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रामोत्सव 2024 - जानिए सरकार की किस योजना से अयोध्या के लोग हो रहे हैं मालामाल, कैसा होगा इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल और परिवहन विभाग की बसों में सुनिए रामभजन

अयोध्या में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल कराएगी योगी सरकार


  • अयोध्या विकास प्राधिकरण ने शुरू की तैयारियां, 19 से 21 जनवरी के मध्य कराया जा सकता है आयोजन

  • इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के आयोजन की रूपरेखा की जा रही तैयार

  • देश-विदेश के प्रख्यात पतंगबाज कर सकेंगे हुनर का प्रदर्शन


अयोध्या, 4 जनवरी: उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक राजधानी के तौर पर विकसित की जा रही अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के श्रीविग्रह की स्थापना होने जा रही है। यह कार्यक्रम नव्य-भव्य अयोध्या के उस त्रेतायुगीन वैभव के वापस लौटने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे अवधपुरी 500 से अधिक वर्षों से वंचित रह गई थी। ऐसे में प्रभु रामलला को भव्य मंदिर में विराजे जाने की प्रक्रिया तो जारी है ही, साथ ही उल्लास-उमंग और तरंग को बढ़ाने के लिए तमाम प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन भी कराए जाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिससे अयोध्या न केवल देश बल्कि दुनिया में भी चर्चाओं के केंद्र में रहेगी। इसी प्रयास के तहत सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन अनुसार अयोध्या में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के आयोजन की भी रूपरेखा तैयार की जा रही है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अयोध्या में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावित है कि 19 से 21 जनवरी के मध्य इसका आयोजन हो सकता है तथा इसमें देश-दुनिया के प्रख्यात पतंगबाजों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा। इस पूरी प्रक्रिया को मूर्त रूप देने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा प्राइवेट एजेंसी को संबद्ध किया जाएगा।

 

देश-विदेश के आयोजनों से ली जाएगी प्रेरणा


एडीए द्वारा अयोध्या में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के आयोजन के लिए अस्थायी संरचनाओं और संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास और इवेंट प्रबंधन की संकल्पना, डिजाइन, निष्पादन और पर्यवेक्षण के लिए एजेंसी की नियुक्ति के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल फॉरमेट माध्यम से आवेदन मांगे हैं। इसके जरिए प्राप्त होने वाले आवेदनों में से इस कार्यक्रम को निष्पादित करने के लिए एजेंसी का निर्धारण किया जाएगा। इस निर्धारण प्रक्रिया को 8 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल के आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस आयोजन को भव्य स्तर पर कराने के लिए देश-विदेश में होने वाले विभिन्न काइट फेस्टिवल्स से प्रेरणा ली जा रही है। अयोध्या में होने वाले इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल को दो दिनी फॉर्मैट में आयोजित किया जाएगा और 19 से 20 या 20 से 21 जनवरी के मध्य इसका आयोजन फाइनल रोडमैप रोलआउट होने के बाद किया जाएगा।

 

750 लोगों की बैठने की व्यवस्था के लिहाज से बनाया जाएगा विजिटर्स एरिया


आयोजन में विशिष्ट आमंत्रितों को बैठाने के लिए 50 वीवीआईपी सोफा वाले लाउंज का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम में 350 कुशंड चेयर्स व 350 अन्य चेयरों की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रतियोगियों व आयोजन में शिरकत करने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए वॉलेंटियर्स व होस्टेसेस की तैनाती की जाएगी। यहां पर फूड काउंटर पर परोसे जाने वाले खाने में भी देसी तड़के को तरजीह देते हुए मिलेट्स से बने पकवान पेश किए जाएंगे। साथ ही अवधी जायकों का भी लुत्फ उठाने का मौका लोगों को मिलेगा। इसके साथ ही यहां होने वाले आयोजन के दौरान बंदरों से टेंटों व उपकरणों को बचाने के लिए भी एहतियातन व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, आयोजन की फिल्मिंग के लिए विभिन्न प्रकार के हाई क्वॉलिटी कैमरा सेटअप तथा साउंड सेटअप को भी लगाया जाएगा। मकर संक्रांति पर वैसे भी अयोध्या समेत देश के विभिन्न इलाकों में पतंगबाजी होती ही है, ऐसे में यह आयोजन न केवल अयोध्या बल्कि देश-विदेश में चर्चाओं के केंद्र में रहकर खूब सुर्खियां बटोरेगा।



 


रोजगार के नए अवसर सृजित करने में कारगर बन रही पेइंग गेस्ट योजना


  • योगी सरकार की इस योजना से अवध की थाली का स्वाद भी चखेगी दुनिया

  • योजना के तहत अब तक प्राप्त हो चुके हैं 600 आवेदन, 464 लोगों को प्रदान किया जा चुका है सर्टिफिकेट

