google.com, pub-3470501544538190, DIRECT, f08c47fec0942fa0
top of page

कोरोना वारियर जिसने भारत को शील्ड किया उन्होंने आज लगवाई वैक्सीन, उम्र है साठ के पार



एक मार्च 2021 की तारीख कोरोना वैक्सीनेशन के लिए इतिहास में दर्ज हो गई। 60 वर्ष से बुजुर्गों और 45 वर्ष से अधिक गंभीर बीमारी से पीड़‍ितों को वैक्‍सीन लगाई जा रही है। सरकारी अस्‍पतालों में मुफ्त और निजी अस्‍पतालों में 250 रुपये शुल्‍क के साथ वैक्‍सीन लगाई जा रही है।


मार्च का ही महीना था बीते साल जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेलीवीजन पर प्रकट हुए। देश-दुनिया ने पहली बार जनता कर्फ्यू का नाम सुना और कर्फ्यू लगाया। इसके बाद लॉकडाउन का ऐलान और बाकी सब इतिहास है। एक बार फिर मार्च का महीना है लेकिन साल बदल गया है। 1 मार्च 2021 की तारीख उस कोरोना वारियर के नाम रही जिसे देश ने प्रधान सेवक चुना है। भारत कोरोना के खिलाफ कैसे लड़ेगा और जीतेगा इसकी पूरी रणनीति और रणनीतिक संचालन करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश में बनी कोरोना वैक्सीन लगवाई।



साठ साल की उम्र पार कर चुके देश के पीएम मोदी ने सोमवार सुबह दिल्‍ली के एम्‍स में जाकर वैक्‍सीन लगवाई। वह सुबह करीब 7.30 बजे एम्स पहुंच गए थे, ताकि अस्पताल में ओपीडी शुरू होने पर मरीजों के आवगमन में कोई परेशानी न हो। नए ओपीडी ब्लाक में बने टीकाकरण केंद्र पर प्रधानमंत्री को टीका लगा। पीएम को केरल और पुडुचेरी की नर्सों ने टीका लगाया। पीएम ने उनका हालचाल पूछा। इस दौरान उन्‍होंने भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लगवाई। इस टीके को मंजूरी दिए जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया था। इसके जरिए उन्‍होंने इस वैक्‍सीन के आलोचकों को जवाब दे दिया। इसे लेकर पीएम ने ट्वीट भी किया।



प्रधानमंत्री के बाद देश के गृहमंत्री अमित भाई शाह ने वैक्सीन लगवाई। कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों में आज देश के शीर्षस्थ पदों पर बैठे कई माननीय रहे। उपराष्‍ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने चेन्‍नई के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में कोविड वैक्सीन की पहली खुराक ली। अगली खुराक 28 दिन बाद लगाई जाएगी।



बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के आइजीआइएमएस अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई। नीतीश कुमार ने कोविशील्ड वैक्सीन लगवाई। उनके दोनों उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी ने भी वैक्सीन लगवाई। बिहार में नीतीश सरकार ने सभी को मुफ्त वैक्सीन देने का ऐलान किया है।



ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी सोमवार को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कोरोना वैक्‍सीन लगवाया। उन्‍होंने स्‍वदेशी वैक्‍सीन कोवैक्‍सीन लगवाई। केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को दिल्‍ली के एम्‍स में वैक्‍सीन की पहली डोज लगवाई।



सिर्फ सरकार के मंत्री या सांसद ही नहीं विपक्ष के भी कई संजीदा नेताओं ने कोरोना टीकाकरण करवाया। मुंबई के जेजे अस्पताल में एनसीपी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने भी कोरोना वैक्सीन लगवा ली है। इसे लेकर उन्‍होंने ट्वीट भी किया।



राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी कोरोना की वैक्सीन लगवाई। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की पत्नी अंजलि रुपाणी ने भी सोमवार को वैक्सीन लगवाई।



टीकाकरण की प्रक्रिया चालू है। देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को कल वैक्सीन लगेगी। स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि जो लोग पैसे दे सकते हैं, उनको पैसे देकर वैक्सीन लगवानी चाहिए। चाहे वह मंत्री हो या सांसद हो या कोई भी व्यक्ति हो। हर्षवर्धन ने कहा कि पीएम मोदी ने आज वैक्सीन लगवाकर एक अच्छा उदाहरण पेश किया है, ताकि लोग आगे बढ़ कर के वैक्सीन लगावाएं। जो भ्रांतियां और गलत बातें की जा रही थी, वह सब दूर हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी वैक्सीन लगवाई है।


अब ये देखना बेहद दिलचस्प होगा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर संसद में होहल्ला करने वाले विपक्षी दल कितनी तत्परता से वैक्सीन लगवाते हैं। वैक्सीन पैसे देकर लगवाते हैं या फ्री का जुगाड़ तलाशते हैं। इतनी बात तो स्पष्ट है कि अगर विपक्षी दलों के नेताओं ने कोरोना वैक्सीन लगवाई तो उनकी वो सभी दलीलें और तर्क देश और जनता के सामने बेईमानी हो जाएंगे जिसे लेकर संसद से सड़क तक सरकार को घेरा गया। अगर विपक्षी दलों ने नेताओं ने वैक्सीन ना लगवाई तो भी वो जनता के निशाने पर आएंगे क्योंकि इस जानलेवा महामारी से जब पूरी दुनिया पूरी ताकत से लड़ रही है तो उन पर भारत को कमजोर करने का आरोप लगेगा।


टीम स्टेट टुडे


विज्ञापन
विज्ञापन


22 views0 comments

Comments


bottom of page