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बसपा मुखिया मायावती ने दिया सपा का साथ, बोलीं- सरकार की नीतियां तानाशाही वाली


लखनऊ, 20 सितंबर 2022 : उत्तर प्रदेश में विपक्षीदलों के प्रदर्शनतथा धरना कोसरकार के बलपूर्वकरोकने को लेकरबहुजन समाज पार्टीकी राष्ट्रीय अध्यक्षमायावती ने भारतीयजनता पार्टी परतल्ख टिप्पणी कीहै। योगी आदित्यनाथसरकार को कठघरेमें खड़ा करतेहुए मायावती नेभाजपा की प्रवृतिको तानाशाही बतायाहै।

बहुजन समाज पार्टीकी मुखिया मायावतीयोगी आदित्यनाथ सरकारकी नीतियों केविरोध में समाजवादीपार्टी के साथखड़ी नजर आईं।बसपा अध्यक्ष मायावतीने सरकार कीकथित जनविरोधी नीतियोंके खिलाफ विपक्षको धरना प्रदर्शनकरने की अनुमतिनहीं देने कोभाजपा सरकार कीतानाशाही बताया है।

बहुजन समाज पार्टीकी राष्ट्रीय अध्यक्षमायावती ने मंगलवारको तीन ट्वीटमें भाजपा परबड़ा हमला बोलाहै। मायावती नेकहा कि विपक्षीपार्टियों को सरकारकी जनविरोधी नीतियोंव उसकी निरंकुशतातथा जुल्म-ज्यादतीआदि को लेकरधरना-प्रदर्शन करनेकी अनुमति नहींदेना भाजपा सरकारकी नई तानाशाहीप्रवृति हो गईहै। इसके साथही साथ यहांपर बात-बातपर मुकदमे वलोगों की गिरफ्तारीएवं विरोध कोकुचलने की सरकारीधारणा अति-घातकहै।

भारतीय जनता पार्टीका क्रूर इतिहास

बसपा सुप्रीमोमायावती ने कहाकि उत्तर प्रदेशसरकार का महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बदहाल सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य व कानूनव्यवस्था आदि केप्रति लापरवाही केविरुद्ध धरना-प्रदर्शननहीं करने देनेपर भारतीय जनतापार्टी पहले अपनाअतीत देखे। उन्होंनेकहा कि विपक्षीदलों पर दमनचक्र के पहलेभाजपा जरूर सोचेकि विधानभवन केसामने बात-बातपर सड़क जामकरके आमजनजीवन ठपकरने का उनकाक्रूर इतिहास है।

छात्रों के आन्दोलनको कुचलने काप्रयास जारी

मायावती ने कहाकि इसके साथही इलाहाबाद विश्वविद्यालयका फीस मेंएकमुश्त भारी वृद्धिकरने के विरोधमें छात्रों केआन्दोलन को जिसप्रकार कुचलने का प्रयासजारी है वहअनुचित व निन्दनीय।बसपा की मांगहै कि उत्तरप्रदेश सरकार अपनी निरंकुशताको त्याग करछात्रों की वाजिबमांगों पर सहानुभतिपूर्वकविचार करे।गौरतलब है किसोमवार को सरकारकी नीतियों केखिलाफ सपा अध्यक्षअखिलेश यादव कीअगुवाई में समाजवादीपार्टी के विधायकोंने पैदल मार्चकिया था जिन्हेंरास्ते में पुलिसप्रशासन ने रोकदिया था।

इससे पहलेसोमवार को मायावतीने कहा थाकि यूपी विधानसभामानसून सत्र सेपहले भाजपा कादावा कि प्रतिपक्षयहां बेरोजगार है, यह इनकी अहंकारीसोच व गैर-जिम्मेदाराना रवैये को उजागरकरता है। सरकारकी सोच जनहितव जनकल्याण केप्रति ईमानदारी एवंवफादारी साबित करने कीहोनी चाहिए, नकि प्रतिपक्ष केविरुद्ध द्वेषपूर्ण रवैये की।

उन्होंने कहा कियूपी सरकार अगरप्रदेश के समुचितविकास व जनहितके प्रति चिन्तितव गंभीर होतीतो उनका यहविपक्ष-विरोधी बयान नहींआता। सरकार केलोग यह बतातेकि जबर्दस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, गड्डायुक्त सड़क, बदतर शिक्षा, स्वास्थ्यव कानून व्यवस्थामें नजर आनेवाला सुधार कियाहै व पलायनभी रोका है।

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