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शत्रु संपत्तियों पर कब्जे के खिलाफ एक्शन, 1800 से ज्यादा प्रापर्टी से हटेगा अतिक्रमण


लखनऊ, 06 नवम्बर 2022 : माफिया पर चाबुकचलाने के बादउत्तर प्रदेश कीयोगी सरकार अबशत्रु संपत्तियों परअवैध कब्जा करकेबैठे लोगों केखिलाफ बड़ा एक्शनलेने जा रहीहै। प्रदेश मेंऐसा पहली बारहोगा जब इनसंपत्तियों से अतिक्रमणहटाने के लिएप्रमुख सचिव स्तरका नोडल अधिकारीनियुक्त किया जाएगा।प्रदेश में मौजूदकुल 5936 शत्रु संपत्तियों मेंसे 1826 पर अवैधकब्जेदार कब्जा करके बैठेहैं। एक उच्चस्तरीय बैठक मेंमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने ऐसे लोगोंके खिलाफ कड़ीकार्रवाई करने कानिर्देश दिया है।

पूर्ववर्ती सरकारों कारवैया रहा उदासीन

यूपी मेंशत्रु संपत्तियों कोलेकर पूर्ववर्ती सरकारोंका रवैया हमेशाउदासीन रहा है।हजारों करोड़ रुपयेकी ऐसी संपत्तियांजिनसे प्रदेश सरकारको अरबों रुपयेका राजस्व मिलसकता था, उनकोमुक्त कराने केलिए पहले कीसरकारों ने कुछनहीं किया। इसीउदासीनता का नतीजाहै कि अवैधकब्जेदार इन परआज भी काबिजहैं और नयेनिर्माण भी करचुके हैं। सीएमयोगी आदित्यनाथ नेइन बेशकीमती संपत्तियोंके महत्व कोसमझते हुए औरप्रदेश के राजस्वको बढ़ाने केलिए ऐसे अवैधकब्जेदारों पर चाबुकचलाने का निर्णयलिया है।

अवैध कब्जाकरने वाले जिलोंमें टॉप परशामली

उत्तर प्रदेश भूलेखकी वेबसाइट upbhulekh.gov.in को देखेंतो 1467 शत्रु संपत्तियों परमाफिया और अवैधकब्जेदारों ने कब्जाकर रखा है, जबकि 369 पर सहकब्जेदारोंका कब्जा है।वहीं 424 संपत्तियों पर कांग्रेस, जनता पार्टी, बसपाऔर सपा सरकारोंके कार्यकाल मेंमामूली दरों परकिराये पर दिएगए किरायेदार काबिजहै। इस तरहप्रदेश में मौजूद 2250 शत्रु संपत्तियों पर किसीन किसी काकब्जा है। शत्रुसंपत्तियों पर सबसेज्यादा अवैध कब्जाशामली जिले मेंहै। वहीं सहकब्जेदारोंद्वारा कब्जा करने केमामले में लखनऊपहले स्थान परहै। साथ हीलखनऊ में किरायेदारोंके कब्जे मेंभी सबसे ज्यादासंपत्तियां हैं।

किरायेदारों की संपत्तियोंका दोबारा होगामूल्यांकन

सरकार किराए परदी गई संपत्तियोंका दोबारा मूल्यांकनभी कराने जारही है। इनपर दशकों सेकाबिज किराएदार अभीतक मामूली किरायादेते रहे हैं।इसको देखते हुएशत्रु संपत्तियों काबाजार दर केहिसाब से आंकलनकिया जाएगा। उसकेबाद फिर सेसर्किल रेट केहिसाब से किराएकी दरें तयकी जाएंगी।

क्या हैशत्रु संपत्ति

भारत विभाजनके बाद बहुतसारे लोग अपनीसंपत्ति हिंदुस्तान में छोड़करपाकिस्तान चले गएथे, उनकी संपत्तिसहित 1962 के भारत-चीन और 1965 के भारत-पाकयुद्ध के बादभारत सरकार नेइन देशों केनागरिकों की संपत्तियोंको सीज करदिया। इन्हीं सम्पत्तियोंको शत्रु संपत्तिकहा जाता है।

अवैध कब्जेके मामले टॉप 3 जिले

जिला : शत्रु संपत्ति : अवैध कब्जा

शामली : 482 : 268

कौशांबी : 456 : 197

सीतापुर : 378 : 111

किराएदारों के कब्जेके मामले मेंटॉप 3 जिले

जिला : शत्रु संपत्ति : किराएदार

लखनऊ : 361 : 105

मुजफ्फरनगर : 274 : 85

बदायूं : 250 : 65

सह खातेदारोंके कब्जे केमामले में टॉप 3 जिले

जिला : शत्रु संपत्ति : सह खातेदार

लखनऊ : 361 : 57

जौनपुर : 57 : 40

देवरिया : 51 : 36

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