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GBC@4.0 : ₹10 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारेगा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी, नवीकरणीय ऊर्जा का पावरहाउस बनेगा उत्तर प्रदेश



पूरे देश के औद्योगिक विकास को गति देने का माध्यम जीबीसी@IV: मुख्यमंत्री

 

₹10 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारेगा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी: मुख्यमंत्री

 

₹60 हजार करोड़ की परियोजनाओं के लिए हुआ था जीबीसी@1, चौथे जीबीसी में जमीन पर उतरेंगे ₹10.11 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाएं, यह है नए उत्तर प्रदेश की स्पीड: मुख्यमंत्री

 

19-21 फरवरी तक लखनऊ में प्रस्तावित है ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी, मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा

 

प्रधानमंत्री सहित अनेक केंद्रीय मंत्रीगण, राजदूत, जनप्रतिनिधिगणों की होगी उपस्थिति

 

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए तैयार हैं नौकरी/रोजगार के 1.10 करोड़ नए अवसर: मुख्यमंत्री

 

जीबीसी@IV से लाभान्वित होंगे प्रदेश के सभी 75 जनपद: मुख्यमंत्री

 

वीवीआईपी के सेवा-सत्कार के लिए होगी सीएम फेलो की भी तैनाती

 

जीआईएस की तर्ज पर जीबीसी के पहले भी सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस और कुलपति गण करेंगे युवाओं से संवाद

 

प्रदेश की जनता का आयोजन है जीबीसी, जनता के बीच ही व्यापक-प्रचार प्रसार

 

● मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक कर आगामी 19-21 फरवरी को प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 की तैयारियों की समीक्षा की। विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विकास प्राधिकरणों के सीईओ के साथ हुई इस विशेष बैठक में मुख्यमंत्री जी ने विभागवार और जनपदवार निवेश प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए जीबीसी-4.0 के सफल आयोजन के लिए दिशा-निर्देश दिए..

 

● प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 10-12 फरवरी, 2023 को यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन में 10 कन्ट्री पार्टनर, 40 देशों के 1000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों, पार्टनर कंट्री के 04 मंत्रीगण, 17 केंद्रीय मंत्रीगणों, राजदूतों/उच्चायुक्तों और 25000 से अधिक डेलीगेट्स सहित राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों तथा अन्य गणमान्य महानुभावों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया। यह आयोजन हमारी 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं, युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने वाला है।

 

● 16 देशों के 21 नगरों और देश के 10 शहरों में रोड शो सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरांत तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से ₹39.52 लाख करोड़ के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 1.10 करोड़ नौकरी/रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अब उत्तर प्रदेश इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

 

● आगामी 19-21 फरवरी तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में तीन दिवसीय ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन होने जा रहा है। पहले दिन 19 फरवरी को प्रधानमंत्री जी द्वारा एक साथ ₹10 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के जमीनी क्रियान्वयन की शुरुआत होगी। इस अवसर पर उद्योग जगत के अनेक प्रतिष्ठित समूह, सीईओ, निवेशकों आदि की गरिमामयी उपस्थिति होगी। देश के ग्रोथ इंजन उत्तर प्रदेश का यह समारोह प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश के औद्योगिक विकास को गति देने का माध्यम होगा। ऐसे में समारोह की गरिमा और महत्ता के दृष्टिगत सभी आवश्यक प्रबन्ध कर लिए जाएं।

 

● वर्ष 2018 में इन्वेस्टर्स समिट के आयोजन के बाद जब पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित हुई थी, ₹60 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन प्रारंभ हुआ था। आज 06 वर्ष बाद जीबीसी@IV में एक साथ ₹10 लाख 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों के ग्राउंड ब्रेकिंग की तैयारी है। यह ट्रांसफॉर्मेशन, यह बदलाव, यही स्पीड नए उत्तर प्रदेश की पहचान है।

 

● जीबीसी@IV में ₹500 करोड़ से अधिक की 262 परियोजनाएं सम्मिलित हैं, जबकि ₹100-500 करोड़ तक 889 औद्योगिक परियोजनाएँ जमीन पर उतरेंगी। महत्वपूर्ण यह भी कि सभी 75 जनपद इससे लाभान्वित होंगे। 3500 से अधिक इन्वेस्टर्स इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे।

