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कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, दिशा-निर्देश जारी


लखनऊ, 9 अप्रैल 2023 : कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। संक्रमण से बचाव एवं उपचार के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी चिकित्सा संस्थान, मेडिकल कालेज और जिला अस्पतालों को वार्ड आरक्षित करने से लेकर आक्सीजन और वेंटीलेटर की उपलब्धता परखी जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का दावा है कि कोरोना वायरस अब गंभीर स्थिति नहीं पैदा करेगा, यह हमारे बीच फ्लू की तरह बना रहेगा और अगले एक दो माह में नए मामले आने खत्म हो जाएंगे।

99 प्रतिशत से ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन मेंलोहिया संस्थान में बायोकेमेस्ट्री विभाग के डा. मनीष कुलश्रेष्ठ ने बताया कि होली के बाद से कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा हो रहा है। पर राहत की बात यह है कि 99 प्रतिशत से ज्यादा मरीज होम आइसोलेशन में हैं। अब कोई नया वैरिएंट आए, तब भी भारत में नई गंभीर लहर की संभावना न के बराबर है। उन्होंने कहा, ओमिक्रोन से मिले डाटा के आधार पर हमें मान लेना चाहिए कि भारत से महामारी अब लगभग समाप्ति की ओर है।

पिछली तीन लहर में प्राकृतिक संक्रमण और बड़ी संख्या में टीके की डोज से लोगों ने हाइब्रिड प्रतिरोधक क्षमता पाई है। हालांकि, स्वास्थ्य व फ्रंटलाइन कर्मचारी और गंभीर रूप से बीमार 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज जरूर लगवाना चाहिए। अब पहले वाले हालात कभी नहीं होंगेकेजीएमयू में मेडिसिन विभाग एडिश्नल प्रो. डी. हिमांशु कहते हैं, यह समझना होगा कि अब कोरोना से पहले वाले हालात कभी नही होंगे। यह कोविड वायरस कहीं जाएगा नहीं। यह आगे भी यहीं रहेगा।

ऐसे ही बीच-बीच में संक्रमितों की संख्या की संख्या ऊपर-नीचे होती रहेगी। तेजी से केस बढ़ेंगे और कुछ दिन बाद इसमें कमी आ जाएगी। लेकिन, कोरोना पूरी तरह से खत्म होना मुश्किल है। डा. हिमांशु के मुताबिक, कड़ी धूप और गर्मी अधिक होने के चलते लोगों का खुले वातावरण में निकलना कम हो रहा है। ऐसे में परिवार का कोई सदस्य संक्रमित होता है तो अन्य लोगों के चपेट में आने की संभावना अधिक होती है। उन्होंने कहा, किसी असाध्य रोग से पीड़ित व्यक्ति, जिनकी इम्युनिटी कमजोर है या फिर बुजुर्ग हैं, बच्चों और गर्भवती या फिर स्तनपान कराने वाली महिलाओं अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

डरे नहीं, खतरनाक नहीं होगा कोरोनाएसजीपीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान का कहना है कि आने वाले दिनों में हजारों की संख्या में रोजाना मामले सामने आ सकते हैं, जो कहीं ना कहीं चिंता का विषय तो है पर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। कोरोना वायरस भी अब हावी नहीं होगा, बल्कि यह एक आम वायरल और खांसी जुकाम की तर्ज पर सिमट कर रह जाएगा और लोगों को इससे किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होगा। लोग पांच से सात दिन में स्वस्थ हो रहे हैं। भारत में इम्युनिटी 98 फीसदी है। पर एहतियात बरतने की जरूरत है। जो लोग बूस्टर डोज न लगवाए हों उन्हें तत्काल वैक्सीनेशन करवाना चाहिए और घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगाएं।

24 घंटे में 23 संक्रमित

शुक्रवार को जहां इस साल एक दिन में रिकार्ड 50 संक्रमित मिले, वहीं शनिवार को 24 घंटे के भीतर 23 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई। अब सक्रिय मामलों की संख्या 177 पहुंच गई है। इस दौरान 12 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। सबसे ज्यादा कैसरबाग के आसपास छह लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। अलीगंज, रेडक्रास और चिनहट में तीन-तीन लोगों में वायरस की पुष्टि हुई है। आलमबाग, सरोजनीनगर और एनके रोड में दो-दो लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई है। बीकेटी, सिल्वर जुबली और टुडियागंज इलाके में एक-एक नए मरीज मिले हैं।

स्वास्थ विभाग ने बढ़ाई सख्ती

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने जांच रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब इमरजेंसी में भर्ती होने से पहले मरीज की कोविड जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा सर्जरी से पहले भी मरीज और तीमारदार की कोरोना जांच जरूरी है। मौजूदा समय में हर दिन करीब दो हजार संदिग्ध मरीजों की जांच हो रही है। हालांकि, इसमें इजाफा करने के लिए कहा गया है। बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु समेत अन्य अस्पतालों में इमरजेंसी मरीजों की भर्ती एंटीजेन जांच के बाद ही किया जाएगा।

संदिग्ध मरीजों को सलाह

लक्षण दिखने पर नजरअंदाज न करें, खुद को परिवार से अलग करें

डाक्टर की सलाह पर जांच कराएं और जरूरी दवाएं लें

मास्क लगाकर ही बाहर निकलें बाजार या किसी कार्यक्रम में जाने से परहेज करें

आक्सीमीटर रखें, कम से कम तीन बार आक्सीजन की जांच करें

पानी सहित तरल पदार्थ का खूब सेवन करेंघर पर ही योग करें

मौसमी फल और हरी सब्जी को भोजन में शामिल करें।


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