  • मिलेट्स के व्यंजनों पर भी जोर, उप्र पर्यटन विभाग की योजना अयोध्या में अतिथि देवो भवः का बन रही उत्कृष्ट माध्यम

 

योगी सरकार की 'नव्य अयोध्या' परियोजना साकार रूप लेने लगी है। इस 'नव्य अयोध्या' में आने वाले आगंतुकों के लिए उप्र पर्यटन विभाग की पेइंग गेस्ट योजना वरदान साबित हो रही है। यह योजना जहां प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक योगदान दे रही है, वहीं रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है। रामनगरी में इस योजना के तहत अभी तक 600 लोगों ने आवेदन किए हैं, जबकि 464 लोगों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जा चुका है। योजना के जरिए उप्र प्रदेश पर्यटन विभाग अवध की थाली के स्वाद के तड़के को साधु-संतों व देश-विदेश से आने वाले अतिथियों तक नई पहचान दिलाएगा। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के तहत होम स्टे में मिलेट्स के व्यंजन परोसे जाने पर भी जोर दिया जा रहा है। यात्रियों, श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के रहने का उत्तम प्रबंध सुनिश्चित कर रही पेइंग गेस्ट योजना के जरिए रामनगरी में रोजगार के भी अवसर वृहद स्तर पर सृजित किए जा रहे हैं।

 

अवध की थाली और मिलेट्स के व्यंजन परोसने पर जोर


योगी सरकार का प्रयास है कि अवध की थाली को देश-विदेश में नई पहचान मिले। अवध की थाली के जरिए यहां के मूल अनाज को वैश्विक पटल तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस थाली में मटर का निमोना, चावल, फरा, मूंग, बेसन, मसूर की दाल आदि जैसे स्वादिष्ट पकवानों का उत्तम जायका परोसा जाएगा। वहीं बाजरा, ज्वार, कोदो, रामदाना आदि मिलेट्स से बने विभिन्न प्रकार के व्यंजन भी आगंतुकों तक पहुंचें, इस बात को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

 

पेइंग गेस्ट योजना में पंजीकरण के लिए बेसिक प्रपत्र की आवश्यकता


इस योजना के लिए स्वामित्व संबंधी अभिलेख, स्वीकृत मानचित्र, चरित्र प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल की कॉपी,  मकान व कमरे की फोटो, आवेदक की दो फोटो देनी होगी। होम स्टे की बुकिंग 'होली अयोध्या' ऐप के माध्यम से की जाती है जिसे अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा विकसित कराया गया है। इस परियोजना में विभिन्न प्रकार के लोकेशंस पर उपलब्ध होम स्टे, उन होम स्टे में उपलब्ध कमरों की संख्या, मिलने वाली सुविधाएं, पर्सनल कस्टमाइजेशन तथा किराये जैसे विवरणों को अंकित किया गया है। इसे देखकर पर्यटक व श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार होम स्टे को बुक कर सकते हैं। इन पेइंग गेस्ट बेस्ड होम स्टे का किराया 1500 से 2500 रुपये तक निर्धारित किया गया है। इन पेइंग गेस्ट बेस्ड होम स्टे के रूप में अयोध्या में नव रोजगार सृजन का माध्यम भी विकसित हो गया है। इन होम स्टे के संचालन प्रक्रिया के जरिए स्थानीय व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को कई प्रकार के रोजगारों का भी अवसर मिल रहा है।

 

प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने पर भी योगी सरकार का जोर


योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन, अयोध्या विकास प्राधिकरण व पर्यटन विभाग पेइंग गेस्ट योजना को लेकर काफी मुस्तैद है क्योंकि यह अयोध्या में पर्यटन का माहौल विकसित करने के साथ ही स्वरोजगार तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि करने का माध्यम भी बन रहा है। इस क्रम में जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने निर्देश दिया है कि पेइंग गेस्ट हाउस के संचालन के लिए चरित्र प्रमाण पत्र पुलिस द्वारा समय से आवंटित किया जाए। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने अयोध्या में करीब एक हजार घरों को पेइंग गेस्ट हाउस के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य दिया था। ऐसे में, इस सम्बंध में निरंतर प्रार्थना पत्र शासन के पास पहुंच रहे हैं तथा शासन इस बात को सुनिश्चित कर रहा है कि उक्त के सम्बंध में सभी लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।


 

22 जनवरी तक परिवहन की बसों में भी बजेगा राम भजन

 

  • अयोध्या में भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर परिवहन विभाग ने तैयार की कार्ययोजना

  • कार्यक्रम को लेकर राम भक्तों के उत्साह को देखते हुए योगी सरकार ने की यात्रियों के सफर को सुखद बनाने की तैयारी

  • बसों में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम में राम भजन बजाए जाने के दिए गए निर्देश,राममय होगा माहौल

  • सभी यात्री वाहनों, बस स्टेशनों पर साफ सफाई के साथ ही टैक्सी एवं बस ड्राइवरों को संवेदनशील बनाने के लिए दी जाएगी ट्रेनिंग

