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रामोत्सव 2024 - अयोध्या की विकासगाथासूर्य भी जहां आकर ठहर गए, वहां वर्षों से रुकी विकास प्रक्रिया को नाथों के 'आदित्य' ने दी गति



- सूर्य कुंड के दर्शन किए बिना पूरी नहीं होती अयोध्या की यात्रा, प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक के समय यहीं रुके थे सूर्यदेव

- आध्यात्मिक महत्व के बावजूद यह क्षेत्र वर्षों तक रहा उपेक्षा का शिकार, सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूर्य कुंड के व्यापक विकास का मार्ग किया प्रशस्त

- अयोध्या से 6 किलोमीटर दूर दर्शन नगर स्थित सूर्य कुंड का 40.95 करोड़ रुपए से योगी सरकार ने कराया जीर्णोद्धार, पर्यटकों को लुभा रहे लेजर शो समेत तमाम आकर्षण

- जीर्णोद्धार के बाद नव्य-भव्य अयोध्या का नया टूरिस्ट आकर्षण बना सूर्य कुंड, यहां सेल्फी प्वॉइंट व रील्स के हिसाब से कई स्पॉट किए गए हैं डेवलप


अयोध्या, 14 जनवरी। सनातन धर्म की सप्तपुरियों में सर्वप्रथम अयोध्या के त्रेतायुगीन वैभव व आधुनिक विकास का समुचित तालमेल सूर्य कुंड में देखने को मिल रहा है। यह वह स्थान है जहां कभी सूर्य भी आकर ठहर गए थे और कहते हैं तब अयोध्या में एक महीने तक रात नहीं हुई थी। पौराणिक विवरणों में उल्लेखित सूर्य कुंड आध्यात्मिक व ऐतिहासिक धरोहर है। इसके बावजूद वर्षों तक यह उपेक्षा झेलता रहा। मगर, 2019 में आए राम मंदिर के फैसले के बाद योगी सरकार ने जब अयोध्या की दशा-दिशा बदलने का बीड़ा उठाया तो इस विख्यात कुंड के भी भाग्य जाग उठे। योगी सरकार ने यहां 40.95 करोड़ रुपए की लागत से जीर्णोद्धार व विकास कार्यों को गति दी तो इस पावन पौराणिक कुंड को नई आभा प्राप्त हुई। आज यह कुंड लोगों को आरोग्य व पुण्य का प्रसाद देने के साथ ही उनके मनोरंजन का भी प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां विकसित पार्क में लेजर शो समेत तमाम आकर्षण विकसित किए गए हैं जिससे पर्यटक यहां खिंचे चले आ रहे हैं।


कुंड में स्नान से कुष्ठ व चर्म रोग होते हैं दूर, प्राप्त होता है अखंड पुण्य


मान्यता है कि जब भगवान राम का राज्याभिषेक हो रहा था, तब उस समय सारे देवता अयोध्या आए थे और उनमें सूर्य देवता भी थे। सूर्य देवता दर्शन नगर के पास रुके थे, जिसको आज सूर्य कुंड के नाम से जाना जाता है और वहां पर सूर्य देवता का एक मंदिर भी है। मान्यता है कि इसी स्थान पर सूर्य का रथ रुका था और उस वक्त अयोध्या में एक महीने के लिए सूर्यास्त नहीं हुआ। कहते हैं कि सूर्य के रथ के यहां धस जाने के कारण यहां कुंड का निर्माण हुआ। एक मान्यता यह भी है कि जब चरक ऋषि ने यहां स्नान किया था तो उनका कुष्ठ रोग दूर हो गया था। ऐसे में, जो भी कुष्ठ व चर्म रोगी यहां स्नान करता है उसकी बीमारियां ठीक हो जाती हैं तथा उसे आरोग्य व अखंड पुण्य की प्राप्ति होती है।


इन कार्यों ने सूर्य कुंड को बनाया खास...


