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कांग्रेस के हार की समीक्षा करने लखनऊ पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह


लखनऊ, 15 अप्रैल 2022 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की समीक्षा करने आए पार्टी के महासचिव व पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि चुनाव में परिणाम पार्टी की अपेक्षा के अनुसार नहीं आए। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर मैं प्रदेश में पार्टी के कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से बात कर यह जानने आया हूं कि हमारे प्रयास में कहां कमी रह गई थी और उसे कैसे दुरुस्त किया जाए ताकि आने वाले लोकसभा चुनाव में हम बेहतर कर सकें।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और आगे का प्लान और रोडमैप तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया किसी पर दोषारोपण करने के लिए नहीं है। न ही किसी के नंबर कम करने के लिए है। चुनाव लड़ना सबकी सामूहिक जिम्मेदारी थी। मैं स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष था। इस नाते मेरी भी जिम्मेदारी थी। कार्यकर्ता मेरी भी समीक्षा करेंगे।

उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान सभी ने देखा कि राजनीति में कितनी गिरावट आई है। भाजपा ने किस तरह धार्मिक, जातीय आधार पर चुनाव में ध्रुवीकरण करने की कोशिश की। संविधान का अनादर हो रहा है। यह भी कहा कि हम अपनी बात जनता तक नहीं पहुंचा पाए। कोरोना के नाम पर दो वर्षों तक कुशासन हम सभी ने देखा है।

हमारी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में बहुत बहुत मेहनत की है। हम उनके सपनों को साकार करेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से अखंड भारत को लेकर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि अखंड भारत की परिभाषा क्या होती है, ये वही जानें। मोहन भागवत विद्वान हैं। मैं उन पर क्या टिप्पणी करूं। पिछले पांच वर्षों में भाजपा सरकार ने जो महंगाई और बेरोजगारी दी है, उसे सबने देखा है। 15 वर्षों में तो देश तबाह हो जाएगा। महिलाओं को 40 प्रतिशत टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के सवाल पर कहा कि किसी को मंत्री, किसी को एमपी बनना था तो किसी पर प्रवर्तन निदेशालय का दबाव था। विभिन्न कारणों से लोग पार्टी छोड़कर भाजपा में गए। उन्होंने कहा कि चुनाव में हार के कारणों की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन समय से टिकट वितरण नहीं हो पाया।

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