 

● विशिष्ट समारोह में अनेक केंद्रीय मंत्रीगणों, विभिन्न राजदूतों, जनप्रतिनिधिगणों की सहभागिता भी होनी है। अति विशिष्ट जनों के सुरक्षा व सत्कार प्रोटोकाल का पूर्णतः अनुपालन किया जाना चाहिए। सीएम फेलो की काउंसिलिंग/ट्रेनिंग करके उन्हें इन अतिविशिष्ट जनों के साथ संबद्ध किया जाए।

 

● औद्योगिक जगत के शीर्षस्थ जनों, उद्यमियों, निवेशकों आदि गणमान्य जनों की आवासीय व्यवस्था, भोजन, आवागमन, पार्किंग आदि के समुचित प्रबंध किए जाएं।

 

● ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पूर्व सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस/आईएफ़एस अधिकारियों, कुलपतिगणों के सहयोग से विभिन्न विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में युवाओं के साथ इन्वेस्टर्स समिट की उपयोगिता, महत्ता, प्रभाव के बारे में संवाद का अभिनव प्रयास किया गया था। इससे अच्छा संदेश गया। जागरूकता बढ़ी। जीआईएस से हमारे युवाओं का जुड़ाव बढ़ा। इस बार जीबीसी के पूर्व 16-17 फरवरी के बीच ऐसे प्रयास करने चाहिए।

 

● जीबीसी@IV के दृष्टिगत पूरी राजधानी को सजाया जाए। स्वच्छता का परिवेश हो। स्पाइरल लाइट लगाएं। टैक्सी स्टैण्ड/होर्डिंग आदि व्यवस्थित रखें। शहीद पथ पर सीसीटीवी फंक्शनल रहें। पूरे वीवीआईपी रूट का सीसीटीवी कवरेज हो। अराजक तत्वों पर कड़ी निगरानी की जाए।

 

● मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री जी प्रेरक संबोधन का सभी जिलों में सीधा प्रसारण कराया जाये। इसके लिए स्क्रीन लगाई जाए। जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय उद्यमियों/व्यापारियों को आमंत्रण पत्र भेजा जाए। यहां जनप्रतिनिधिगणों की उपस्थिति हो।

 

● 20 और 21 फरवरी को विभिन्न विषयों पर सेक्टोरल सेशन आयोजित होने हैं। ज्ञानार्जन की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी इस समारोह में विभिन्न तकनीकी, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थानों के छात्रों को आमंत्रित करें। उनके आवागमन की समुचित व्यवस्था की जाए।

 

● सभी अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव अपने विभागीय मंत्रीगण के नेतृत्व में अपने सम्बंधित विभागों को प्राप्त हर एक औद्योगिक निवेश प्रस्ताव की तत्काल समीक्षा करें।



जीबीसी 4.0: नवीकरणीय ऊर्जा का पावरहाउस बनेगा उत्तर प्रदेश

 

पंप स्टोरेज पावर से नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 67 हजार करोड़ के निवेश से यूपी को मिलेगी 13,250 मेगावाट पावर

 

जीबीसी 4.0 के मध्यम से उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की आठ परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

 

ग्रीनको ग्रुप, टोरेंट पावर ग्रुप और जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लि. जैसी कंपनियां नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कर रहीं बड़ा निवेश

 

आठ परियोजनाओं में से छह सोनभद्र तथा दो मिर्जापुर व चंदौली जिलों में स्थित, कुल 13,250 मेगावाट होगा विद्युत उत्पादन

 

विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि 'पावर सरप्लस स्टेट' बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा यूपी

 

लखनऊ, 13 फरवरी। 10 लाख करोड़ के निवेश को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार 19 फरवरी को पीएम मोदी के कर कमलों से ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 4.0 का शुभारंभ करने जा रही है। इस बार की जीबीसी उत्तर प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को 'पावर सरप्लस स्टेट' का दर्जा दिलाने की दिशा में भी अभूतपूर्व साबित होगी। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। जीबीसी 4.0 के मध्यम से उत्तर प्रदेश में 67 हजार करोड़ से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की आठ परियोजनाओं का शुभारंभ होने जा रहा है। पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (पीएसपी) में विद्युत उत्पादन का शुभारंभ होने से प्रदेश को एक स्थायी और हरित ऊर्जा क्रांति के लिए मंच मिलेगा, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में यूपी अग्रणी स्थान पर खुद को मजबूती से स्थापित कर सकेगा।