संरक्षण का पुराना पैटर्नः यहां चूना और गुड़ से मंदिर व कुंड की बाहरी दीवारों का संरक्षण किया गया है। इसके साथ ही, कुंड के रखरखाव की प्रक्रिया व यहां भव्य पार्क डेवलप करने की प्रक्रिया को भी पूर्ण किया गया है। कुल मिलाकर 40.95 करोड़ के जरिए मेकओवर किया गया है।


म्यूरल आर्ट पेंटिंगः यहां कई स्थानों पर म्यूरल आर्ट के जरिए भी सजाया जा रहा है, जिसमें रामायण के प्रसंगों समेत पौराणिक घटनाओं व पात्रों के मनमोहक चित्रण को देख लोग सुखद आश्चर्य से भर उठते हैं।


लाइट एंड साउंड शोः यहां कुंड पर गुरुवार से भव्य साउंड व लेजर शो आयोजन शुरू हुआ है। यहां आधे घंटे के लेजर शो का आयोजन होता है जिसमें सूर्य कुंड की आभा, पौराणिक वैभव व सूर्यकुल की परंपरा के बारे में बताया जाता है।


इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्लेः कुंड पर विभिन्न स्थानों पर बड़े-बड़े इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले भी लगाए गए हैं जिनमें रामानंद कृत रामायण को दिखाया जाता है। इसके अलावा भक्ति गीत और सरकारी योजनाओं के बारे में इनके जरिए जागरुकता का प्रसार भी किया जाता है।


कल्चरल एरियाः कुंड पर एक विशिष्ट सांस्कृतिक स्थल भी है जो ओपन एयर थिएटर का कार्य करता है। यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंचन भी 15 जनवरी से 22 जनवरी के मध्य होगा।

सोलर विंटेज लाइटिंगः सोलर पैनल्स के इंस्टॉलेशन से यहां बिजली उत्पादन की जा रही है। यहां विक्टोरियन


विटेज थीम्ड आर्क व एलईडी लैंप युक्त लाइटिंग की गई है। इसके अतिरिक्त, यहां फसाड लाइटिंग भी की गई है जो नव्य आभा प्रदान करता है।


भव्य फाउंटेन डिस्प्लेः यहां कुंड में भव्य फाउंटेन को भी लगाया गया है जो आकर्षक रोशनी सज्जा व साउंड सिंक्रोनाइजेशन के जरिए भव्य आभा प्रदान करता है।


 

रामोत्सव 2024

हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के बड़े स्पॉट के रूप में उभर रहा है अयोध्या धाम


ताज, मैरियट, जिंजर, ओबेराय, ट्राइडेंट और रैडिसन जैसे 50 नामचीन होटलों का निर्माण कार्य प्रगति पर

अयोध्या धाम में स्थित राजा का महल को भी हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किए जाने की है योजना


जीआईएस के दौरान अयोध्या में पर्यटन को लेकर करीब 18 हजार करोड़ रुपए के 102 इंटेंट किए गए थे साइन

जीआईएस के बाद भी कई उद्यमियों ने अयोध्या में पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए प्रस्तुत किए हैं अपने प्रस्ताव

पर्यटन से संबंधित 126 प्रोजेक्ट्स ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतरने को तैयार

जीबीसी के लिए तैयार इन सभी 126 प्रोजेक्ट्स की कुल कॉस्ट करीब 4 हजार करोड़ रुपए

अयोध्या, 14 जनवरी। 22 जनवरी को भगवान श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए अयोध्या धाम को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। बेहतरीन हाईवे, चमचमाती सड़कें, भगवान राम की लीलाओं से पटी वाल पेंटिंग, फसाड लाइटिंग,विक्टोरिया लैंप से सजे प्रवेश द्वार अयोध्या की छवि को और मनमोहक बना रहे हैं। इसी मनमोहक छवि को देखते हुए अयोध्या में व्यापक पैमाने पर उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं। खासकर यहां पर्यटन में असीम संभावनाओं के मद्देनजर निवेशकों ने यहां हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े निवेश के लिए करार किया है। देश के नामचीन होटल अयोध्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले हैं। ऐसे करीब 50 बड़े होटल कंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा कई छोटे होटल, रिजॉर्ट और होम स्टे भी यहां पर अपना निवेश कर रहे हैं। इस लिहाज से अयोध्या धाम होटल इंडस्ट्री के नए स्पॉट के रूप में उभर रहा है।


