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डॉक्टर जो खुद हार गए कोरोना से लेकिन लोगों को जिता गए



कोरोना का संक्रमण सिर्फ आम जनता को ही नहीं बल्कि देश के उन कोरोना योद्धाओं की भी जानें लील रहा है जो सरकारी अस्पतालों में हमको आपको कोरोना से बचाने के लिए 24-24 घंटे जूझ रहे हैं देश में तकरीबन साढ़े पांच डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कोरोना संक्रमित हो चुके हैं यूपी के तमाम जिलों में भी कोरोना वीर न सिर्फ संक्रमित हैं बल्कि अपनी जान भी गवा चुके हैं



उरई के डॉक्टर सुनील अग्रवाल की मौत से कोरोना वारियर्स को गहरा धक्का लगा है। यूपी में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ पर संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है बुलन्दशहर के डॉक्टर की भी मौत दिल्ली में हो चुकी है। आज लखीमपुर खीरी जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर अखिलेश शुक्ला भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। ललितपुर में जिला अस्पताल कर्मी की भी मौत कोरोना से हो गयी। लखनऊ के रानी लक्ष्मी बाई और ललितपुर के जिला अस्पतालों को सील करने की नौबत तक आ चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वारियर्स की मौत पर 50 लाख के बीमे समेत कई सुविधाओं का एलान कुछ दिन पहले किया था। लेकिन यूपी में पीएमएस से जुड़े कई बड़े डॉक्टरों के मुताबिक इसमें भी कई पेंच है डेथ ऑडिट से लेकर कोरोना वारियर्स तक पहले सरकार घोषित करे , तभी लाभ मिल सकता है।


मेरठ मेडिकल कॉलेज और केजिमेयु लखनऊ की नर्स समेत पैरामेडिकल स्टाफ भी पुरे यूपी में कोरोना पॉजिटिव हुआ है सिर्फ यही नहीं मथुरा में डॉक्टर दम्पत्ति , रायबरेली के बाल रोग स्पेशलिस्ट , नोएडा में प्रेग्नेंट डॉक्टर समेत पुरे प्रदेश से निजी डॉक्टरों के भी कोरोना संक्रमित होने की खबरें सुर्ख़ियों में है सरकार को कोरोना वीरों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने चाहिए क्योंकि कोरोना से जंग अभी लम्बी चलनी है और इसमें सबसे ज्यादा काम कोरोना वारियर्स ही आएंगे।


टीम स्टेट टुडे


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