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अनंत सिंह के करीबी पूर्व मंत्री कार्तिक सिंह पर आरोप, केस मैनेज करने के लिए हत्या की धमकी


पटना, 6 सितंबर 2022 : बिहार की नई महागठबंधन सरकार में कानून मंत्री बनाए गए कार्तिक सिंह की कुर्सी अपहरण के एक मामले में आरोपित होने के कारण चली गई है। इस मामले में नीतीश सरकार की किरकिरी करा चुके कार्तिक सिंह फिर नए विवाद से घिर गए हैं। उनपर पटना के एक बिल्‍डर राजू सिंह के अपहरण के उसी मामले को दबाव बनाकर मैनेज करने का आरोप लगा है। यह आरोप बिल्‍डर की पत्‍नी दिव्‍या सिंह ने लगाया है। उन्‍होंने इस संबंध में पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है।

विदित हो कि कार्तिक सिंह को राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के बाहुबली नेता अनंत सिंह (Anant Singh) का करीबी माना जाता है। उनके खिलाफ बिल्‍डर की पत्‍नी ने न केवल चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है, बल्कि उनका एक वीडियो भी वायरल हो गया है। उन्‍होंने बेउर जेल प्रशासन और पटना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। अपहरण का मामला मैनेज करने को दबाव देने का आरोप

अपहरण के उक्‍त मामले में कार्तिक सिंह की जमानत याचिका बीते एक सितंबर को दानापुर कोर्ट से खारिज हो चुकी है, लेकिन उन्‍होंने अभी तक आत्‍मसमर्पण नहीं किया है। पुलिस ने भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। इस बीच उनपर जिस बिल्डर राजू सिंह के अपहरण का आरोप है, उसी मामले को मैनेज करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगा है।

पटना के बिहटा के बिल्डर राजू सिंह के अपहरण के मामले में कार्तिक सिंह पर एफआइआर दर्ज है। बिल्‍डर अभी जेल में हैं। उनकी पत्नी दिव्या सिंह ने पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि कार्तिक सिंह के लोग जेल में उनके पति राजू सिंह से मिले हैं। उनपर मुकदमा में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। बिल्‍डर की पत्‍नी ने खुद व पति की जान को खतरा बताया है। साथ ही सुरक्षा देने की गुहार लगाई है।

दिव्‍या ने कहा- कार्तिक के लोग दे रहे हत्‍या की धमकी

इसके अलावा दिव्या ने अपने वीडियो में कहा है कि अपहरण के मामले में कार्तिक सिंह का नाम आने के बाद उनके पति और परिवार पर समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। 20 अगस्त को चार गाड़ियों से कार्तिक सिंह के लोग बेउर जेल के अंदर पति राजू सिंह से मिलने गए थे। उन्हें धमकाया गया कि मामले में

समझौता कर लो, वरना बुरा अंजाम भुगतना पड़ेगा। हत्‍या की धमकी दी जा रही है। घर पर भी लोग आ रहे हैं। वाट्सएप काल आ रही है। उन्‍होंने धमकी दी है कि यहीं रहना है, इसलिए बात मान लो।

एसएसपी पर लगाया केवल आश्‍वासन देने का आरोप

दिव्या के अनुसार उन्‍होंने एसएसपी डा. मानवजीत सिंह ढिल्लों को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। एसएसपी ने सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन किसी तरह की सुरक्षा नहीं मिली। अब एसएसपी फोन भी नजरअंदाज कर रहे हैं। दिव्‍या के अनुसार उनके पति पर कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है। इसके बावजूद उन्हें जेल में रखा गया है, ताकि वे अपहरण के मामले में वे चुप्पी साधे रहें।

इस बाबत एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा प्रदान करने के लिए दिव्या सिंह का आवेदन मिला था। वे अपहरण कांड की गवाह हैं। उनके आवेदन पर गवाह सुरक्षा योजना के तहत अग्रेतर कार्रवाई करने के लिए जिला अभियोजन पदाधिकारी को अनुशंसा की गई है।

अपहरण के मामले में अगली सुनवाई 14 सितंबर को

विदित हो कि बीते 16 अगस्त को कार्तिक सिंह बिहार सरकार में कानून मंत्री बनाए गए थे। अपहरण के मामले में विवाद खड़ा होने पर 30 अगस्त को उन्‍हें कानून मंत्री के पद से हटाते हुए गन्ना विभाग का मंत्री बनाया गया। एक दिन बाद उन्‍होंने पद से इस्तीफा दे दिया। एक सितंबर को कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद से उनका पता नहीं चला है। अपहरण के इस मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को है।

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