टूरिज्म सेक्टर में 18 हजार करोड़ के एमओयू


अयोध्या के मंडलायुक्त गौरव दयाल के अनुसार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान अयोधन में पर्यटन को लेकर करीब 18 हजार करोड़ रुपए के 102 इंटेंट साइन किए गए थे। जीआईएस के बाद भी कई उद्यमियों ने अयोध्या में पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष अपने प्रस्ताव रखे हैं। इस तरह अयोध्या में अभी पर्यटन से संबंधित तत्काल 126 प्रोजेक्ट्स हैं जो ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से धरातल पर उतरने को तैयार हैं। इन 126 में से 46 प्रोजेक्ट्स वो हैं जिनके लिए एमओयू हो चुके हैं, जबकि 80 प्रोजेक्ट्स नॉन एमओयू से संबंधित हैं। जीबीसी के लिए तैयार इन सभी 126 प्रोजेक्ट्स की कुल कॉस्ट करीब 4 हजार करोड़ रुपए है। इनमें एमओयू और नॉन एमओयू वाले प्रोजेक्ट्स की कॉस्ट 2-2 हजार करोड़ रुपए के करीब है।


कई नामचीन होटल जल्द बनेंगे हकीकत


गौरव दयाल ने बताया कि बड़े प्रोजेक्ट्स की बात करें तो फिलहाल 50 बड़े नामचीन होटलों ने यहां निवेश किया है, जिनकी बिल्डिंग निर्माणाधीन है। ये जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगी और इसका संचालन शुरू हो जाएगा। इन होटलों में ताज, मैरियट, जिंजर, ओबेराय, ट्राइडेंट,रैडिसन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। वहीं, राजा की बिल्डिंग को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किए जाने की भी योजना है। इसके लिए एक बड़ी होटल चेन ने निवेश की इच्छा जताई है। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में अयोध्या धाम के आसपास छोटे-बड़े सैकड़ों होटल्स की शुरुआत होने जा रही है। इन होटलों की मौजूदगी में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने पर उनके ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।


चार बड़े प्रोजेक्ट्स से 420 करोड़ का निवेश


अयोध्या में होटल इंडस्ट्री में चार सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से करीब 420 करोड़ रुपए का निवेश होने जा रहा है। इसमें सबसे पहला नाम पनाचे ड्रीमवर्ल्ड एलएलपी का है जो अयोध्या में 'ओ रामा होटल्स एंड रिजॉर्ट' प्रोजेक्ट स्थापित करेंगे। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 140 करोड़ रुपए है। इसी क्रम में द इनोवेटर्स डिजिटल एड्स प्रा. लि. 100 करोड़ रुपए की लागत से 'सॉलिटेयर अयोध्या 5 स्टार' होटल बनाएगा, जबकि एवरग्रीन इंफ्राआइडिया प्रा. लि. 90 करोड़ से 'श्री राम्या होटल' स्थापित करेगा, जबकि समृद्धि स्वास्तिक ट्रेडिंग एंड इन्वेस्टमेंट लि. 86 करोड़ से 'विश्रांति ग्रह' की स्थापना करेगा। अयोध्या में करीब 2700 करोड़ रुपए के निवेश वाले 139 नए प्रोजेक्ट्स के लिए रजिस्ट्रेशन कराए गए हैं, जिनमें करीब 1650 करोड़ रुपए के 87 नए प्रोजेक्ट्स को सर्टिफिकेट प्रदान किए गए हैं। वहीं, 920 करोड़ रुपए की लागत वाले 25 प्रोजेक्ट्स के रिन्यूअल के लिए आवेदन किया गया है, जिनमें से 806 करोड़ रुपए के 21 प्रोजेक्ट्स को रिन्यूअल सर्टिफिकेट जारी किया गया है। कुल मिलाकर करीब 2500 करोड़ रुपए के 108 प्रोजेक्ट्स को सर्टिफिकेट जारी किया गया है।


 

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