.एल.डी.)

  • पूर्ण परियोजनाएं - 88 परियोजनाएं

  • सीवरेज परियोजनाओं पर किया गया व्यय - 5966.36 करोड़


  •  

पार्क एवं ग्रीन स्पेस की परियोजनाएं


  • पार्क की परियोजनाएं जो इस अवधि में पूर्ण की गयीं - 34 पार्क

  • पार्क परियोजनाओं पर किया गया व्यय - 21.92 करोड़  


अमृत 2.0



भारत सरकार द्वारा अमृत योजना का शुभारंभ वर्ष 2021 में किया गया। जिसका उद्देश्य देश के सभी नगरीय निकायों में घरेलू नल कनेक्शन्स के साथ सर्वसुलभ जलापूर्ति और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करना है। उक्त योजना प्रदेश के समस्त 756 नगरीय निकायों में लागू है। अमृत योजना के अन्तर्गत 23,575 करोड़ की पेयजल व सीवरेज योजनाएं उत्तर प्रदेश में स्वीकृत की जा चुकी हैं।



अमृत 2.0 में स्वीकृत 18,565 करोड़ की 416 पेयजल योजनाओं के द्वारा 43 लाख घरों को पेयजल कनेक्शन और 5,012 करोड़ की 31 परियोजनाओं द्वारा 5 लाख घरों को सीवर कनेक्शन दिया जाएगा।



1,890 करोड़ की 43 पेयजल योजनाओं से बुंदेलखंड के समस्त जनपद तथा मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र, इन 10 जनपदों के समस्त 72 नगर निकायों के सभी घरों में शत - प्रतिशत पेयजल कनेक्शन अमृत 2.0 के माध्यम से दिए जाने की परियोजनाऐं स्वीकृत की गई हैं।


अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति से स्वीकृत 447 परियोजना के सापेक्ष 133 परियोजनाओं में कार्य प्रगति पर है एवं 90 परियोजनाओं की निविदा आमंत्रित की जा चुकी है।


प्रदेश के अमृत शहरों में 24x7 पेयजलापूर्ति योजना के संबंधित कार्य गतिमान हैं।




प्रदेश के 194 नगरीय निकाय में अमृत सरोवर के निर्माण से संबंधित कार्य गतिमान हैं।


केंद्र और राज्य सरकार की अमृत योजना को उत्तर प्रदेश जल निगम के अध्यक्ष अमृत अभिजात और प्रबंध निदेशक राकेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गतिमान हैं। उत्तर प्रदेश एक तरफ उद्यम प्रदेश बन रहा है तो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरुप बदल रहा नगरीय विकास का ढांचा प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की ओर अग्रसर है।


टीम स्टेट टुडे

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