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विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन, CM के जवाब के बाद सपा विधायकों ने सदन छोड़ा


लखनऊ, 20 सितंबर 2022 : विधानसभा के मानसूनसत्र का आजदूसरा दिन है।ऐसे में विधानसभासत्र के दूसरेदिन हंगामे केआसार नजर आरहे हैं। विपक्षका कहना हैकि इस सत्रसे जनता कोकाफी उम्मीदें हैं।इसको ध्‍यानमें रखते हुएआज भी विपक्षसत्र में हुंकारभरेगा। आज विधानसभाका कार्यवाही 11 बजेशुरू हुई।

विधानसभा में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ केजवाब के बादसपा विधायकों नेहंगामा कर दियाऔर सदन छोड़कर निकल गए।वहीं विधान परिषदकी कार्यवाही जारीहै। बता देंकि कानून व्यवस्थाके मुद्दे परसपा ने विधानपरिषद से वाकआउटकिया।

बसपा नेविधान परिषद में उठायाथा लखीमपुर मेंदो सगी बहनोंकी हत्‍याऔर दुष्‍कर्मका मामला

पहले दिनयानी सोमवार कोबहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने विधानपरिषद में लखीमपुरखीरी में पिछलेदिनों दो दलितबेटियों के साथदुष्कर्म किए जानेके बाद हत्याका मामला उठायाथा। बसपा सदस्यभीमराव अम्बेडकर ने कहाकि हत्या केबाद दोनों बहनोंको पेड़ सेलटका दिया गया।इस घटना सेखीरी सहित पूरेप्रदेश में आक्रोशहै।

वहां केपुलिस अधीक्षक नेजांच से पहलेही प्रेम-प्रसंगकी बात मीडियामें कही थी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बादबेटियों के साथदुष्कर्म की सच्चाईसामने आई। उन्होंनेपीड़ित परिवार को एककरोड़ रुपये कीमदद व सदस्यको सरकारी नौकरीदिए जाने कीमांग की। उन्होंने यह भीकहा कि पूरेप्रदेश में अनुसूचितजाति की महिलाओंव नाबालिग बच्चियोंको निशाना बनायाजा रहा है।नेता सदन केशवप्रसाद मौर्य ने कहाकि दलित बच्चियोंकी दुष्कर्म केबाद हत्या केमामले में हमारीसंवेदनाएं भी पीड़ितपरिवार के साथहैं।

इस घटनाके किसी भीदोषी को सरकारछोड़ेगी नहीं।

एक-एकअपराधी पकड़ा जाएगा। एसआइटीका गठन करदिया गया है।इस तरह कीघटना के आरोपितोंको कोई छूटनहीं मिल सकतीहै। हम सीमावर्तीजिलों में भीजांच कराएंगे यदिदलितों के उत्पीड़नका कोई मामलामिलता है तोदोषियों पर कार्रवाईकी जाएगी।

नेता सदनने यह भीकहा कि अपराधियोंको सजा दिलानेके मामले मेंउत्तर प्रदेश, देशमें चौथे स्थानपर है। हमने 7713 मामलों में अपराधियोंको सजा दिलाईहै। सभापति कुंवरमानवेन्द्र सिंह नेकार्यस्थगन अस्वीकार कर दिया।

शिक्षक दल नेउठाया वित्त विहीनशिक्षकों का मुद्दा

शिक्षक दल केसुरेश कुमार त्रिपाठीव ध्रुव कुमारत्रिपाठी ने माध्यमिकविद्यालयों के वित्त-विहीन शिक्षकों कोसमान कार्य केलिए समान वेतनन मिलने कामामला उठाया। कहाजब तक सेवाशर्तें लागू नहींहोती हैं तबतक कम सेकम 25 हजार रुपयेमासिक वेतन दियाजाए। उन्होंने कहाकि करीब तीनलाख से अधिकशिक्षकों को जीवनजीने लायक वेतनतक नहीं मिलरहा है।

नेता सदनकेशव प्रसाद मौर्यने कहा किवित्त विहीन शिक्षकोंको वेतन देनेकी जिम्मेदारी प्रबंधसमिति की होतीहै। वहीं, निर्दलीयसमूह के राजबहादुरसिंह चन्देल एवंडा. आकाश अग्रवालने भी वित्त-विहीन विद्यालयों केशिक्षकों को 15 हजार रुपयेप्रतिमाह का भुगतानसीधे बैंक खातेमें करने कीमांग की। सभापतिने कार्यस्थगन अस्वीकारकर दिया।

तीन अध्यादेशसदन की मेजपर रखे

विधानपरिषदमेंनेतासदननेतीनअध्यादेशसदनकीमेजपररखे।इनमेंउत्तरप्रदेशमहर्षिसूचनाप्रौद्योगिकीविश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश-2022, सामान्यभविष्यनिधि (उत्तरप्रदेश) नियमावली 1985 नियम-12 (संशोधनऔरविधिमान्यकरण) अध्यादेश-2022 वइंटरमीडिएटशिक्षा (संशोधन) अध्यादेश-2022 शामिलहैं।

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