 

13,250 मेगावाट विद्युत उत्पादन होगा सुनिश्चित


शुरू होने वाली इन परियोजनाओं के तहत ग्रीनको ग्रुप, टोरेंट पावर ग्रुप, जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड, एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस, अमुनरा इन्फ्राटेक एवं एग्रीटेक प्रा. लि. तथा अवाड़ा वॉटर बैटरी प्राइवेट जैसी कंपनियां उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश करने को तैयार हैं। इन आठ परियोजनाओं में से छह सोनभद्र तथा दो मिर्जापुर व चंदौली जिलों में स्थित हैं। इनकी सामूहिक क्षमता 13,250 मेगावाट है। सोनभद्र की परियोजनाओं के लिए जल सोन नदी से लिया जाएगा, जबकि मिर्जापुर तथा चंदौली के लिए जल का स्रोत अदवा डैम तथा मूसाखंड डैम होंगे।

 

नवीकरणीय ऊर्जा का भी केंद्र बनेगा सोनभद्र


नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अधिकतम परियोजनाओं का शुभारंभ उत्तर प्रदेश में ऊर्जा के केंद्र के रूप में पहचान बनाने वाले सोनभद्र जिले में हो रहा है। पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट पर्यावरण के अनुकूल तथा संधारणीय ऊर्जा के स्रोत माने जाते हैं। इस क्षेत्र की प्रख्यात पंप स्टोरेज परियोजनाओं में सबसे प्रमुख है ग्रीनको का 3600 मेगावाट वाला गुरार संयंत्र। सोन नदी पर निर्मित इस परियोजना के लिए जलाशय को एक बार भरने के लिए 43.66 एमसीएम तथा वार्षिक रिकूपिंग के लिए 27.629 एमसीएम जल की आवश्यकता होगी। यह परियोजना गुरार, गारवा, पिंडारी, रानीदेव, मुहुना तथा बैजनाथ जैसे ओबरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की कायापलट कर सकती है।

 

सीएसआर गतिविधियां भी होंगी संचालित


इसी तरह, टोरेंट पॉवर ने सोन नदी पर 1750 मे गावाट की क्षमता वाला पंप स्टोरेज संयंत्र स्थापित किया है। सोनभद्र जनपद में निर्मित यह संयंत्र एक स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल परियोजना है, जो कि रिवराइन ईकोसिस्टम को न परिवर्तित करती है, न ही नुकसान पहुंचाती है। इन परियोजनाओं की लागत तो कम है ही, साथ ही पावर स्टोरेज की लागत भी कम है। क्लोज्ड लूप पंप स्टोरेज परियोजना सस्ती, सुलभ व पूर्णतः नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करती है। टोरेंट पावर ने क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक ढांचे के उत्थान के लिए आस-पास के क्षेत्र में सीएसआर गतिविधियां संचालित करने का भी संकल्प लिया है।

 

 

जीबीसी में शामिल पीएसपी परियोजनाएं

 

कंपनी का नाम,  जनपद,  क्षमता (मेगावाट) निवेश

ग्रीनको एनर्जीज प्रा. लि., सोनभद्र, 3660,  ₹17,180.79 करोड़

टोरेंट पावर लि. (2 परियोजनाएं), सोनभद्र, 4150,  ₹24,200 करोड़

जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लि., सोनभद्र, 1200,  ₹5,530 करोड़

एसीएमई क्लीनटेक सॉल्यूशंस (2 परियोजनाएं), चंदौली व मिर्जापुर, 1500,  ₹6,561 करोड़

अवाडा वॉटर बैटरी प्राइवेट, सोनभद्र, 1120,  ₹6119 करोड़

अमुनरा इन्फ्राटेक एवं एग्रीटेक प्रा. लि., सोनभद्र, 1620,  ₹7374.57 करोड़

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