22 जनवरी को अयोध्या में होने जा रहे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूरे प्रदेश में एक अलग तरह का माहौल है। चारों तरफ सिर्फ भगवान राम के भव्य मंदिर को लेकर ही चर्चा हो रही है। गांवों और शहरों में शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। भजन-कीर्तन हो रहे हैं। राम चरित मानस के अखंड पाठ आयोजित किए जा रहे हैं। रामभक्तों का ये उत्साह देखते हुए योगी सरकार ने भी वृहद स्तर पर तैयारी की है। इसी क्रम में सीएम योगी के निर्देश पर परिवहन विभाग ने 22 जनवरी को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम को लेकर कार्ययोजना तैयार की है। कार्ययोजना के तहत 22 जनवरी तक सभी बसों में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम में राम भजन बजाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सीएम योगी ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें उन्होंने अयोध्या के मंदिरों में 14 जनवरी से 24 मार्च 2024 तक भजन कीर्तन, रामायण एवं रामचरित मानस का पाठ, सुन्दरकांड के कार्यक्रम आयोजन कराने के निर्देश दिए थे।

 

प्रसिद्ध भजनों का होगा प्रसारण

22 जनवरी को लेकर परिवहन विभाग ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसके अनुसार सभी यात्री वाहनों में तथा बस स्टेशनों पर साफ सफाई सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी बसों में लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम में राम भजन बजाए जाने के निर्देश हैं, ताकि यात्रियों का सफर राममय हो सके और वह भी भगवान राम के जीवन से प्रेरणा ले सकें। भगवान राम से जुड़े भजनों में विभिन्न कलाकारों के प्रसिद्ध भजनों को शामिल किया जाएगा, जबकि आज के दौर में लोगों की जुबां पर चढ़े भजनों और गीतों को भी इसमें सम्मिलित किया जा सकता है। इसके अलावा स्थानीय गायकों के राम भजनों को भी इसमें स्थान मिल सकता है। इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में लोगों के बीच रामोत्सव को लेकर उत्सुकता पैदा करना है, ताकि हर जन सामान्य इस कार्यक्रम से किसी न किसी रूप में जुड़ सके।

 

बस ड्राइवरों को किया जाएगा प्रशिक्षित


कार्ययोजना के अनुसार, टैक्सी एवं सभी टूरिस्ट बस वाहन स्वामियों के साथ बैठक कर इस दौरान अयोध्या में टैक्सी एवं टूरिस्ट बसों को आवश्यकतानुसार आरक्षित रखने के लिए भी कहा गया है। टैक्सी एवं बस ड्राइवरों को संवेदनशील बनाए जाने के लिए प्रशिक्षण देकर उनका अनुपालन सुनिश्चित किए जाने को भी कहा गया है। इसमें सुरक्षित वाहन चलाना एवं यातायात नियमों का पालन कराया जाना, चालकों का टूरिस्ट के प्रति व्यवहार, चालकों द्वारा अनिवार्य रूप से वर्दी धारण किया जाना, किसी प्रकार का नशा एवं पान गुटखा के सेवन से दूर रहना, वाहन की साफ-सफाई को सुनिश्चित किए जाने के संबध में और निर्धारित किराया से अधिक किराया किसी भी दशा में न वसूल किया जाए जैसे बिंदु शामिल होंगे। इसके अलावा, अयोध्या की परिधि के 200 किमी. में सभी मार्गों पर इंटरसेप्टर वाहनों द्वारा प्रवर्तन टीमों को टूरिस्ट के सहायतार्थ लगाया जाना तथा सड़क दुर्घटना से संबधित बिंदुओं जैसे- ओवरलोडिंग, ड्रंकन ड्राइविंग, रांगसाइड ड्राइविंग, निर्धारित किराया से अधिक किराया लिए जाने, चालकों के ड्रेस कोड तथा सुरक्षा की दृष्टि से अन्य उपायों को अपनाए जाने के लिए जागरूक किए जाने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार प्रवर्तन कार्यवाही किया जाना भी सम्मिलित है।

 

टोल प्लाजा पर बनाई जाएगी हेल्प डेस्क


लखनऊ से अयोध्या, गोरखपुर से अयोध्या तथा सुल्तानपुर से अयोध्या के बीच पड़ने वाले समस्त टोल प्लाजा पर टूरिस्ट की सहायता के लिए परिवहन विभाग का हेल्पडेस्क स्थापित किया जाएगा। सुरक्षित सफर के लिए सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का होर्डिंग, समाचार पत्रों, पब्लिसिटी वैन, डिजिटल बैनर तथा समस्त सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यही नहीं, सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्गों तथा राज्य राजमार्गों पर एनएचएआई तथा पीडब्ल्यूडी के द्वारा एंबुलेंस, पेट्रोलिंग एवं क्रेन वाहनों को मार्गों पर तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

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